अभी तक आपके बैंक की तरफ से नहीं आया लोन मोरेटोरियम का पैसा? जानिए क्या हो सकती है गड़बड़ी

 1 मार्च से लेकर 31 अगस्त के बीच के लिए बकाये लोन पर ही इस स्कीम का लाभ मिलेगा.
1 मार्च से लेकर 31 अगस्त के बीच के लिए बकाये लोन पर ही इस स्कीम का लाभ मिलेगा.

Interest Waiver: कोविड-19 संकट के दौरान RBI ने 1 मार्च से लेकर 31 अगस्त के लिए लोन मोरेटोरियम लाभ देने का ऐलान किया था. 6 महीने की इस अवधि के दौरान 'ब्याज पर ब्याज' की रकम वापस करने के लिए केंद्र सरकार ने सहमति जताई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 14, 2020, 8:08 PM IST
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नई दिल्ली. बैंकों की तरफ से इसी महीने लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) की अवधि के दौरान 'ब्याज पर ब्याज' माफी की रकम खातों में वापस भेजा जाना  शुरू हो चुका है. 2 करोड़ रुपये तक के व्यक्तिगत और छोटे कारोबार के लोन ही इस कैशबैक के लिए योग्य हैं. लेकिन, क्या आपने भी लोन मोरेटोरियम के लिए आवेदन किया था लेकिन आपके खाते में भी अभी तक यह पैसा नहीं आया है? आइए जानते हैं इसका क्या कारण हो सकता है.

क्या है ब्याज पर ब्याज माफी की यह स्कीम?
कोविड-19 संकट के दौरान RBI ने 1 मार्च से लेकर 31 अगस्त के लिए लोन मोरेटोरियम लाभ देने का ऐलान किया था. 6 महीने की इस अवधि के दौरान 'ब्याज पर ब्याज' की रकम वापस करने के लिए केंद्र सरकार ने सहमति जताई थी. सरकार की तरफ इस स्कीम का लाभ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, एजुकेशन, हाउसिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, क्रेडिट कार्ड बकाया, ऑटो, पर्सनल व प्रोफेशनल और कंज्म्पशन लोन पर देने का ऐलान किया था.

क्या है शर्त?
इसके लिए शर्त ये है कि 29 फरवरी 2020 तक लोन अकाउंट स्टैंडर्ड होना चाहिए, यानी इस तारीख तक लोन अकाउंट एनपीए नहीं घोषित हुआ हो. 1 मार्च से लेकर 31 अगस्त के बीच के लिए बकाये लोन पर ही इस स्कीम का लाभ मिलेगा. वित्त मंत्रालय ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी है.



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बैंक इसके लिए रजिस्टर्ड मोबाइल पर SMS के जरिए ग्राहकों को इस बारे में सूचना भी दे रहे हैं. इससे ग्राहकों को जानकारी मिल रही है कि वो कितनी रकम प्राप्त करने के लिए योग्य हैं या कितनी रकम उन्हें मिली है.

जिन लोगों ने लोन मोरेटोरियम के विकल्प को चुना था, उन्हें केवल साधारण ब्याज (Simple Interest) ही चुकाना होगा. चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) की रकम वित्तीय संस्थान द्वारा माफ कर दिया जाएगा. हालांकि, यह अगर किसी उधारकर्ता ने इस अवधि के दौरान रिपेमेंट नहीं किया तो वो कैशबैक के लिए योग्य नहीं होंगे. सरकार ने इस स्कीम को कुछ इस तरह से तैयार किया है ताकि जिन उधारकर्ता ने समय भी पेमेंट कर दिया तो वो इस लाभ से ​वंचित न रहेंं.

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बैंकों की तरफ से उधारकर्ताओं के खाते में कैशबैक की इस रकम को भेजा जा चुका है. अगर किसी उधारकर्ता ने लोन मोरेटोरियम की अवधिक के दौरान में भी अपना रिपेमेंट जारी रख है तो वो भी सरकार की तरफ से इस कैशबैक के रूप में अनुग्रह राशि प्राप्त करने के योग्य हैं. 'ब्याज पर ब्याज' माफी की रकम कैलकुलेट कर उनके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
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