क्या करोड़ों किसानों के लिए सरकार ला रही नया कृषि कानून, जानिए कृषि मंत्री ने क्या कहा...!

क्या करोड़ों किसानों के लिए सरकार ला रही नया कृषि कानून

क्या करोड़ों किसानों के लिए सरकार ला रही नया कृषि कानून

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कृषि मंत्री ने हाल ही में किसानों की स्थिति को देखते हुए एक कृषि कानून पारित किया है, जिसका फायदा देश के करोड़ों किसानों को मिलेगा.

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  • Last Updated: December 6, 2020, 10:12 AM IST
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नई दिल्ली: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कृषि मंत्री ने हाल ही में किसानों की स्थिति को देखते हुए एक कृषि कानून पारित किया है, जिसका फायदा देश के करोड़ों किसानों को मिलेगा. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस कानून को उद्योगपतियों के कहने पर पास किया है. आइए आपको बताते हैं कि इस मैसेज की सच्चाई क्या है...क्या सच में केंद्र सरकार किसानों के लिए कोई कानून लेकर आ रही है या फिर यह न्यूज फेक है.

भारत सरकार की संस्था पीआईबी ने इस वायरल मैसेज की सच्चाई की जांच कर अलग ही खुलासा किया है. आइए जानते हैं इस खबर में कितनी है की सच्चाई...

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दावा: एक वीडियो में दावा किया गया है कि कृषि मंत्री कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कुछ उद्योगपतियों के कहने पर कृषि सुधार कानून पारित किया गया है. पीआईबी ने जब इस मैसेज की जांच की तो पता चला कि यह मैसेज पूरी तरह से फेक है. सरकार की ओर से ऐसा कोई भी कानून पारित नहीं किया गया है.


इससे पहले भी वायरल हो रहा था यह मैसेज

आपको बता दें इससे पहले भी एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि भारतीय रेलवे ने हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर अब "महाराणा प्रताप एक्सप्रेशन" कर दिया है, लेकिन यह मैसेज भी गलत था. रेलवे मिनिस्ट्री ने बताया कि सरकार का ऐसा कोई भी प्लान नहीं है.



कोरोना काल में तेजी से वायरल हो रही फेक खबरें

कोरोना काल में देशभर में जिस तरह का हालात बने हुए हैं ऐसे में कई फेक खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं. भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने वायरल खबर का खंडन करते हुए कहा है कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. सरकार ने भी कोरोना काल में इस तरह की फर्जी ख़बरों को फैलने से रोकने के लिए कई प्रयास किए हैं.

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आपको भी मिले कोई मैसेज तो करवा सकते हैं फैक्ट चेक

अगर आपको भी कोई ऐसा मैसेज मिलता है तो फिर उसको पीआईबी के पास फैक्ट चेक के लिए https://factcheck.pib.gov.in/ अथवा व्हाट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भेज सकते हैं. यह जानकारी पीआईबी की वेबसाइट https://pib.gov.in पर भी उपलब्ध है.
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