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आईटी, कारोबार सेवाओं का बाजार 2021 की पहली छमाही में 6.4% की वृद्धि के साथ 6.96 अरब डॉलर पर: आईडीसी

आईटी, कारोबार सेवाओं का बाजार 2021 की पहली छमाही में 6.4% की वृद्धि के साथ 6.96 अरब डॉलर पर: आईडीसी

ICRA के मुताबिक, अर्थव्‍यवस्‍था के 14 में से आधे इंडीकेटर्स कोविड पूर्व के स्‍तर पर पहुंच गए हैं.

ICRA के मुताबिक, अर्थव्‍यवस्‍था के 14 में से आधे इंडीकेटर्स कोविड पूर्व के स्‍तर पर पहुंच गए हैं.

भारतीय आईटी और कारोबार सेवाओं के बाजार का मूल्य 6.96 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है. इसमें साल 2021 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 6.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी है. अनुसंधान कंपनी आईडीसी ने बुधवार को यह जानकारी दी. आईडीसी ने कहा कि जनवरी-जून 2020 की अवधि में आईटी और कारोबार सेवाओं के बाजार ने 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी.

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    नई दिल्ली . भारतीय आईटी और कारोबार सेवाओं के बाजार का मूल्य 6.96 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है और 2021 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 6.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गयी है. अनुसंधान कंपनी आईडीसी ने बुधवार को यह जानकारी दी.

    आईडीसी ने कहा कि जनवरी-जून 2020 की अवधि में आईटी और कारोबार सेवाओं के बाजार ने 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी. अनुसंधान कंपनी ने कहा, ‘वृद्धि दर में बढ़ोतरी मुख्य रूप से देश में उद्यमों द्वारा डिजिटल परिवर्तन पहल पर निरंतर ध्यान देने के कारण हुआ.’

    आईटी सेवाओं के बाजार ने 78 प्रतिशत का योगदान दिया 
    आईटी और व्यापार सेवाओं के बाजार में, आईटी सेवाओं के बाजार ने 78 प्रतिशत का योगदान दिया और 2021 की पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि एक साल पहले की अवधि में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

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    आईडीसी के अनुसार, अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार और क्लाउड, सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आदि जैसे क्षेत्रों में खर्च में वृद्धि के कारण आने वाले चक्रों में आईटी और व्यावसायिक सेवा बाजार में वृद्धि देखी जाएगी.

    2025 के अंत तक 19.93 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान
    आईडीसी ने कहा कि आईटी और कारोबार सेवाओं का बाजार 2025 के अंत तक 19.93 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है और यह 2020-2025 के बीच 8.2 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है.

    भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार सबसे तेज
    भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था (Indian Economy) कोरोना वायरस महामारी के असर से तेजी से उबर (Economic Recovery) रही है. तेज वैक्‍सीनेशन के साथ कारोबारी गतिविधियों की रफ्तार बढ़ने पर जॉब मार्केट के हालात भी सुधर रहे हैं. इस बीच आई वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जरूरी वृहद और सूक्ष्म वृद्धि जैसे कारकों के सहारे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था (Fastest Growing Economy) बनने की राह पर है.

    वित्‍त मंत्रालय की ओर से तैयार की गई मासिक आर्थिक समीक्षा (Monthly Economic Review) के मुताबिक, तेज टीकाकरण और त्योहारी सीजन (Festive Season) भारतीय अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने की रफ्तार को बढ़ाएंगे. इसके चलते मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार कम होता जाएगा. इससे रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा (Employment Opportunity) होंगे.

    Tags: Business news, Economy, India economy, Indian economy, IT sector, Rural economy, Sixth largest economy

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