IRDAI ने हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर कंपनियों को दिया ये निर्देश, आपको भी जानना है जरूरी

 हेल्थ इंश्योरेंस

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अब समय-समय पर इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से पॉलिसीहोल्डर्स को उनकी पॉलिसी से जुड़ी जानकारी दी जाएगी. इरडा ने इंश्योरेंस कंपनियों को निर्देश देते हुए कहा है कि इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए. इसमें कुछ जरूरी जानकारियों को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.

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नई दिल्ली. इंश्योरेंस कंपनियां अब पॉलिसीधारक को हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में नियमित रूप से अपडेट और अन्य जानकारी देती रहेंगी. वर्तमान में भी पॉलिसी डॉक्युमेंट में जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है. लेकिन, अब पॉलिसीहोल्डर्स के साथ सपंर्क में रहने और प्रमुख जानकारियों को सुनिश्चित करने के लिए इरडा ने यह फैसला लिया है. दरअसल, इरडा को यह महसूस हुआ कि अब पॉलिसीहोल्डर्स को उनके हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में कुछ प्रमुख जानकारियां समय-समय पर देते रहना चाहिए. इरडा ने सभी इंश्योरेंस कंपनियों को इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है. उन्हें 1 जून 2021 से पहले इसे पूरा कर लेना है.

आमतौर पर हेल्थ इंश्योरेंस किसी भी पॉलिसीहोल्डर और इंश्योरेंस कंपनी के बीच एक सालाना कॉन्ट्रैक्ट होता है. कुछ मामलों में यह कई सालों के लिए भी होता है. हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के बाद जब पॉलिसीहोल्डर प्रीमियम का भुगतान करता है तो इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से उन्हें पॉलिसी डॉक्युमेंट भेजी जाती है. इसी डॉक्युमेंट में पॉलिसी की नियम व शर्तों समेत प्रीमियम की रसीद और टैक्स सर्टिफिकेट शामिल होता है. इसके लिए इरडा द्वारा तय किए गए कुछ जरूरी जानकारियों को देना अनिवार्य होता है.

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पॉलिसीहोल्डर्स तक अब पूरी जानकारी मुहैया कराना सुनिश्चित करने के लिए इरडा ने इन बातों को नोटिफाई किया है. सभी जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को पॉलिसी सर्विसिंग के तौर पर हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में बेसिक जानकारी देना अनिवार्य होगा.
>> इसमें प्रोडक्ट का नाम और पॉलिसी नंबर होना चाहिए.

>> उपलब्ध एश्योर्ड रकम का कितना कवरेज उपलब्ध है और उसपर कुल कितना बोनस बनता है, इस बारे में भी जानकारी होनी चाहिए.

>> पॉलिसी के अंतर्गत इंश्योर्ड लोगों की संख्या.

>> पॉलिसी की अवधि.

>> अगर किसी तय अवधि के अंदर क्लेम सेटलमेंट हुआ है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी.

>> अगर इंश्योरेंस के तहत कोई रकम अभी भी बैलेंस में और उसपर जमा बोनस के बारे में भी जानकारी देनी होगी.

>> प्रीमियम बकाये की तारीख और उसकी फ्रिक्वेंसी के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए.

>> रिन्यूवल के समय बकाये प्रीमियम की जानकारी. इसे रिन्युवल के समय देनी होगी.

>> रिन्युवल के बकाये की तारीख से ग्रेस पीरियड की रकम.

>> कॉन्टैक्ट डिटेल्स. इसमें इंश्योरेंस कंपनी की कस्टमर सपोर्ट सर्विस, टोल फ्री नंबर और ई-मेल आईडी आदि के बारे में जानकारी होनी चाहिए.

सभी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीहोल्डर्स पर लागू होगा यह नियम
इंश्योरेंस कंपनियों को छूट होगी कि को पॉलिसीहोल्डर्स से संपर्क करने के​ लिए मैसे, ई-मेल, लेटर आदि में से किसी भी विकल्प को चुन सकते हैं. ऐसे में एक पॉलिसीहोल्डर के तौर पर आपके लिए जरूरी है कि कंपनी के रिकॉर्ड में अपनी ई-मेल आईडी अपडेट रखें. यह नियम सभी तरह के व्यक्तियों के लिए होगा, जिन्होंने हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ली है.

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इंश्योरेंस कंपनी की ओर से पॉलिसीहोल्डर्स को साल में दो बार यह जानकारी दी जाएगी. इंश्योरेंस पॉलिसी जारी होने के 6 महीने के बाद और फिर रिन्युवल डेट से एक महीने पहले. हालांकि, अगर पॉलिसी कई सालों के लिए है तो पॉलिसी जारी होने के हर 6 महीने बाद यह जानकारी पॉलिसीहोल्डर को उपलब्ध करानी होगी.
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