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अगर आपने भी लगाया है Cryptocurrency में पैसा तो आज से ये काम भी करना शुरू कर दें, वरना...

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अगले साल इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) में क्रिप्‍टोकरेंसी से हुई आय का ब्‍योरा देना अब सरकार ने जरूरी कर दिया है.

अगले साल इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) में क्रिप्‍टोकरेंसी से हुई आय का ब्‍योरा देना अब सरकार ने जरूरी कर दिया है.

Budget 2022 में सरकार ने क्रिप्‍टोकरेंसी पर 30 फीसदी टैक्‍स लगाया है. अब क्रिप्‍टोकरेंसी से हुई आय का ब्‍योरा देना होगा. इसके लिये इनकम टैक्‍स रिटर्न फॉर्म में अलग से कॉलम जोड़ा जाएगा. क्रिप्‍टो से हुई कमाई को छुपाना ब्‍लैक मनी की श्रेणी में आएगा.

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नई दिल्‍ली. भारतीय क्रिप्‍टोकरेंसी निवेशकों को अब क्रिप्‍टो ट्रेडिंग से हुई कमाई पर टैक्‍स (Tax on Crypto Income) चुकाना होगा. साथ ही इसका पूरा हिसाब इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल (ITR Filing) करते वक्‍त देना होगा. अगले साल इनकम टैक्‍स रिटर्न में क्रिप्‍टोकरेंसी से हुई आय का ब्‍योरा देना सरकार ने जरूरी कर दिया है. रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज ने बताया कि इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म में क्रिप्टो से हुए मुनाफे का ब्योरा देने के लिए अलग कॉलम होगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने 1 फरवरी 2022 को अपने बजट (Budget 2022) भाषण में क्रिप्टो से मुनाफे पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का ऐलान किया था. इसके अलावा इसके ट्रांजेक्शन पर 1 फीसदी टीडीएस (TDS) भी लगेगा. यह नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू हो जाएगा. यही नहीं 30 फीसदी टैक्स पर सेस और सरचार्ज भी देना होगा. क्रिप्टो से हुई इनकम को घोड़ों की रेस और लाटरी की कमाई की तरह का ट्रांजेक्शन माना जाएगा.

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मुनाफा छुपाना माना जाएगा कालाधन

रेवेन्यू सेक्रेटरी बजाज ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी से हुए मुनाफे पर टैक्स (Tax On Cryptocurrency) लगता था. बजट  में इस पर नया टैक्स लगाने का ऐलान नहीं किया गया है. इस मसले पर सिर्फ स्थिति साफ की गई है. उन्होंने कहा कि फाइनेंस बिल में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) पर टैक्‍स से जुड़ा प्रावधान है. इसमें क्रिप्टो के कानूनी हैसियत के बारे में कुछ नहीं कहा गया है. बजाज के इस स्पष्टीकरण के बाद साफ हो गया है कि क्रिप्टो से हुए मनाफे को छुपाया नहीं जा सकेगा. अगर कोई इस मुनाफे को छुपाता है तो उसे ब्लैक मनी (Black Money) माना जाएगा. देश में क्रिप्टो इन्वेस्टर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है. एक अनुमान के मुताबिक, अभी देश में क्रिप्टो के करीब 1.5 करोड़ इन्वेस्टर्स हैं.

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क्रिप्‍टो नहीं है लीगल टेंडर

फाइनेंस सेक्रेटरी टीवी सोमनाथन (TV Somanathan) ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बुधवार को बड़ी बात कही थी. सोमनाथन ने कहा कि दुनिया की सबसे प्रचलित क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन (Bitcoin), इथीरियम या नॉन फंजीबल टोकन यानी एनएफटी (NFT) कभी वैध मुद्रा या लीगल टेंडर घोषित नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि क्रिप्टो एसेट को सरकार की तरफ से कोई मंजूरी नहीं मिली है और इसके दाम प्राइवेट तरीके से सेट किए जाते हैं. हालांकि, सोमनाथन ने कहा कि रिजर्व बैंक की ओर से लाई जाने वाली डिजिटल करेंसी कभी डिफॉल्ट नहीं होगी. आरबीआई द्वारा जारी किया गया डिजिटल रुपया लीगल टेंडर होगा.

Tags: Budget, Cryptocurrency, FM Nirmala Sitharaman

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