ITR फाइलिंग के लिए जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट्स, यहां देखें पूरी लिस्ट

ITR फाइलिंग के लिए जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट्स, यहां देखें पूरी लिस्ट
हम आपको यहां बता रहे हैं कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ITR भरने से पहले किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी.

हम आपको यहां बता रहे हैं कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ITR भरने से पहले किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी.

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वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ITR भरने के लिए नए फॉर्म जारी कर दिए गए हैं. कुछ फॉर्म में बदलाव भी किए गए हैं. ITR भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2019 है. हम आपको यहां बता रहे हैं कि वित्त वर्ष 2018-19 के लिए ITR भरने से पहले किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी. (ये भी पढ़ें: 1 रुपये के भी टैक्स डिमांड की अनदेखी पड़ सकती है भारी, जानें कैसे करें सेटलमेंट)

1. Form-16
अगर आप एक वेतनभोगी व्यक्ति हैं, तो आपको अपना ITR फाइल करने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स में से एक है. फॉर्म-16 एक तरह का TDS सर्टिफिकेट होता है, जो ITR फाइलिंग के दौरान सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है. नियोक्ता की ओर से अपने कर्मचारियों को इसे जारी करना अनिवार्य होता है. यह फॉर्म दो भागों में होता है जिसमें एक वित्त वर्ष के दौरान आपके नियोक्ता की ओर सैलरी में टैक्स कटौती का जिक्र होता है.

2. बैंक और पोस्ट ऑफिस के इंटरेस्ट सर्टिफिकेट्स
इस बार के ITR फॉर्म्स में टैक्सपेयर्स से इंटरेस्ट इनकम के सोर्स की भी जानकारी मांगी जाएगी जैसे कि सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज या फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज या फिर अन्य इनकम पर होने वाला ब्याज. आमतौर पर अर्जित ब्याज आय टैक्सेबल होती है, लेकिन अगर ब्याज आय एक वर्ष के दौरान 10,000 रुपये तक है तो आप आयकर की धारा 80TTA के अंतर्गत इस पर क्लेम कर सकते हैं. (ये भी पढ़ें: VIDEO: कमीशन के जरिए हो रही है कमाई, जानें कौन सा भरना होगा ITR फॉर्म)





3. Form-16A/Form-16B/Form-16C
अगर आपकी सैलरी के अलावा आपको किए गए अन्य भुगतान पर कटौती की जाती है, जैसे कि एफडी और रेकरिंग डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज तो मौजूदा टैक्स नियमों के हिसाब से निर्धारित कानूनी सीमाओं के ऊपर होने की स्थिति में आपका बैंक ऑपको फॉर्म-16A जारी करेगा. वहीं दूसरी ओर अगर आपने किसी संपत्ति की बिक्री की है तो आपका खरीदार आपको फॉर्म-16B जारी करेगा जिसमें आपको किए गए भुगतान पर TDS कटौती का जिक्र होगा. अगर आप अपने मकान को किराए पर उठाते हैं तो आपको अपने किराएदार से फॉर्म-16C देने को कहना चाहिए.

4. Form 26AS
फॉर्म 26AS में आपके द्वारा चुकाए गए टैक्स की जानकारी होती है. ये आपकी टैक्स पासबुक होती है. इसमें आपके PAN पर की गईं सभी टैक्स कटौतियों की जानकारी होती है. इसमें ये जानकारियां शामिल होती हैं:
> आपके नियोक्ता की ओर से की गई टीडीएस कटौती
>> आपके बैंक की ओर से की गई टीडीएस कटौती
>> किसी और संस्थान की ओर से आपको किए गए भुगतान पर कटौती
>> आपकी ओर से वर्ष 2018-19 के लिए किए गए एडवांस टैक्स के भुगतान की जानकारी
>> आपकी ओर से किए गए सेल्फ एसेसमेंट टैक्स भुगतान की जानकारी

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5. टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट प्रूफ
वित्त वर्ष 2018-19 में किए गए सभी टैक्स सेविंग निवेश और खर्चे सेक्शन 80C, 80CCC और 80CCD के तहत कटौती के लिए पात्र होते हैं. इसके जरिए आप एक वित्त वर्ष के दौरान सिर्फ 1.50 लाख रुपये की टैक्स बचत के लिए क्लेम कर सकते हैं. आपको इन निवेश सबूतों को अपने साथ रखना होगा.

>> एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF)
>> पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
>> इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS) में निवेश
>> लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम
>> नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

6. 80D से 80U तक किए गए निवेश से जुड़े डॉक्यूमेंट प्रूफ
इनकम टैक्स की धारा 80C के अंतर्गत टैक्स सेविंग और खर्चों के लिए किए गए निवेश दस्तावेजों के अलावा अन्य खर्चे भी होते हैं जिन पर आप टैक्स की बचत कर सकते हैं जैसे कि हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम. आपको 80D से 80U तक किए गए निवेश से जुड़े दस्तावेज अपने साथ रखने चाहिए. (ये भी पढ़ें: इनकम टैक्स रिटर्न भरने पर आपको मिलते हैं ये बड़े फायदें)



7. बैंक/NBFC से होम लोन स्टेटमेंट
अगर आपने किसी बैंक या अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से होम लोन लिए हैं, तो पिछले वित्त वर्ष के लिए लोन स्टेटमेंट कलेक्ट करना ना भूलें. यह आपको ब्रेक-अप विवरण प्रदान करेगा कि आपके द्वारा कितना मूलधन और ब्याज चुकाया गया है.
इस स्टेटमेंट को अपने आयकर रिटर्न को भरने के लिए जानकारी के स्रोत और प्रूफ दोनों के प्रमाण के रूप में आवश्यकता होती है. अंडर सेक्शन 24 के तहत आप मैक्सिम 2 लाख रुपये तक होम लोन ब्याज अदायगी की छूट का फायदा ले सकते हैं.

8. कैपिटल गेन से जुड़े दस्तावेज
अगर आपको प्रॉपर्टी, म्युचुअल फंड और इक्विटी शेयर की बिक्री के जरिए कैपटल गेन प्राप्त हुआ है तो आपको इसके दस्तावेज भी अपने साथ रखने चाहिए. ITR फाइलिंग के दौरान आपको इसका उल्लेख करना होगा. (ये भी पढ़ें: इन 6 तरह की इनकम पर नहीं लगता है एक भी रुपये का टैक्स, देखें पूरी लिस्ट)



9. ECS रिफंड के लिए बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेशन
इनकम टैक्स विभाग ने घोषणा कि थी कि 1 मार्च 2019 वो केवल ई रिफंड ही जारी करेगा. ये रिफंड केवल पैन कार्ड से लिंक हुए बैंक अकाउंट में ही भेजा जाएगा. इसके लिए आपका सेविंग या करंट अकाउंट पैन नंबर से लिंक होना चाहिए.

10. आधार कार्ड
ITR को सफलतापूर्वक दर्ज करने के लिए आधार विवरण प्रदान करना अनिवार्य है. इनकम टैक्स ऐक्ट के सेक्शन 139AA के मुताबिक, ITR फाइलिंग के दौरान आधार का उल्लेख करना जरूरी है. (ये भी पढ़ें: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने किया अलर्ट! ITR भरने के बाद ना भूलें ये काम)



11. सभी बैंकों की डिटेल
अगर आपके काफी सारे बैंकों में खाते खुले हुए हैं तो आपको सभी बैंक अकाउंट की जानकारी देनी होगी. ऐसा न करने की सूरत में आप मुश्किलों में भी आ सकते हैं. इसलिए आईटीआर फाइलिंग के दौरान इसकी जानकारी देना न भूलें.

12. सैलरी स्लिप
इस बार के ITR फॉर्म्स में आपको अपनी सैलरी स्लिप भी उपलब्ध करवानी होगी जिसमें आपकी सैलरी ब्रेकअप का जिक्र होगा. इसमें आपकी बेसिक सैलरी, डियरनेस अलाउंस और हाउस रेंट अलाउंस जैसी तमाम जानकारियां होंगी.

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