कोविड-19 का इलाज कराने वालों को बड़ी राहत! बीमा कंपनियां क्लेम भुगतान से नहीं कर सकतीं इनकार

Covid-19 के इलाज पर IRDAI का बड़ा फैसला

Covid-19 के इलाज पर IRDAI का बड़ा फैसला

कोविड-19 महामारी (covid-19) के बीच इरडा ने इंश्योरेंस धारकों (Insurance Holders) को बड़ी राहत दी है. आईआरडीएआई (IRDAI) ने अब जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को आदेश देते हुए कहा है कि कोविड-19 के क्लेम्स को जल्द से जल्द निपटाया जाएगा.

  • Share this:
नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी (covid-19) के बीच इरडा ने इंश्योरेंस धारकों (Insurance Holders) को बड़ी राहत दी है. आईआरडीएआई (IRDAI) ने अब जनरल इंश्योरेंस कंपनियों को आदेश देते हुए कहा है कि कोविड-19 के क्लेम्स को जल्द से जल्द निपटाया जाएगा. इसके साथ ही अस्पतालों के स्टैंडर्ड रेट्स का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में भी क्लेम्स के निपटान में किसी भी तरह की देरी नहीं की जानी चाहिए.

मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, इरडा के इस कदम से अब ग्राहकों को काफी राहत मिल गई है. यानी कि अब उनको इस बात के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा कि उनके रीइंबर्समेंट्स या मेडिकल क्लेम्स का भुगतान बीमा कंपनियां करेंगी या नहीं.

यह भी पढ़ें: क्या आयुष योजना के तहत सरकार हर महीने दे रही 78,856 रुपये? जानें क्या है सच्चाई

अब तक कितने क्लेम का हुआ है सेटेलमेंट
IRDAI की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के पहले हफ्ते तक बीमा कंपनियां 6,650 करोड़ रुपये के कोविड-19 से संबंधित हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटल कर चुकी हैं. बता दें अब तक करीब 13,100 करोड़ रुपये के हॉस्पिटलाइजेशन क्लेम दाखिए किए जा चुके हैं. वहीं, 6 फरवरी तक क्लेम्स की एब्सॉल्यूट संख्या 8,70,000 रही है.

इलाज में खर्च हो रहे ज्यादा पैसे

IRDAI ने बीमा कंपनियों से कहा है कि ऊंचे क्लेम के मामले में पॉलिसी होल्डर को किसी भी तरह की परेशानी नहीं चाहिए. इसके साथ ही समय से पहले क्लेम का सेटलमेंट करना भी बीमा कंपनियों की जिम्मेदारी है. बता दें देशभर में फैली महामारी के बीच पॉलिसीहोल्डर्स को कोविड-19 के इलाज के लिए काफी ज्यादा पैसों की जरूरत होती है. इसके साथ ही लोगों की जेब का खर्च तब और भी ज्यादा बढ़ जाता है. जब इंफेक्शन-कंट्रोल के खर्च को भी बिल में जोड़ दिया जाता है.



कस्टमर्स के लिए यह क्यों अहम है?

आपको बता दें कई मामलों में यह देखा गया है कि जिन लोगों के पास हेल्थ कवर होता है अस्पताल उनसे ज्यादा बिल की वसूली करते हैं. महामारी के समय में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही अस्पतालों ने टेंपरेचर चेक फीस, पीपीई किट फीस और क्लीनिंग फीस जैसे नए चार्ज लगाना शुरू कर थे.

यह भी पढ़ें: क्या अभी तक आपके भी PF का ब्याज नहीं आया है? फटाफट करें ये काम, वरना अटक जाएगा पैसा!

इस तरह के पैसों की वसूली और बिना बात के लगाए जाने वाले चार्ज से छुटकारा दिलाने के लिए यह खास कदम उठाया गया है. साथ ही जीआई काउंसिल ने अस्पतालों की ओवरचार्जिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक अपील दायर करने का भी मन बना लिया था, लेकिन यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज