• associate partner

...तो क्या पतंजलि, जियो, BYJUS जैसी कंपनियों को पछाड़ Tata Sons को मिल जाएगी IPL 2020 की स्पॉन्सरशिप!

...तो क्या पतंजलि, जियो, BYJUS जैसी कंपनियों को पछाड़ Tata Sons को मिल जाएगी IPL 2020 की स्पॉन्सरशिप!
..तो क्या पतंजलि, BYJUS जैसे कंपनी को पछाड़, टाटा को मिल जाएगी IPL Sponsorship

इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League -IPL) की स्पॉन्सरशिप की रेस में जितनी भी कंपनियां शामिल हैं, उनमें टाटा संस (Tata Sons) सबसे आगे चल रही है. इस रेस में जो अन्य कंपनियां शामिल हैं, उनमें पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurveda) और जियो (Jio) के अलावा और कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League -IPL) की स्पॉन्सरशिप की रेस में जितनी भी कंपनियां शामिल हैं, उनमें टाटा संस (Tata Sons) सबसे आगे चल रही है. इस रेस में जो अन्य कंपनियां शामिल हैं, उनमें पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurveda) और जियो (Jio) के अलावा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म बायजूस (Byjus) और अनअकैडमी (Unacademy) फंतासी स्पोर्ट्स फर्म ड्रीम 11 (fantasy sports firm Dream11) शामिल हैं. इन सभी कंपनियों ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (Board of Control for Cricket in India-BCCI) को अपना Expression of Interest (EOI) भेज दिया है. ये कंपनियां इस साल चीनी मोबाइल फोन कंपनी वीवो की जगह लेने के लिए इस दौड़ में शामिल हैं. किसी भी कंपनी का चयन पूरी तरह से अधिक बोली लगाने पर नहीं होगा, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी के लीग के ब्रांड वैल्यू पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

टाटा संस को IPL की स्पॉन्सरशिप मिलने का ज्यादा मौका 
लाइव मिंट में छपी खबर के मुताबिक, ब्रांड विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा जैसी बड़ी फर्म के स्पॉन्सरशिप से अच्छा असर पड़ेगा. इसमें विदेशी निवेश भी है और अपेक्षाकृत कम ब्रांड इक्विटी है. सभी कंपनियां 200 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान करने के लिए तैयार हैं. इसमें टाटा संस बेहतर ब्रांड है क्योंकि यह गैर-विवादास्पद (non-controversial) ब्रांड है. इसकी छवि साफ सुथरी है. BCCI की कोशिश है कि चीनी मोबाइल निर्माता कंपनी वीवो इंडिया के हटने के बाद हुए नुकसान की वो 75 फीसदी तक भरपाई कर ले. वीवो से BCCI को हर साल 440 करोड़ रुपये की कमाई होती थी.

इन ब्रांड्स का स्पोंसर बनाने का कम है चांस 
BCCI को यह बताना जरूरी हो जाता है कि वो किस घरेलू कंपनी का स्पॉन्सशिप के लिए चयन करती है. ड्रीम 11 भी रेस में चल रही है, लेकिन इसके साथ अड़चन यह है कि इसमें तीन इंटरनेट स्टार्टअप्स ने विदेशी निवेश किया है. जिसमें चीनी फर्म टेनसेंट होल्डिंग्स (Tencent Holdings) से फंड जुटाए गए हैं. इस बीच बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद भी कोरोननिल दवा को लेकर विवादों में घिर गई थी. पतंजलि पर क्लीनिकल ट्रायल के मानदंडों के उल्लंघन का आरोप लगा था. ऐसा लगता है कि यह ब्रांड IPL के साथ बिल्कुल फिट नहीं है. इसी तरह जियो की मालिकाना हक वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है. RIL कंपनी आईपीएल फ्रेचाइजी मुंबई इंडियंस की पेरेंट कंपनी है. कुल मिलाकर रेस में शामिल कंपनियों में टाटा संस BCCI के लिए फिट बैठती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज