IT कंपनियों में नौकरी ढूंढने वालों के लिए खुशखबरी! 15000 से ज्यादा फ्रेशर्स को मिलेगी Job

आईटी कंपनियों ने खोले नौकरी के अवसर, 15000 से ज्यादा फ्रेशर्स की होगी भर्ती
आईटी कंपनियों ने खोले नौकरी के अवसर, 15000 से ज्यादा फ्रेशर्स की होगी भर्ती

अब कई आईटी कंपनियां एक बार फिर अपने एक्टिव मोड में नजर आ रही हैं. बता दें कि आईटी सेक्टर से जुड़े छात्र और अनुभव कामकाजी लोगों के लिए बड़ी खबर है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 5:43 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण देश का हर वर्किंग सेक्टर धीमा पड़ गया हैं. कई कंपनियों ने छंटनी करना शुरू कर दिया था जिसके कारण देश के करोड़ों लोग रातों-रात सड़क पर आ गए. अब कई आईटी कंपनियां एक बार फिर अपने एक्टिव मोड में नजर आ रही हैं. बता दें कि आईटी सेक्टर से जुड़े छात्र और अनुभव कामकाजी लोगों के लिए बड़ी खबर है. गौरतलब है कि कंपनियों ने दूसरी तिमाही में नौकरी के अवसर खोल दिए हैं. बता दें कि शीर्ष चार आईटी कंपनियों ने पहली तिमाही में 9,000 की गिरावट के बाद भी दूसरी तिमाही में 17 हजार लोगों को नौकरी दी है.

आईटी अधिकारियों ने कहा कि दिसंबर और मार्च की तिमाही के लिए एक मजबूत हायरिंग प्लान बनाया गया है। उन्होंने कहा ऐसा करना जरूरी भी है, यह देखते हुए कि आईटी देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है, विशेषकर इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए.

वित्तिय वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही में भर्तियां
सिंतबर तिमाही में हुई हायरिंग की संख्या पहले की गई 31,380 लोगों की हायरिंग संख्या से कम है. पहली तिमाही में कोरोनावायरस की वजह से यह अंतर देखने को मिला है. बताया जा रहा है कि आगामी तिमाहियों में कंपनियां अधिक से अधिक हायरिंग करने के मूड में हैं. इन शीर्ष चार आईटी कंपनियां टीसीएस, इंफोसिस और एचसीएल टेक सितंबर 2020 की तिमाही में हायरिंग में 17,079 की वृद्धि हुई है। इसमें फ्रेशर और लेटरल दोनों ही स्तर के कामकाजी लोग शामिल हैं.
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वृद्धि के मुख्यतः तीन प्रमुख कारण
बता दें कि इन कंपनियों में हायरिंग करने के तीन मुख्य कारण सामने आए हैं. इसमें पहला नए सिरे से बोर्डिंग करना जिसपर पहली तिमाही में काम स्थगित कर दिया गया था. दूसरा, लेटरल हायरिंग, जिसे कुछ कंपनियों ने पहली तिमाही में निलंबित कर दिया था और इसे फिर से शुरू किया जा रहा है और आखिर में मांग की कमी को पूरा करना. इन कंपनियों का कहना है कि कोरोनाकाल में लगे लंबी अवधि के लॉकडाउन के कारण मांग में बड़ी कमी देखी गई थी.

विप्रो कंपनी के सीईओ थिएरी डेलापोर्टे ने कहा कि विप्रो बड़े सौदे करने में कामयाब रहा है क्योंकि ग्राहकों की नजर में कंपनी की प्रासंगिकता में बढ़ोतरी हुई है. बता दें कि यह दिसंबर तिमाही के 1.5-3.5 प्रतिशत के राजस्व गाइडेंस में परिलक्षित हुआ था. महामारी के कारण विप्रो ने पहली तिमाही में राजस्व गाइडेंस साझा नहीं किया. इस तरह मांग में रिकवरी के कारण दिसंबर-मार्च की आखिरी तिमाही में हायरिंग में वृद्धि करने की योजना है.

ऑन-बोर्डिंग स्तर पर फ्रेशर की भर्ती हुई थी स्थगित
बता दें कि कंपनियों में पहली तिमाही में होने वाली फ्रेशर की हायरिंग को भी कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण स्थगित कर दिया गया था. क्योंकि अंतिम वर्ष की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी और कंपनियां बोर्डिंग स्तर पर कैंपस में अपनी भर्ती पूरी नहीं कर सकी थी. इस कारण कंपनी की भर्ती प्रक्रिया जनवरी से मई तक कोविड-19 के कारण प्रभावित हुई. इन्फोसिस कंपनी के मुताबिक, 1500 कैंपस से कम से कम 16 हजार फ्रेशर्स की भर्तियां की जानी है.
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