पढ़ें जैक मा के वो आखिरी शब्‍द, जिनके बाद 2 महीने से ज्‍यादा समय से लापता हैं चीन के सबसे अमीर शख्‍स

चीन के अरबपति उद्यमी जैक मा अक्‍टूबर 2020 में शघाई के एक कार्यक्रम में दिए भाषण के बाद से लापता हैं.

चीन के अरबपति उद्यमी जैक मा अक्‍टूबर 2020 में शघाई के एक कार्यक्रम में दिए भाषण के बाद से लापता हैं.

चीन के सबसे अमीर उद्यमी जैक मा (Jack Ma) दो महीने से ज्‍यादा समय से लापता (Missing) हैं. उन्‍होंने आखिरी बार शंघाई में हुए एक कार्यक्रम में चीन की वित्‍तीय संस्‍थाओं को 'पॉन शॉप' बताया था. साथ ही राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) और कम्‍युनिस्‍ट सरकार की भी सीधी आलोचना कर दी थी. इसके बाद से वह किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं. आइए जानते हैं कि उन्‍होंने अपने आखिरी भाषण में क्‍या कहा था..

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 6, 2021, 8:03 PM IST
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नई दिल्‍ली. ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा (Alibaba) और एंट ग्रुप (Ant Group) के मालिक जैक मा (Jack Ma) दो महीने से लापता हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) और चीन की कम्‍युनिस्‍ट सरकार की आलोचना करने के कारण निशाने पर आए जैक मा 2 महीने से ज्‍यादा समय से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर नहीं आए हैं. यहां तक कि उनका ट्विटर अकाउंट भी शांत है, जबकि वह लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे. आइए जानते हैं कि आखिर चीन के सबसे अमीर व्‍यक्ति ने ऐसा क्‍या कह दिया जो चीन की सरकार को नागवार गुजरा और वह सार्वजनिक मंच से गायब ही हो गए.

शंघाई के कार्यक्रम में जैक मा ने दिया था ये भाषण

जैक मा ने अक्टूबर 2020 को शंघाई में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, 'नई खोज नए रेग्‍युलेशन के साथ अस्तित्‍व में आ सकती है लेकिन पुराने तरीके से बनाए गए रेग्‍युलेशन के साथ नहीं. हम एक हवाई अड्डे को ठीक उसी ढंग से मैनेज नहीं कर सकते, जिस ढंग से रेलवे स्‍टेशन को करते हैं या फिर भविष्‍य को हम ठीक उस तरह से मैनेज नहीं कर सकते, जिस तरह अतीत को करते हैं. आर्थिक जगत में हमें 'गिरवी' वाली मानसिकता से मुक्‍त होना होगा. हमें क्रेडिट सिस्‍टम के विकास पर निर्भर होना ही होगा. मैंने यह पाया है कि 'गिरवी' की मानसिकता चीन की सबसे गंभीर समस्‍या है. इससे काफी उद्यमी प्रभावित हुए हैं. उद्यमी को अपनी सारी संपत्ति गिरवी रखनी पड़ती है और यह बहुत गंभीर मामला है. ऐसी स्थिति में वे बहुत ज्‍यादा दबाव में रहते हैं.'

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जैक ने चीन के बैंकों को बता डाला था 'पॉन शॉप'

अलीबाबा के संस्‍थापक जैक ने आगे कहा, 'हमें नई और युवा पीढ़ी के लिए नई आर्थिक व्‍यवस्‍था तैयार करनी होगी. हमें मौजूदा बैंकिंग सिस्‍टम में सुधार करना ही होगा.' यही नहीं उन्‍होंने चीन के बैंकों को 'पॉन शॉप' (गिरवी के बदले कर्ज देने वाले सूदखोर) तक कह डाला था. जैक मा ने चीन की वित्तीय संस्थाओं और सरकारी बैंकों के खिलाफ बयान दिया था. उन्होंने कहा था, 'ऐसे सिस्टम में बदलाव किया जाए जो बिजनस में नई चीजें शुरू करने के प्रयास को दबाने की कोशिश करे.' वहीं, उन्होंने वैश्विक बैंकिंग नियमों को 'बुजुर्गों का क्लब' तक कह दिया था. इस दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी नाम लिया था. सीधे जिनपिंग को निशाना बनाकर जैक मा ने उस सीमा को लांघ दिया था, जो चीन की मौजूदा व्यवस्था में ईशनिंदा से कम नहीं है.

