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इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त आपको इस बार जरूर बतानी होंगी ये 7 बातें! जारी हुआ नया फॉर्म

इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त इस बार बतानी होंगी ये बातें, जारी हुआ नया फॉर्म
इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त इस बार बतानी होंगी ये बातें, जारी हुआ नया फॉर्म

ITR forms for FY18-19 notified: वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए नया आयकर रिटर्न फॉर्म इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जारी कर दिया है. इस बार आपको आईटीआर में अनलिस्टेड शेयर्स की जानकारी देना जरूरी हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 5, 2019, 12:52 PM IST
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वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए नया आयकर रिटर्न फॉर्म इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जारी कर दिया है. इस बार आपको आईटीआर में अनलिस्टेड शेयर्स की जानकारी देना जरूरी हो गया है. वहीं, पिछले साल की तरह  सैलरी ब्रेक-अप भी बताना होगा. आप कितने दिन भारत से बाहर ये भी नए फॉर्म में पूछा जा सकता है. आपको बता दें कि नौकरीपेशा लोगों को इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने के लिए आईटीआर-1 फॉर्म भरना होता है. पिछले साल आईटीआर-1 फॉर्म में हाउस प्रॉपर्टी से आय की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी.

ITR फॉर्म-1 में इस बार देनी होंगी ये जानकारियां

(1) ITR forms for FY18-19 notified: ITR-1 फॉर्म सिर्फ उन्हीं पर लागू होता है जिनकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है. यह सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और ब्याज से होने वाली आमदनी होती है.



(2) इस आईटीआर फॉर्म को किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता जो किसी कंपनी का डायरेक्टर है या अनलिस्टेड इक्विटी शेयर में निवेश किया है.
(3)  ITR-1 स्टैंडर्ड डिडक्शन के विकल्प के साथ आता है. आईटीआर फाइल करते समय वित्त वर्ष 2018-19 में आप स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए अधिकतम 40,000 रुपये का दावा कर सकते हैं.

(4)  अगर आपके पास घर है तो आपको आईटीआर-1 में यह बताना होगा कि इस घर के मालिक आप स्वयं हैं या फिर आपने इसे बेच दिया है.

(5)  आपको इस वित्त वर्ष में दूसरे स्रोत्रों से होने वाली आमदनी के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी. इससे पहले आपको सिर्फ दूसरे स्रोत्रों होने वाली इनकम ही बतानी होती थी. >> आमतौर पर दूसरे स्रोत्रों  से होने वाली इनकम में बैंक अकाउंट से मिलने वाला ब्याज, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि होती है.

(6) पिछले साल की तरह ही आपको अपनी सैलरी के ब्रेकअप की जानकारी जैसे सैलरी के अलावा अलाउंस, अतिरिक्त सुविधाएं और प्रॉफिट शामिल हैं. आपको अपनी कंपनी से मिलीं सुविधाओं की भी अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत पड़ेगी.

(7) अगर आपको कोई ऐसे अलाउंस जैसे हाउस रेंट भी मिलते हैं जिनसे टैक्स में थोड़ी या पूरी छूट मिलती है, उनकी जानकारी भी आईटीआर-1 देनी होगी.
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