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सरकार ने कहा- लग्‍जरी और हानिकारक उत्‍पादों पर लागू रहेगी 28 फीसदी जीएसटी दर, अन्‍य स्‍लैब में कटौती पर विचार

जीएसटी की उच्‍च दरों पर दो तरह के उपकर भी लगाए जाते हैं.

जीएसटी की उच्‍च दरों पर दो तरह के उपकर भी लगाए जाते हैं.

कार जैसे लग्‍जरी उत्‍पादों और सिगरेट-तंबाकू जैसे हानिकारक उत्‍पादों पर जीएसटी की 28 फीसदी आगे भी लागू रहेगी. साथ ही इस पर वसूला जाने वाला सेस भी लिया जाएगा. राजस्‍व सचिव ने कहा कि अभी इसमें कटौती पर विचार नहीं है लेकिन अन्‍य स्‍लैब को कम किया जा सकता है.

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नई दिल्‍ली. जीएसटी लागू होने के पांच साल बीतने के बावजूद सरकार हानिकारक और लग्‍जरी उत्‍पादों पर जीएसटी की सबसे ऊंची दरों में कटौती पर कोई बात नहीं कर रही है. उद्योग जगत के साथ बातचीत में राजस्‍व सचिव तरुण बजाज ने साफ कहा कि अभी इस दर में कटौती का कोई विचार नहीं है.

बजाज ने कहा, सरकार इस बात पर चर्चा के लिए सहमत है कि जीएसटी की 5, 12 और 18 फीसदी की दरों को मिलाकर दो स्‍लैब बनाए जाएं. उन्‍होंने कहा, नई कर व्‍यवस्‍था लागू होने के पांच साल बीतने के बाद सरकार इसकी समीक्षा कर रही है, लेकिन अभी 15.5 फीसदी का न्‍यूट्रल रेट लागू करने का कोई प्रस्‍ताव नहीं है.

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पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की उद्योग जगत की मांग पर राजस्‍व सचिव ने कहा कि चूंकि पेट्रोलियम उत्‍पादों से केंद्र और राज्‍यों को बड़ा राजस्‍व मिलता है, लिहाज दोनों ही सरकारें इसे जीएसटी के दायरे में लाने पर सहमत नहीं हो पा रहे हैं.

पहले दो फिर एक स्‍लैब लाने पर विचार
बजाज ने कहा, भारत एक विकासशील देश है और यहां आय की असमानता भी काफी है. ऐसे में लग्‍जरी उत्‍पादों और हानिकारक चीजों पर 28 फीसदी जीएसटी वसूलना तर्कसंगत है. हां, हम 5, 12, 18 फीसदी के स्‍लैब को घटाकर दो स्‍लैब बनाने पर विचार कर रहे हैं. अगर देश की जनता का रेस्‍पांस सही रहता है तो फिर हम सिर्फ एक जीएसटी की दर लगाने पर भी आगे बढ़ सकते हैं. वैसे यह काफी चुनौतीपूर्ण काम होगा.

सोने और हीरे पर अलग जीएसटी दर
इन स्‍लैब के अलावा एक और स्‍पेशल जीएसटी स्‍लैब है जो सोने और हीरे पर लागू होती है. सोने पर जीएसटी की दर 3 फीसदी है, जबकि काटे और तराशे गए हीरे पर 1.5 फीसदी जीएसटी लगता है. इसके अलावा 28 फीसदी वाले उत्‍पादों पर सेस भी लगाया जाता है. यह राशि क्षतिपूर्ति कॉर्पस की तरह एकत्र की जाती है. इसका भुगतान राज्‍यों को उनकी टैक्‍स वसूली में आई कमी की क्षतिपूर्ति के तौर पर दी जाती है.

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आरबीआई का दावा-घटी है जीएसटी की औसत दर
रिजर्व बैंक ने की स्‍टडी में दावा किया गया है कि जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक इसकी औसत दरों में कमी आई है. आरबीआई ने कहा, लांच के समय जीएसटी की औसत दर 14.4 फीसदी थी, जो अब 11.6 फीसदी रह गई है. इसके अलावा राजस्‍व के लिहाज से इसकी वसूली दर 15.5 फीसदी रही है. जीएसटी परिषद ने हाल में मंत्री समूह की सिफारिश के बाद कुछ उत्‍पादों पर छूट खत्‍म कर दी है. अब पैकेट वाले आटे, पनीर, दही और लस्‍सी पर भी 5 फीसदी जीएसटी लगाया है, जबकि एलईडी लैंप और सोलर वाटर हीटर पर इनवर्टेड ड्यूटी में सुधार किया है.

Tags: Business news, Business news in hindi, Gst, GST council meeting

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