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ITR Filing : गलत आईटीआर फॉर्म भरने पर क्या होगा, क्या गलती सुधारने का मिलेगा मौका?

ITR Filing : गलत आईटीआर फॉर्म भरने पर क्या होगा, क्या गलती सुधारने का मिलेगा मौका?

इनकम टैक्स विभाग 7 तरह के आईटीआर फॉर्म जारी करता है.

इनकम टैक्स विभाग 7 तरह के आईटीआर फॉर्म जारी करता है.

इनकम टैक्स विभाग कुल 7 तरह के फॉर्म इश्यू जारी करता है. इसमें से केवल 4 फॉर्म ही व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए हैं. अगर आपने कोई गलत फॉर्म भरा तो आपको आयकर अधिकारी की ओर से नोटिस मिल सकता है.

हाइलाइट्स

आयकर विभाग 7 तरह के फॉर्म जारी करता है.
इनमें से 4 फॉर्म व्यक्तिगत करदाताओं के लिए होते हैं.
गलत फॉर्म भरे जाने पर आपको नोटिस मिल सकता है.

नई दिल्ली. समीक्षाधीन वर्ष 2022-23 का आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2022 है. इस तिथि के बाद टैक्स रिटर्न फाइल करने पर आप पर जुर्माना लगाया जा सकता है. वैसे तो आमतौर पर आयकरदाताओं को यह पता होता है कि उन्हें कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना है लेकिन कई बार अगर भूलवश या अनजाने में कोई गलत फॉर्म फाइल हो जाए तो ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए.

आयकर विभाग कुल 7 आईटीआर फॉर्म जारी करता है. इनमें से आईटीआर-1, 2, 3 और 4 ही व्यक्तिगत करदाताओं के लिए है. अगर आयकरदाता गलत फॉर्म भरता है तो उसे दिक्कत हो सकती है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(9) के तहत आयकर अधिकारी आपके रिटर्न को डिफेक्टिव घोषित कर सकता है.

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आईटीआर डिफेक्टिव घोषित होने के बाद क्या होगा?

अगर आयकर अधिकारी आपका रिटर्न डिफेक्टिव घोषित करता है तो वह आपको नोटिस भेज सकता है. नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर आपको सही फॉर्म के माध्यम से रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करना होगा. अगर ऐसा करने में नाकाम होते हैं तो आपका आईटीआर इनवैलिड माना जाएगा और उसके बाद रिटर्न फाइल करने पर आपको जुर्माना चुकाना पड़ेगा.

4 तरह के फॉर्म

बीते वित्त वर्ष में अगर आपकी कुल आय 50 लाख रुपये रही है तो आपको आईटीआर-1 फॉर्म भरना होगा. यह आय आपका वेतन, बैंक में जमा राशि से मिलने वाला ब्याज व पेंशन सहित अन्य स्रोत से प्राप्त हो सकती है. इसके बाद है आईटीआर फॉर्म-2. कैपिटल गेन, फॉरेन इनकम, प्रॉपर्टी से इनकम या कंपनी का डायरेक्टर बनने पर होने वाली कमाई का ब्योरा इस फॉर्म में देना होता है. फॉर्म-3 उन लोगों के लिए होता है जो फॉर्म-2 में बताए गए तरीकों से तो इनकम प्राप्त करते ही हैं साथ ही किसी अन्य बिजनेस व प्रोफेशन से भी आय प्राप्त करते हैं. आईटीआर-4 फॉर्म इंडिविजुअल्स, एचयूएफ और फर्म्स के लिए है जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है. इसके आलावा उन्हें अन्य बिजनेस व प्रोफेशन से भी आय मिलती है.

क्या होते हैं अन्य 3 फॉर्म

आईटीआर-5 पार्टनरशिप कंपनियों बिजनेस ट्रस्ट, इन्वेस्टमेंट फंड्स के लिए है. वहीं, आईटीआर-6 उन कंपनियों के लिए है जो सेक्शन 11 के अंतर्गत रजिस्टर्ड हों. आईटी-7 फॉर्म चैरिटेबल ट्रस्ट, राजनीतिक दल, शोध संगठन या न्यूज एजेंसी जैसे संगठनों के लिए है.

Tags: Business news, Business news in hindi, Income tax, ITR filing

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