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Good News :  महामारी कम होने के साथ देश में बढ़ने लगा Investment, तेजी से मिलेंगी नौकरियां!

बजट-2022 में सरकार का फोकस पूंजीगत खर्च पर रहा है. इसलिए आने वाले समय में नए निवेश में तेजी आएगी.

बजट-2022 में सरकार का फोकस पूंजीगत खर्च पर रहा है. इसलिए आने वाले समय में नए निवेश में तेजी आएगी.

Investment Mood Rebounds : महामारी कम होने के साथ निवेश के मोर्चे पर सुधार तो दिख रहा है, लेकिन यह अब भी प्री-कोविड लेवल से कम है. इसकी प्रमुख वजह पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) में सुधार की संभावनाओं में गिरावट है. हालांकि, इस दौरान नई परियोजनाओं तेजी देखने को मिली है.

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नई दिल्ली. महामारी कम होने के साथ निवेश (Investment) के मोर्चे पर सुधार तो दिख रहा है, लेकिन यह अब भी प्री-कोविड लेवल (Pre-Covid Level) से कम है. इसकी प्रमुख वजह पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) में सुधार की संभावनाओं में गिरावट है. हालांकि, इस दौरान नई परियोजनाओं (New Projects) में तेजी देखने को मिली है.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (Centre For Monitoring Indian Economy-CMIE) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च तिमाही के दौरान 5.1 लाख करोड़ रुपये की नई परियाजनाओं की घोषणा की गई है. यह आंकड़ा इससे पिछली तिमाही के मुकाबले 54 फीसदी और एक साल पहले की तुलना में दोगुना से ज्यादा है. इससे पता चलता है कि आर्थिक गतिविधियों (Economic Activities) में सुधार जारी है. निवेश के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है. निवेश बढ़ने से नौकरियों में भी तेजी आने की उम्मीद है.

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नया निवेश 70 फीसदी बढ़ा
लाइव मिंट के मुताबिक, महामारी के कारण वित्त वर्ष 2020-21 में नई परियोजनाओं की घोषणा 17 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई थीं. इसके बाद इसमें सुधार दिखा और वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान यह 70 फीसदी बढ़कर 14.3 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान 14.3 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की घोषणा की गई.

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पूंजीगत खर्च में अब भी गिरावट
हालांकि, पूंजीगत खर्च की गति अब तक महामारी पूर्व स्तर तक नहीं पहुंच पाई है. 2016 से 2019 तक हर साल औसत 19 लाख करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं की घोषणा हुई. देश में महामारी आने से पहले भी नए निवेश में वृद्धि धीमी रही थी. यानी 2016-17 और 2017-18 में इसमें गिरावट देखने को मिली. हालांकि, अगले दो साल में इसमें 5-6 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है.

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सरकारी निवेश में 18 फीसदी इजाफा
हाल ही में समाप्त वित्त वर्ष 2021-22 में प्राइवेट और सरकारी दोनों सेक्टर की कंपनियों (Private and Public Sector Companies) ने अपने-अपने महत्वपूर्ण पूंजीगत खर्च योजनाओं की घोषणा की. इसके तहत प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों की पूंजीगत खर्च दोगुना हो गया, जबकि सरकारी निवेश में 18 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आगे इसमें और तेजी आने की संभावना है.

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि केंद्रीय बजट-2022 (Union Budget 2022) में सरकार का फोकस पूंजीगत खर्च पर रहा है. इसलिए आने वाले समय में नए निवेश में तेजी आएगी. उन्होंने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) में नया निवेश 2021-22 में सालाना आधार पर 89 फीसदी बढ़ा है. इसमें उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना की भी भूमिका रही है. इसके अलावा, बिजली सेक्टर में भी नया निवेश करीब तीन गुना बढ़ी है, जबकि सर्विस सेक्टर में 10 फीसदी की वृद्धि देखी गई.

Tags: Central government, Covid epidemic, Indian economy, Investment

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