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कहीं अनफिट तो नहीं आपकी जेब में रखा 500 रुपये का नोट! आरबीआई ने बताया, कैसे करें अनफिट करेंसी नोट की पहचान?

सीरीज से बाहर किए गए नोटों को भी अनफिट माना जाता है.

सीरीज से बाहर किए गए नोटों को भी अनफिट माना जाता है.

आरबीआई ने सभी बैंकों से कहा है कि ऐसे नोटों को चलन से बाहर कर देना चाहिए जो रिसाइकिल के लिए मानकों पर खरे नहीं उतरते हों. आरबीआई ने बैंकों नोट छंटाई मशीनों की लगातार समीक्षा करते रहने और हर तीन महीन में अनफिट नोटों की संख्‍या बताने का भी निर्देश दिया है.

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नई दिल्‍ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सिस्‍टम में चल रहे अनफिट नोटों की पहचान के लिए बैंकों को दिशानिर्देश जारी किए हैं. आरबीआई ने कहा है कि सभी बैंकों को अपनी नोट छंटाई मशीनों की हर तीन महीने पर जांच करनी चाहिए.

आरबीआई ने कहा, नोटों की सही पहचान के लिए 10 मानक बताए गए हैं और बैंकों को इन मानकों पर सभी नोटों की लगातार पहचान करनी चाहिए. साथ ही बैंकों को नोट छंटाई मशीनों की जगह फिट छंटाई मशीनों का इस्‍तेमाल करना चाहिए. अपने सर्कुलर में आरबीआई ने बताया है कि नोट छंटाई के लिए पहचान और फिटनेस पैरामीटर्स का सही इस्‍तेमाल करना चाहिए. एक फिट नोट वह नोट होता है जो असली होने के साथ साफ सुथरा हो, जिसका रिसाइकिल किया जा सके.

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अनफिट नोट के क्‍या हैं मानक
आरबीआई ने बताया कि नोट छंटाई मशीनों को अनफिट नोटों की पहचान के लिए तैयार किया जाता है. लिहाजा बैंकों को इन मशीनों की प्रॉपर देखभाल करनी चाहिए. एक अनफिट नोट वह नोट होता है जो रिसाइकलिंग के लिए सही न पाया गया हो. उसकी फिजिकल कंडीशन बेहद खराब हो अथवा आरबीआई ने उस सीरीज के नोट को सिस्‍टम से बाहर कर दिया हो.

सर्कुलर में कहा गया है कि बैंकों को हर तिमाही करेंसी नोट की फिटनेस रिपोर्ट आरबीआई के पास जमा करानी होगी. साथ ही अनफिट पाए गए नोटों की संख्‍या भी आरबीआई को बतानी होगी. इसके अलावा ऐसे नोट के बारे में भी जानकारी देनी होगी जो प्रॉपर मेंटेनेंस के बाद दोबारा जारी किए गए हों.

आरबीआई ने अनफिट नोटों की पहचान के तरीके बताए

1- गंदा होना : नोट लगातार इस्‍तेमाल किए जाने से काफी गंदे हो जाते हैं. अगर मोड़-तोड़ अथवा मिट्टी लगने की वजह से कुछ जगह इसका प्रिंट खराब हो जाए तो ऐसे नोट को अनफिट कर दिया जाता है.

2-कागज लूज हो जाना : नोट के लगातार इस्‍तेमाल के बाद उसके कागज काफी ढीले पड़ जाते हैं और उस पर उकेरे गए मार्क सही से पहचान में नहीं आते हैं तो इन्‍हें अनफिट कर दिया जाता है.

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3- नोट पर बने डॉग ईयर्स का एरिया अगर 100 वर्ग मिलीमीटर से ज्‍यादा है और इसका छोटा सिरा 5 मिलीमीटर से अधिक है तो ऐसे नोट को अनफिट करार दिया जाएगा.

4- अगर नोट किनारे से लेकर बीच तक फटा है तो भी इसे अनफिट माना जाएगा.

5-नोट में 8 वर्ग मिलीमीटर से ज्‍यादा का छेद है तो भी इसे अनफिट करार दिया जाएगा.

6- नोट पर कोई बड़ा दाग-धब्‍बा या स्‍याही लग जाने पर भी यह अनफिट कर दिया जाएगा और चलन से बाहर होगा.

7-ग्राफिक में बदलाव : अगर नोट की ग्र‍ाफिक्‍स में किसी तरह का बदलाव है. मसलन उसके फीगर या लेटर छोटे-बड़े हैं तो ऐसे नोट को भी चलन से बाहर माना जाएगा.

8-ज्‍यादा मोड़ : नोट को कई बार मोड़ा या मरोड़ा गया है जिससे इसकी लंबाई वास्‍तविक नोट से कम हो जाती है तो ऐसे नोट को भी अनफिट की श्रेणी में रखा जाएगा.

9- रंग उड़ना : लगातार इस्‍तेमाल की वजह से कई बार नोट का असली रंग धूमिल हो जाता है और कुछ जगह इसकी सतह से रंग गायब या बेहद हल्‍का हो जाता है तो ऐसे नोट भी अनफिट माने जाएंगे.

10- नोट को कटने-फटने के बाद टेप, ग्‍लू अथवा फेविकोल से जोड़ा गया हो तो ऐसे नोट को भी चलन में नहीं रखा जाएगा और उसे अनफिट करार दिया जाएगा.

Tags: Business news, Business news in hindi, Indian currency, RBI

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