इंश्योरेंस पॉलिसी का सरेंडर और रिवाइवल होगा आसान, जारी हुए नए दिशानिर्देश

इंश्योरेंस पॉलिसी का सरेंडर और रिवाइवल होगा आसान, जारी हुए नए दिशानिर्देश
इंश्योरेंस पॉलिसी सरेंडर के बाद 90% तक मिल सकेगा पैसा

भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण (IRDA) ने बीमा पॉलिसी के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके लागू होते ही इंश्योरेंस पॉलिसी को बंद करना या बंद पॉलिसी को दोबारा चालू करना आसान हो जाएगा.

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अगर आपने इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी है या फिर आप अपनी पॉलिसी सरेंडर करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है. अब इंश्योरेंस पॉलिसी को बंद करना या बंद इंश्योरेंस पॉलिसी को दोबारा चालू करना आसान होगा. दरअसल, भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण (IRDA) ने बीमा पॉलिसी के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके लागू होते ही इंश्योरेंस पॉलिसी को बंद करना या बंद पॉलिसी को दोबारा चालू करना आसान हो जाएगा. ऐसे में पॉलिसी होल्डर को 7 साल तक पॉलिसी चलाने के बाद बंद करने पर 90 प्रतिशत तक पैसा वापस मिल जाएगा.

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, पारंपरिक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में पॉलिसी होल्डर की मौत होने पर मिनिमम सम एश्योर्ड सालाना प्रीमियम के सात गुना से कम नहीं होगी, पहले यह दस गुना था. वहीं एकल प्रीमियम पॉलिसी में यह सम एश्योर्ड राशि के 1.25 गुना से कम नहीं होगी. एकल प्रीमियम उत्पादों के अलावा मिनिमम डेथ बेनिफिट कुल प्रीमियम संग्रह के 105 फीसदी से कम नहीं होगा. ये भी पढ़ें: इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में नहीं हुआ कोई बदलाव!





इमरजेंसी में 25 फीसदी आंशिक निकासी
हिंदुस्तान अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इरडा ने बंद पड़ी बाजार से जुड़ी इंश्योरेंस पॉलिसी को दोबारा शुरू कराने की अवधि दो से तीन वर्ष, और पारंपरिक इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के लिए 5 साल कर दी है. अगर कोई लिंक्ड पॉलिसी रिवाइवल करानी है, तो बीमा कंपनी के पास इसे तीन साल के भीतर दोबारा शुरू करने का विकल्प होगा. अगर कोई यूलिप इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ राइडर लेता है, तो यह पैसा उसकी एनएवी से नहीं काटा जाएगा, बल्कि प्रीमियम के रूप में वसूला जाएगा. इरडा के नए नियमों के बाद अब पेंशन उत्पादों में ज्यादा आंशिक निकासी कर सकेंगे. इमरजेंसी में 25 फीसदी आंशिक निकासी हो सकेगी.

समय के साथ बढ़ेगी सरेंडर वैल्यू 
इरडा के मुताबिक, पारंपरिक मनी बैक प्लान के तहत इंश्योरेंस कंपनियां पॉलिसी होल्डर्स के लगातार दो साल प्रीमियम अदा करने के बाद सरेंडर वैल्यू दे सकेगी. अगर दूसरे ही साल पॉलिसी सरेंडर होती है तो कुल प्रीमियम का कम से कम 30 फीसदी भुगतान करना होगा. तीसरे साल में यह 35 फीसदी, चौथे से सातवें साल के बीच यह 50 फीसदी होगा. इसके बाद सरेंडर वैल्यू 90 फीसदी तक जा सकती है.

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