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जल्द ही इंदौर-वाराणसी रूट पर चलेगी तेजस ट्रेन, इस तारीख से हो सकती है शुरुआत

पीटीआई
Updated: February 1, 2020, 11:00 PM IST
जल्द ही इंदौर-वाराणसी रूट पर चलेगी तेजस ट्रेन, इस तारीख से हो सकती है शुरुआत
पहले से चल रही तेजस की तरह ये चेयरकार नहीं बल्कि स्लीपर कोच वाली ट्रेन होगी

दिल्ली-लखनऊ (Delhi-Lucknow) और अहमदाबाद-मुंबई (Ahmedabad-Mumbai) मार्गों पर तेजस ट्रेन चलाई जा रही है जिसका संचालन ‘भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम’ (आईआरसीटीसी) कर रहा है. ये तीसरी ट्रेन इंदौर-वाराणसी मार्ग पर चलेगी.

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नई दिल्ली. आईआरसीटीसी (IRCTC) की तीसरी निजी ट्रेन वाराणसी (Varanasi) और इंदौर (Indore) के बीच चलाई जाएगी. इस ट्रेन के डिब्बे पहले से चल रही दो तेजस ट्रेनों (Tejas Train) की तर्ज पर होंगे. बता दें दिल्ली-लखनऊ (Delhi-Lucknow) और अहमदाबाद-मुंबई (Ahmedabad-Mumbai) मार्गों पर तेजस ट्रेन चलाई जा रही है जिसका संचालन ‘भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम’ (आईआरसीटीसी) कर रहा है. ये तीसरी ट्रेन इंदौर-वाराणसी मार्ग पर चलेगी. रात में सफर करने वाली इस ट्रेन के डिब्बे हमसफर की तरह ही होंगे.

अधिकारियों ने जानकारी दी है कि ये ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी. इसमें दो दिन ये लखनऊ होते हुए जबकि एक दिन इलाहाबाद होकर वाराणसी पहुंचेगी. हालांकि पहले से चल रही तेजस की तरह ये चेयरकार नहीं बल्कि स्लीपर कोच वाली ट्रेन होगी. अधिकारियों ने जानकारी दी है कि आईआरसीटीसी की ये पहली स्लीपर कोच वाली ट्रेन 20 फरवरी से शुरू हो सकती है.

जल्द ही निजी कंपनियां करेंगी ट्रेनों का संचालन
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने जानकारी दी कि रेलवे की योजना है कि जल्द ही निजी कंपनियों द्वारा 150 ट्रेनों का संचालन किया जाए. इसके लिए प्रयास जारी हैं तब तक इनका संचालन आईआरसीटीसी ही करेगा.

बता दें लखनऊ-नई दिल्ली मार्ग पर अक्टूबर से ही तेजस ट्रेन की शुरुआत हो गई थी जबकि इसी साल 19 जनवरी से अहमदाबाद-मुंबई के बीच तेजस ट्रेन की शुरुआत हो गई है. ये ट्रेन गुरुवार को छोड़कर हफ्ते में 6 दिन चलती है.

बजट में रेलवे से जुड़े कई बड़े ऐलान
सरकार ने फल और सब्जी जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों की ढुलाई के लिये किसान रेल का प्रस्ताव किया है. इसके तहत इन उत्पादों को रेफ्रिजरेटेड डिब्बों में ले जाने की सुविधा होगी. सरकार का चुनिंदा मेल एक्सप्रेस और मालगाड़ियों के जरिये जल्द खराब होने वाले सामान की ढुलाई के लिये रेफ्रिजरेटेड पार्सल वैन का भी प्रस्ताव है.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेल पटरियां बिछाने के साथ ही सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव दिया तथा कहा कि पर्यटक स्थलों को जोड़ने के लिए तेजस की तरह की और ट्रेनों को चलाया जाएगा.

केंद्रीय बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे 2023 तक पूरा हो जाएगा तथा चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे भी बनाया जाएगा.

रेलवे को मिली करोड़ों की सौगात
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘150 ट्रेनें पीपीपी (सार्वजनिक निजी भागीदारी) तरीके से चलाई जाएंगी, साथ ही चार स्टेशनों को निजी क्षेत्र की मदद से पुन: विकसित किया जाएगा. रेलवे स्टेशनों पर 550 वाईफाई सुविधाएं दी गई हैं.’’

बजट 2020-21 में 12,000 करोड़ रुपये नयी लाइनों को बिछाने के लिए, 2,250 करोड़ रुपये अमान परिवर्तन के लिए, 700 करोड़ दोहरीकरण, 5,786.97 करोड़ रुपये रेल के डिब्बे एवं इंजन और 1,650 करोड़ रुपये सिग्नल और दूरसंचार के लिए आवंटित किए गए हैं.

इस वर्ष रेल यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 2,725.63 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है.

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First published: February 1, 2020, 10:52 PM IST
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