अब कश्मीर के बल्ले से ज्यादा लगेंगे चौके-छक्के, मोदी सरकार के 'मिशन कश्मीर का असर

सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल 35A और 370 को हटाने का ऐलान किया है. सरकार के इस फैसले से अब जम्मू-कश्मीर में बैट इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा.

News18Hindi
Updated: August 5, 2019, 1:52 PM IST
अब कश्मीर के बल्ले से ज्यादा लगेंगे चौके-छक्के, मोदी सरकार के 'मिशन कश्मीर का असर
सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल 35A और 370 को हटाने का ऐलान किया है. सरकार के इस फैसले से अब जम्मू-कश्मीर में बैट इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा.
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Updated: August 5, 2019, 1:52 PM IST
क्या आप जानते हैं कि इंग्लैंड के साथ ही भारत के जम्मू-कश्मीर में भी विलो बैट बनते हैं. इंग्लैंड के बाद कश्मीर दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जहां विलो का पेड़ उगता है और इसी पेड़ को काटकर सूखाकर उसी से क्रिकेट बैट का निर्माण किया जाता है. लेकिन अब केंद्र की मोदी सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल 35A और 370 में बदलाव ऐलान किया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा है कि कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 में बड़ा बदलाव किया गया है. अब सिर्फ आर्टिकल 370 का खंड A लागू रहेगा. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब कश्मीर के बल्ले दुनियाभर में अपनी पहुंच बनाएंगे, क्योंकि इंडस्ट्री में इन्वेसमेंट बढ़ेगा. साथ ही, एक्सपोर्ट में भी तेजी आ सकती है.

आपको बता दें कि कश्मीर देश का एक मात्र विलो पेड़ की उत्पत्ति का राज्य है. इंग्लिश विलो पेड़ की पांच प्रजातियां होतीं हैं. जिस प्रजाति का क्रिकेट बल्ला तैयार किया जाता है उसे 'सेलिक्स अल्बा 'केरुलिया' कहा जाता है ये विलो पेड़ का साइंटिफिक नाम भी है. विलो पेड़ ठंडे जगहों पर ही पाए जातें हैं.

हुआ ये फैसला- अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लद्दाख के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्ज दिया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें. रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर को अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. जम्मू-कश्मीर राज्य में विधानसभा होगी.

श्रीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में अपने भाषण के दौरान कहा था, कि सचिन, सहवाग या धोनी जिसने भी छक्का मारा, कश्मीर के बैट से ही मारा.

बैट इंडस्ट्री को मिलेगा बूस्ट- एक्सपर्ट्स का कहना है कि जम्मू-कश्मीर देश का सबसे बड़ा क्रिकेट बैट मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट है. उनका मानना है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने से यहां आर्थिक स्थिति सुधरेगी. बैट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा. कंपनियां यहां आकर अपना प्लांट लाएंगी जिससे स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार भी मिलेगा.

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इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सालाना 25 लाख रेडी टू प्ले और रॉ कश्मीर विलो बैट का प्रोडक्शन करता है. फिलहाल, वैली में करीब 500 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और जम्मू में 600 यूनिट्स मौजूद है जो सीधे तौर पर राज्य में 3 लाख से अधिक लोगों को आजीविका प्रदान कर रहा है.
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बैट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने का मौका-आप क्रिकेट बैट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने पर विचार कर सकते हैं. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम (PMEGP) के तहत ऐसे बिजनेस को 90 फीसदी तक लोन दिया जाता है. साथ ही, 15 से 25 फीसदी तक सब्सिडी भी दी जाती है.
First published: August 5, 2019, 1:06 PM IST
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