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भाषण के बाद शुरू हो गया जैक मा का बुरा दौर

जैक मा के इस भाषण के बाद चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्‍ट पार्टी भड़क गई. फिर जैक मा और उनकी कंपनी के लिए बुरा दौर शुरू हो गए. सबसे पहले नवंबर 2020 में उनकी कंपनी एंट ग्रुप के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को सस्‍पेंड किया गया. वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा के एंट ग्रुप के आईपीओ को रद करने का आदेश सीधा चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से आया था. इससे न्‍यूयॉर्क में आईपीओ औंधे मुंह गिर पड़ा. जैक मा की कंपनियों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए. चीन के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने भी एंट ग्रुप को नोटिस भेज दिया. चीन के मार्केट रेगुलेटर ने अलीबाबा ग्रुप के खिलाफ एकाधिकार-रोधी जांच शुरू कर दी. अलीबाबा के खिलाफ एंटी ट्रस्ट जांच का ऐलान होते ही रेग्युलेटरी एजेंसियों ने भी एंट ग्रुप की निगरानी की रूपरेखा तय करनी शुरू कर दी.

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आखिरी ट्वीट में अरबपति उद्यमी ने दी थी ये जानकारी

जैक मा ने आखिरी बार 10 अक्टूबर 2020 को दोपहर 2.36 बजे एक ट्वीट किया था. इसमें उन्होंने दुनिया की बड़ी-बड़ी हस्तियों के साथ एक कार्यक्रम से जुड़ने की जानकारी दी थी. जैक मा को अपने टीवी शो 'अफ्रीका बिजनेस हीरोज' के नवंबर 2020 में होने वाले फाइनल में भी शामिल होना था, लेकिन वो पहले ही लापता हो गए. उनके ही शो से उनकी तस्वीर भी हटा दी गई. हालांकि, अलीबाबा समूह की ओर से कहा गया कि जैक मा व्यस्तता के कारण पैनल का हिस्सा नहीं हैं. अब चीन के सरकारी अखबार पीपुल्स डेली ने जैक मा की मौजूदगी को लेकर कहा है कि उन्‍हें एक अज्ञात स्थान पर 'निगरानी' में रखा गया है. जैक मा को सरकार ने सलाह दी है कि वह किसी भी हालत में देश नहीं छोड़ेंगे.

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चीन में आवाज दबाने का नहीं है ये पहला मामला

चीन में सरकार की आलोचना करने वालों की आवाज दबाने पर गायब होने वाले जैक मा पहले शख्‍स नहीं हैं. चीन बड़ी संख्‍या में अपने देश में ऐसे लोगों को नजरबंद कर चुका है जो कम्‍युनिस्‍ट पार्टी या शी जिनपिंग की नीतियों की आलोचना करते हैं. इससे पहले शी जिनपिंग की आलोचना करने वाले रियल एस्‍टेट कारोबारी रेन झिकियांग लापता हो गए थे. उन्‍होंने कोरोना वायरस के खिलाफ सही कदम नहीं उठाने के लिए जिनपिंग को 'मसखरा' बताया था. बाद में उन्‍हें 18 साल के लिए जेल भेज दिया गया. चीन के अरबपति शिआन जिआनहुआ 2017 से नजरबंद हैं. अब इस सूची में जैक मा का नाम भी जुड़ता हुआ लग रहा है. बता दें कि अक्टूबर 2020 के आखिर से अब तक अरबपति जैक मा की संपत्ति में 11 अरब डॉलर की कमी आई है और अब ये 50.9 अरब डॉलर रह गई है.
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