ब्याज पर ब्याज माफी: यहां जानिए आपके अकाउंट में बैंक से कितने पैसे वापस आएंगे


29 फरवरी 2020 तक ​पेमेंट डिफॉल्ट होने वाले लोन पर इसका लाभ ​नहीं मिलेगा.
29 फरवरी 2020 तक ​पेमेंट डिफॉल्ट होने वाले लोन पर इसका लाभ ​नहीं मिलेगा.

पिछले महीने सरकार ने 'ब्याज पर ब्याज' माफी का ऐलान किया था. आज से बैंक इसका लाभ देना शुरू कर देंगे. 2 करोड़ रुपये या इससे कम के लोन लेने वाले उधारकर्ताओं को केंद्र सरकार के इस स्कीम का लाभ मिलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 1:18 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दी गई जानकारी के मुताबिक, आज से बैंक अपने ग्राहकों को लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) की अवधि के लिए ब्याज पर ब्याज माफी की रकम भेजना शुरू कर देंगे. लोन अकाउंट (Loan Account) में भेजी जाने वाली यह रकम 1 मार्च से 31 अगस्त के बीच के लिए होगी. केंद्र सरकार ने पिछले महीने 23 तारीख को ब्याज पर ब्याज माफी के लिए एक स्कीम का ऐलान किया था. इस स्कीम का लाभ 29 फरवरी तक 2 करोड़ रुपये या इससे कम के हाउसिंग, एजुकेशन, ऑटो, पर्सनल या कंज्युमर लोन पर लागू होगा और इसका लाभ सभी उधारकर्ताओं को मिलेगा.

29 फरवरी 2020 तक नहीं होना चाहिए पेमेंट ​डिफॉल्ट
सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार, माफी की यह रकम लोन मोरेटोरियम के 6 महीनों के दौरान चकृवृद्धि ब्याज (Compound Interest) और साधारण ब्याज (Simple Interest) के बीच का अंतर होगा. यह गणना उन सभी उधारकर्ताओं पर लागू होगा, जिन्होंने लोन मोरेटोरियम का लाभ लिया है या जिन्होंने नहीं लिया है. कुछ समय के लिए ही लोन मोरेटोरियम का लाभ लेने वाले उधारकर्ताओं पर भी यही गणना लागू होगी. ब्याज माफी का लाभ उन लोन पर नहीं मिलेगा, जो 29 फरवरी या इससे पहले​ डिफॉल्ट घोषित किए जा चुके हैं.

कितना मिलेगा लाभ?
ऐसे में अगर आपने भी किसी प्रकार का लोन लिया है और आपका लोन अकाउंट स्टैंडर्ड लोन अकाउंट है यानी आपने 29 फरवरी तक पेमेंट डिफॉल्ट नहीं किया है तो यह जरूर जानना चाहेंगे कि ब्याज माफी से आपको कितना लाभ मिलेगा. लाभ की यह रकम कई बातों पर निर्भर करेगी. आइए हम इसे तीन उदाहरण की मदद से समझते हैं और जानने की कोशिश करते हैं कि आपको कितना लाभ मिल सकता है.



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केस 1- होम लोन: मान लीजिए कि एक व्यक्ति ने 20 साल के लिए 8.5 फीसदी की दर से 50 लाख रुपये का लोन लिया है. लोन की इस रकम पर पहली 12 मासिक किस्त (EMI) भरी जा चुकी है. लोन मोरेटोरियम की अवधि के दौरान 13वीं से लेकर 18वीं EMI को टाल दिया गया है. इस स्थिति में कुल चक्रवृद्धि ब्याज 2,11,993 रुपये और साधारण ब्याज 2,08,270 रुपये का होगा. इस हिसाब से बैंक की ​तरफ से उन्हें 3,723 रुपये 'ब्याज पर ब्याज' माफी के तौर पर मिलने चाहिए.

केस 2- कार लोन: मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 6 साल के लिए 10 फीसदी की दर से 10 लाख रुपये का लोन लिया है. लोन की इस रकम पर पहली 12 EMI भरी जा चुकी है. लोन मोरेटोरियम की अवधि के दौरान 13वीं से लेकर 18वीं EMI को टाल दिया गया है. इस स्थिति में 6 महीने के दौरान कुल चक्रवृद्धि ब्याज 44,514 रुपये और साधारण ब्याज 43,596 रुपये होगा. इसका मतलब है कि इस व्यक्ति को कुल 917 रुपये का लाभ मिलना चाहिए.

केस 3- पर्सनल लोन: इस तीसरे व्यक्ति ने 13 फीसदी की दर से 4 साल के लिए 5 लाख रुपये का लोन लिया है. इस लोन पर भी पहली 12 EMI को चुकाया जा चुका है. लोन मोरेटोरियम की अवधि के दौरान 13वीं से लेकर 18वीं EMI को टाल दिया गया. इस स्थिति में 6 महीने के दौरान कुल चक्रवृद्धि ब्याज 26,587 रुपये और साधारण ब्याज 25,877 रुपये होगा. इसका मतलब है कि इस व्यक्ति को कुल 710 रुपये का लाभ मिलना चाहिए.

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ब्याज दर को लेकर ये है शर्त
आपको यह भी ध्यान देना होगा कि नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के अनुसार, लोन के लिए यह ब्याज 29 फरवरी 2020 तक की दर पर ही जोड़ी जाएगी. इसका मतलब है कि अगर इसके बाद ब्याज दरें घट या बढ़ भी जाती हैं तो इस दर पर ब्याज माफी की रकम नहीं जोड़ी जाएगी. ऐसे में अगर आपके होम लोन 29 फरवरी तक 8.5 फीसदी की दर से ब्याज देना पड़ रहा था और इसके बाद ब्याज दर घटकर 7.25 फीसदी पर आ गया तो इसके बाद भी ब्याज 8.5 फीसदी की माना जाएगा.
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