अपना शहर चुनें

States

मकानमालिकों को इनकम टैक्स विभाग ने दी राहत, अब इस किराए पर नहीं देना होगा टैक्स


मकानमालिकों को इकमटैक्स विभाग ने दी राहत
मकानमालिकों को इकमटैक्स विभाग ने दी राहत

इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बेंच ने किराए से होने वाली इनकम के बारे में बताया है कि यदि किसी संपत्ति के मालिक को किराएदार किराया नहीं दे रहा है तो संपत्ति के मालिक को उस इनकम पर टैक्स नहीं भरना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 30, 2020, 4:06 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली: अगर आपके घर में किराएदार रहते हैं तो आप किराए से होने वाली आय पर लगने वाले टैक्स के बारे में जरूर जान लें. इनकम टैक्‍स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की मुंबई बेंच ने किराए से होने वाली इनकम के बारे में बताया है कि यदि किसी संपत्ति के मालिक को किराएदार किराया नहीं दे रहा है तो संपत्ति के मालिक को उस इनकम पर टैक्स नहीं भरना होगा. ITAT के इस फैसले से काफी लोगों को राहत मिलेगी. बता दें कोरोना में कई मकान मालिक को कोरोना में किराया नहीं मिल रहा था, लेकिन इसके बार में भी उनको टैक्स देना पड़ रहा था.

किस इनकम पर देना होगा टैक्स?
आपको बता दें इस नए आदेश के मुताबिक, ITAT ने कहा कि अगर कोई किराएदार 12 में से सिर्फ 8 महीने का किराया देता है तो टैक्सपेयर्स को सिर्फ 8 महीनों की इनकम पर ही टैक्स देना होगा.

यह भी पढ़ें: दूसरी तिमाही में सुधरी देश की GDP, जानिए इससे जुड़ी 5 बड़ी बातें
ट्रिब्यूनल ने क्या कहा?


इस मामले पर बातचीत करते हुए ITAT ने कहा कि किराए पर तब ही टैक्स लगाया जाना चाहिए जब टैक्सपेयर को किराया मिला हो. या फिर किराया मिलने की पूरी संभावना हो.

इस कंडीशन में लगाए जाना टैक्स गलत है
इसके अलावा अगर किराएदार से किराया मिलने की कोई उम्मीद नहीं है तो ऐसे में किराए पर इनकम टैक्स की ओर से कोई लगाया जाना पूर्णतः गलत तथा अवैधानिक है तथा ऐसा एडिशन डिलीट किया जाए.

पहले ऐसा माना जाता था...?
आपको बता दें पहले वाली स्थिति में ऐसा माना जाता था कि मकान मालिक को तो किराया मिलना ही है इसीलिए उससे वित्त वर्ष में किराए की आय पर लगने वाला टैक्स वसूला जाता था, लेकिन अब ये माना गया है कि हो सकता है कि किरायेदार अगर किराया दे ही नहीं पता है तो मकान मालिक पर टैक्स का बोझ डालना गलत है इसीलिए जो किराया मिला ही नहीं है उसे आपकी सालाना इनकम में नहीं जोड़ा जाएगा.

यह भी पढ़ें: गांवों में ATM से कैश विड्रॉल का चलन बढ़ा, जनधन योजना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का असर

मरम्मत के लिए किरायेदार से वसूले गए पैसों को भी माना जाएगा आय
हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक फैसला सुनाया है जिसके अनुसार किरायेदार के मकान खाली करने के बाद उससे मकान के डैमेज होने पर मरम्मत के लिए लिया गया पैसा भी इनकम टैक्स के दायरे में आएगा. इसे भी प्रॉपटी से हुई आय ही माना जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज