सुरक्षित भविष्य के लिए यहां करें निवेश, मिलता है पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं से अधिक ब्याज, साथ में सरकारी गारंटी

जब आप अपनी जमा पर अधिक रिटर्न पाना चाहते हैं, तो स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) काफी बेहतर साबित हो सकता है.

वेतनभोगी कर्मचारियों के पास निवेश के लिए कई सारे निवेश विकल्प (Investment Planning) हैं, लेकिन जब आप अपनी जमा पर अधिक रिटर्न पाना चाहते हैं, तो स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) काफी बेहतर साबित हो सकता है.

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    नई दिल्ली. वेतनभोगी कर्मचारियों के पास निवेश के लिए कई सारे निवेश विकल्प (Investment Planning) है, लेकिन जब आप अपनी जमा पर अधिक रिटर्न पाना चाहते हैं, तो स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) काफी बेहतर साबित हो सकता है. भारत सरकार देश के लोगों को प्रोविडेंट फंड्स की सुविधा देती है, ताकि वह लंबी अवधि में निवेश कर के अपने रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा अमाउंट तैयार कर सकें. इनमें से ही एक है वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड (Voluntary Provident Fund) यानी ईपीएफ (VPF), जिसमें निवेश कर के शादार ब्याज पाया जा सकता है. इस प्रोविडेंट फंड का मुख्य मकसद है लोगों को रिटायरमेंट के लिए पैसे जमा करने में मदद करना, इसलिए इसे वॉलेंटरी रिटायरमेंट फंड (Voluntary Retirement Fund) भी कहा जाता है. आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ-

    क्या होता है वॉलेंटरी प्रोविडेंट फंड
    Voluntary retirement fund (VPF) असल में EPF ही है, लेकिन यह कर्मचारी को अपने रिटायरमेंट फंड के लिए अधिक राशि का योगदान करने की अनुमति प्रदान करता है. वीपीएफ में ब्याज दर ईपीएफ के समान ही होती है. मौजूदा वित्त वर्ष के लिए ईपीएफ की ब्याज दर को 8.5 फीसद पर बरकरार रखा गया है. यह ब्याज दर स्माल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) द्वारा प्रदान की जारी ब्याज दर से काफी अधिक है. यही कारण है कि एक्सपर्ट्स निवेशकों से वीपीएफ में निवेश करने की सलाह देते हैं.

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    सरकारी गारंटी भी मिलती है
    वित्त वर्ष 2020-21 में सरकार ने 8.5 फीसदी ब्याज दिया था. अब अगर इसकी तुलना बाकी सेविंग के तरीकों से करें, जैसे 5 साल की बैंक एफडी, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, पीपीएफ और पीएम वय वंदन योजना तो वीपीएफ में इन सभी से अधिक ब्याज मिलता है. ऊपर से सरकारी गारंटी भी मिलती है.

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    मिलेगी टैक्स पर छूट
    वीपीएफ में किए गए 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर आयकर अधिनियम की धारी 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है. इस पर कमाए गए रिटर्न पर भी टैक्स नहीं लगता है, अगर आप कम से कम 5 साल तक लिए निवेश रखते हैं. वहीं जब आप 5 साल बाद मेच्योरिटी पर पैसे निकालते हैं तो भी आपको पैसों पर टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है. हालांकि, अगर आप वीपीएफ में 2.5 लाख रुपये से अधिक का निवेश करते हैं तो उसके ब्याज पर आपको टैक्स चुकाना होगा, जो व्यवस्था बजट 2021 में की गई है.