जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश! इससे टूरिज्म और इन उद्योग धंधों को फायदा, बनेंगे ज्यादा नौकरियों के मौके

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर सरकार इस फैसले को पूरी तरह से लागू करा पाती है तो रियल एस्टेट, टूरज्मि, ड्राइफ्रूट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश बढ़ेगा. लिहाजा नए रोजगार के अवसर भी बनेंगे.

News18Hindi
Updated: August 5, 2019, 1:09 PM IST
जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश! इससे टूरिज्म और इन उद्योग धंधों को फायदा, बनेंगे ज्यादा नौकरियों के मौके
जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश!
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Updated: August 5, 2019, 1:09 PM IST
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को लेकर बड़ा फैसला लिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने का संकल्प राज्यसभा में पेश किया है. साथ ही, राज्यसभा में अमित शाह ने राज्य पुनर्गठन विधेयक को पेश किया है. इसके तहत जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दिया गया है. लद्दाख को बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस फैसले का असर बड़ा होगा. राजनीति के अलावा आर्थिक तौर पर भी जम्मू-कश्मीर देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा सहयोगी बनेगा. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगर सरकार इस फैसले को पूरी तरह से लागू करा पाती है तो रियल एस्टेट, टूरिज्म, ड्राइफ्रूट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश बढ़ेगा. लिहाजा नए रोजगार के अवसर भी बनेंगे.

आज क्या हुआ- अमित शाह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लद्दाख के लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि लद्दाख को केंद्र शासित राज्य का दर्ज दिया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोग अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें. रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू-कश्मीर को अलग से केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया है. जम्मू-कश्मीर राज्य में विधानसभा होगी.

बढ़ेगा निवेश, बनेंगे नई नौकरियों के मौके- एसकोर्ट सिक्योरिटी लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद दीक्षित ने न्यूज18 हिंदी को खास बातचीत में बताया कि इस फैसले से जम्मू को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा. पिछले दिनों एक रिपोर्ट में कहा गया था कि साल 2029 तक देश के टूरिज्म सेक्टर में हर साल 10 लाख नौकरियां जुड़ने का अनुमान है. ऐसे में ये फैसला इस सेक्टर को और बेहतर बनाएगा. बीते साल 2018 में इस सेक्टर में सीधे तौर पर 2.67 करोड़ लोग नौकरी कर रहे हैं.

विनोद दीक्षित कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में फ्रूट और डायफ्रूट्स की फसल काफी होती है. लिहाजा अब वहां पर कंपनियां अपनी प्रोसेसिंग यूनिट भी लगा पाएंगी. इसके अलावा सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करेगी तो इससे इंजीनियरिंग कंपनियों को नए ऑडर्स मिलेंगे और रोजगार के ज्यादा मौके बनेंगे.

कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर पशुपति सुब्रमण्यम ने न्यूज18 हिंदी को बताया है कि कश्मीर घाटी फलों और हस्तकला के लिए तो मशहूर है ही साथ ही यहां हाइड्रो बिजली की भी संभावनाएं काफी हैं. अब इस फैसले से हॉस्पिटेलिटी इंडस्ट्री के बेहतर होने की उम्मीद है, क्योंकि कई बड़ी कंपनियां अपना होटल खोल सकती है. साथ ही, कई बीयर बनाने के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी जम्मू में हैं. अब उम्मीद की जा रही है और नया निवेश बढ़ेगा.

जम्मू-कश्मीर उद्योग पर एक नज़र- हस्‍त‍शिल्‍प जम्मू-कश्मीर का परपंरागत उद्योग है. हाथ से बनी वस्‍तुओं की व्‍यापक रोज़गार क्षमता और विशेषज्ञता को देखते हुए राज्‍य सरकार ह‍स्‍तशिल्‍प को उच्‍च प्राथमिकता दे रही है. कश्मीर के प्रमुख हस्‍तशिल्‍प उत्‍पादों में कागज की लुगदी से बनी वस्‍तुएं, लकड़ी पर नक्काशी, कालीन, शॉल और कशीदाकारी का सामान आदि शामिल हैं. हस्‍तशिल्‍प उद्योग से काफ़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आती है.

>> हस्‍तशिल्‍प उद्योग में 3.40 लाख कामगार लगे हुए हैं. उद्योगों की संख्‍या बढ़ी है. करथोली, जम्मू में 19 करोड़ रुपये का निर्यात प्रोत्‍साहन औद्योगिक पार्क बनाया गया है.
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>>ऐसा ही एक पार्क ओमपोरा, बडगाम में बनाया जा रहा है. जम्मू में शहरी हाट हैं जबकि इसी तरह के हाट श्रीनगर में बनाए जा रहे है. राग्रेथ, श्रीनगर में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से सॉफ्टेवयर टेक्‍नोलॉजी पार्क शुरू किया गया है.

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First published: August 5, 2019, 12:31 PM IST
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