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वेरीफाई नहीं किया अकाउंट तो अमान्य हो सकता है इनकम टैक्स रिटर्न, जानें क्या है प्रोसेस?

ITR वेरिफिकेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कियाजा सकता है.

ITR वेरिफिकेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कियाजा सकता है.

टैक्स फाइलिंग प्रोसेस को पूरा करने के लिए आईटीआर वेरीफाई करना जरूरी है. एक बार रिटर्न वेरिफाई हो जाने के बाद आयकर विभाग ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

टैक्स फाइलिंग प्रोसेस को पूरा करने के लिए आईटीआर को वेरीफाई करना जरूरी है.
आईटीआर वेरीफाई होने पर आयकर सूचना नोटिस भेजता है और रिफंड जारी करता है.
ITR दाखिल करने की तारीख से 30 दिनों के भीतर रिटर्न को वेरीफाई करने की जरूरत है.

नई दिल्ली. इनकम टैक्स भरने वाले लोगों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का वेरिफिकेशन कराना जरूरी है. 31 जुलाई 2022 तक 1.8 करोड़ से ज्यादा आयकर रिटर्न वेरिफाई हो चुक हैं. टैक्स फाइलिंग प्रोसेस को पूरा करने के लिए आईटीआर को वेरीफाई करना जरूरी है. एक बार रिटर्न वेरिफाई हो जाने के बाद आयकर विभाग आईटीआर को प्रोसेस करता है. इसके बाद आयकर सूचना नोटिस भेजता है और रिफंड जारी करता है.

आयकर वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 31 जुलाई तक दाखिल किए गए कुल 5.82 करोड़ रिटर्न में से 4.02 करोड़ से अधिक आईटीआर वेरिफाई किए गए थे, जो करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की आखिरी डेट थी. इन खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं थी. आयकर विभाग ने 31 जुलाई तक 3.01 करोड़ वेरीफाई आईटीआर परिवर्तित किए थे.

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कब तक कर सकते हैं ITR वेरिफिकेशन
1 अगस्त से आयकर विभाग ने 29 जुलाई की अधिसूचना के माध्यम से ई-वेरिफिकेशन या आईटीआर-वी की हार्ड कॉपी जमा करने की समय सीमा को घटाकर 30 दिन कर दिया है. इसका मतलब है कि करदाताओं को अब प्रक्रिया को पूरा करने के लिए दाखिल करने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपने रिटर्न को वेरीफाई करने की जरूरत है. नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस अधिसूचना के प्रभावी होने की तारीख को या उसके बाद रिटर्न डेटा के किसी भी इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन के संबंध में, ई-सत्यापन या आईटीआर-वी जमा करने की समय-सीमा अब ट्रांसमिटिंग की तारीख से 30 दिन होगी.

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ITR वेरिफिकेशन क्यों है जरूरी?
रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आईटीआर वेरिफिकेशन जरूरी है. अगर आईटीआर निर्धारित समय के भीतर वेरीफाई नहीं किया जाता है तो दाखिल रिटर्न को अमान्य माना जाता है. अगर कोई व्यक्ति निर्धारित समय के भीतर रिटर्न को वेरीफाई नहीं कर पाता है तो वह  आयकर विभाग में देरी का कारण बताते हुए एक क्षमा अनुरोध दायर कर सकता है.

कैसे वेरीफाई करें ITR?
आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल, नेटबैंकिंग और ऑफलाइन भी ओटीपी के जरिए आईटीआर को आसानी से वेरीफाई किया जा सकता है. आधार ओटीपी के जरिए ई-सत्यापन के लिए आयकर वेबसाइट पर ई-फाइलिंग अकाउंट में लॉग इन करें और ई-फाइल टैब में आने वाले ‘ई-वेरीफाई रिटर्न’ पर क्लिक करें. यहां आप ई-सत्यापन के मोड का चयन कर सकते हैं और प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं.  ऑफलाइन वेरिफिकेशन के लिए आपको आईटीआर वेरिफिकेशन फॉर्म को प्रिंट करना होगा और इसे बेंगलुरु आयकर विभाग ऑफिस में स्पीड पोस्ट से भेजना होगा.

Tags: Business news, Business news in hindi, ITR, ITR filing

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