Investment Strategy : नए साल की शुरुआत में निवेश का यह तरीका अपनाएंगे तो होंगे मालामाल, जानें सबकुछ

निवेशकों को नए साल में इक्विटीज में अपना एलोकेशन बढ़ाना चाहिए.

निवेशकों को नए साल में इक्विटीज में अपना एलोकेशन बढ़ाना चाहिए.

मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट (Motilal Oswal Private Wealth Management) की रिपोर्ट में नए वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इनवेस्टमेंट स्ट्रेटजी (Investment Strategy) बताई गई . रिपोर्ट के मुताबिक, सालाना आधार पर निफ्टी 50 (Nifty 50) का वित्त वर्ष 21 में प्रति शेयर आय 15% जबकि वित्त वर्ष 22 में 33% बढ़ने का अनुमान है.

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  • Last Updated: March 31, 2021, 6:18 PM IST
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मुंबई. कल यानी एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष 2021-22 (New Financial Year) शुरू हो जाएगा. यदि आप भी नए साल में निवेश की नई प्लानिंग(Investment Planning) करना चाहते हैं तो इस रिपोर्ट पर ध्यान दें. मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट (Motilal Oswal Private Wealth Management) ने नए साल में निवेश के नए उपायों पर अल्फा स्ट्रैटेजिस्ट रिपोर्ट (Alpha Strategist Report) जारी की है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि सालाना आधार पर निफ्टी 50 (Nifty 50) का वित्त वर्ष 21 में प्रति शेयर आय 15% जबकि वित्त वर्ष 22 में 33% बढ़ने का अनुमान है. रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों को करीब 50% एकमुश्त और 50% रकम का निवेश चरणबद्ध तरीकों से अगले 3-6 महीनों में मल्टीकैप स्ट्रैटेजी और चुनिंदा मिड और स्मॉल कैप (म्युचुअल फंड, पीएमएस, एआईएफ) में करना चाहिए. ऐसा करके उन्हें इक्विटीज में आवंटन बढ़ाना चाहिए. रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशकों को अपने जोखिम स्टेटस के अनुसार उचित स्तर तक इक्विटी में निवेश बनाए रखना चाहिए. यदि यह तय किए गए स्तर से कम है तो उन्हें इसमें निवेश की रकम बढ़ानी चाहिए. नए निवेशकों को तेज गिरावट की स्थिति में इक्विटी में निवेश को बढ़ाना चाहिए.

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फिक्स्ड इनकम असेट क्लास में अपनाए बारबेल नीति

फिक्स्ड इनकम असेट क्लास में बारबेल नीति को अपनाना चाहिए, जहां ‘समयावधि’ के मुकाबले ‘बढ़ोतरी’ को प्राथमिकता देनी चाहिए और समग्र रूप से पोर्टफोलियो की मैच्योरिटी को 2-5 सालों के बीच रखना चाहिए. निवेशकों को रिटर्न में जोखिम के स्तर को देखते हुए लाॅन्ग टर्म रुख अपनाना चाहिए. लगभग 75% से 80% फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो को शॉर्ट से मीडियम टर्म (2-5 साल की परिपरक्वता) बढ़ोतरी की रणनीति के आधार पर तय करना चाहिए, जिसमें निवेश की अवधि तीन वर्षों की हो. वहीं लगभग 15%-20% आवंटन लॉन्ग मैच्योरिटी और हाई क्वालिटी रॉल डाउन स्ट्रैटेजी के मुताबिक होना चाहिए जिसमें निवेश की न्यूनतम समयावधि 5 वर्षों की होनी चाहिए.



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25% आवंटन चुनिंदा क्रेडिट रिस्क फंड एमएलडी, एनसीडी में भी करें

पोर्टफोलियो रिटर्न बढ़ाने के लिए मध्यम से ऊच्च जोखिम क्षमता वाले निवेशक 20%-25% आवंटन चुनिंदा क्रेडिट रिस्क फंड एमएलडी, एनसीडी और अधिक यील्ड रणनीति में लगानी चाहिए. नकदी प्रबंधन या अस्थायी जमा के लिए निवेश को आर्बिट्रेज या यूएसटी (न्यूनतम छह महीने) या लिक्विड (तीन महीने से कम) में चरणबद्ध तरीके से लगाना चाहिए. अत्यधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति में गोल्ड को मुख्य तौर पर हेजिंग के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए. निवेशक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स, गोल्ड फंड्स और डिजिटल गोल्ड में निवेश कर सकते हैं.

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कॉरपोरेट आय में मजबूती की उम्मीद

मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष शंकर ने कहा कि, “वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में कॉरपोरेट आय में आई मजबूती की गति वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में भी उम्मीद से बेहतर PAT (कर पश्चात लाभ) ग्रोथ और अर्निंग अपग्रेड के साथ बने रहने की उम्मीद है. निफ्टी 50 कंपनियों के लिए सालाना 7% कर पश्चात लाभ ग्रोथ का अनुमान था जो वास्तविकता में 22% रहा. आय में आई यह रिकवरी घरेलू बाजार की गति को मजबूती देगी जो कि अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है. राजस्व विस्तार और पूंजीगत खर्च में इजाफा किए जाने की सरकार की नीति निजी निवेश में सुधार को लाने में सफल रहा है.
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