खुशखबरी! IRDAI ने इंश्योरेंस को लेकर बदले ये नियम, आम आदमी को होगा फायदा

इरडा ने नए दिशानिर्देश जारी किए

बीमा नियामक इरडा ने स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. अलग-अलग बीमा कंपनियां अलग-अलग तरह के हेल्थ इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स की पेशकश करती हैं. इसी परेशनी को खत्म करते हुए नए रूल्स बनाए गए हैं.

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    नई दिल्ली. बीमा नियामक इरडा ने स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. अलग-अलग बीमा कंपनियां अलग-अलग तरह के हेल्थ इंश्योरेंस प्रॉडक्ट्स की पेशकश करती हैं. हर प्रॉडक्ट के अलग फायदे होते हैं और उनकी अलग-अलग शर्तें होती हैं. इससे आम लोगों को काफी परेशानी होती हैं उन्हें समझ नहीं आता की वो कौनसी पॉलिसी लें. इसको देखते हुए बीमा नियामक इरडा (IRDAI) ने सभी बीमा कंपनियों को एक लाख से पांच लाख रुपये तक का स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध कराने को कहा.

    'आरोग्य संजीवनी पॉलिस' होगा नाम
    इरडा ने कहा, ‘हेल्थ इंश्योरेंस बाजार में इंडिविजुअल पॉलिसीज के कई तरह के प्रॉडक्ट उपलब्ध हैं. हर उत्पाद के फीचर अपने आप में अलग हैं जिसके कारण सही प्रॉडक्ट चुनना लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अत: अथॉरिटी सभी जनरल व हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर रहा है कि वे मानक व्यक्तिगत चिकित्सा बीमा (स्टैंडर्ड इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस) प्रॉडक्ट की पेशकश करें.’ इरडा ने कहा कि इस उत्पाद का नाम आरोग्य संजीवनी पॉलिसी होगा और इसके बाद कंपनियां अपना नाम जोड़ सकती हैं. दस्तावेजों में इसे छोड़ किसी अन्य नाम का जिक्र नहीं होना चाहिए. यह उत्पाद उपभोक्ताओं की बेसिक हेल्थ से जुड़ी जरूरतों की कवरेज देगा.

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    न्यूनतम एक लाख का कवर?
    इसके तहत अधिकतम पांच लाख रुपये और न्यूनतम एक लाख रुपये का कवरेज होगा. इरडा ने कहा कि इस मानक उत्पाद में अनिवार्य तौर पर आधारभूत चिकित्सा जरूरतों की कवरेज होगी. इसमें किसी प्रकार के ऐड-ऑन या वैकल्पिक कवरेज की पेशकश नहीं होगी. कंपनियां इरडा के दिशानिर्देशों के दायरे में रहते हुए प्रस्तावित कवरेज के आधार पर इस मानक उत्पाद की कीमतें निर्धारित कर सकती हैं.

    ये चार्जेज होंगे शामिल?
    इसके तहत अनिवार्य आधारभूत चिकित्सा जरूरतों की कवरेज के दायरे में अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, एक सीमा तक मोतियाबिंद के इलाज का खर्च, किसी बीमारी या चोट के कारण आवश्यक प्लास्टिक सर्जरी या दांतों के इलाज का खर्च, सभी प्रकार का डे-केयर इलाज तथा प्रति भर्ती पर अधिकतम दो हजार रुपये का ऐंबुलेंस शुल्क कवर होगा.

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    बीमा के लिए 18 साल और अधिकतम उम्र 65 साल आयुसीमा
    आयुष योजना के तहत होने वाली भर्ती का खर्च, अस्पताल में भर्ती होने के 30 दिन पहले तक का खर्च तथा अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 60 दिन बाद तक का खर्च भी इसके तहत कवर होगा. नियामक ने मानक चिकित्सा बीमा योजना चुनने की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 65 साल तय की है. इसे पूरे जीवनकाल में नवीकृत किया जा सकेगा. नियामक ने कहा कि यह बीमा उत्पाद पोर्टेबल होगा तथा इसका प्रीमियम राज्यों या क्षेत्रों के आधार पर अलग-अलग नहीं होकर पूरे देश में एकसमान होगा. नियामक ने कहा कि इस उत्पाद को एक अप्रैल 2020 से पेश करना होगा.

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