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लोगों तक दवाएं पहुंचाने के लिए वॉट्सऐप-ईमेल से ऑर्डर ले रहे हैं जनऔषधि केंद्र

लोगों तक दवाएं पहुंचाने के लिए वॉट्सऐप-ईमेल से ऑर्डर ले रहे हैं जनऔषधि केंद्र

जन औषधि केंद्र पर दवा के औसत मूल्य से 50 से 90% कम दाम पर दवाएं मिलती हैं (फाइल फोटो)

जन औषधि केंद्र पर दवा के औसत मूल्य से 50 से 90% कम दाम पर दवाएं मिलती हैं (फाइल फोटो)

रसायन और उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) की ओर से एक बयान में कहा गया कि अभी देश भर में 726 जिलों में 6,300 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK) हैं जो कि लोगों तक वाजिब दामों पर लोगों तक गुणवत्ता वाली दवाईयां पहुंचा रहे हैं.

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    नई दिल्ली. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कई जनऔषधि केंद्रों (Janaushadhi Kendras) पर वॉट्सऐप और ई-मेल (Whatsapp and E-mail) के जरिए भी मरीजों (Patients) से दवाओं के ऑर्डर लिए जा रहे हैं. मंगलवार को इस बात की जानकारी सरकार ने दी. रसायन और उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) की ओर से एक बयान में कहा गया कि अभी देश भर में 726 जिलों में 6,300 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK) हैं जो कि लोगों तक वाजिब दामों पर लोगों तक गुणवत्ता वाली दवाईयां पहुंचा रहे हैं.

    दूरदराज इलाकों में डिलीवरी के लिए ली जा रही है इंडिया पोस्ट की मदद
    रसायन और उर्वरक मंत्री (Minister of Chemicals and Fertilizers) डीवी सदानंद गौड़ा (DV Sadananda Gowda) ने कहा, 'यह प्रशंसा योग्य है कि कई PMBJK जरूरतमंदों तक तेजी से दवाएं पहुंचाने के लिए संचार की नई तकनीकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिसमें वॉट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं.' दूर-दराज के स्टोर तक दवाओं की डिलीवरी के लिए इंडिया पोस्ट (India Post) की मदद भी ली जा रही है.

    प्रधानमंत्री औषधि केंद्रों ने अप्रैल में 52 करोड़ रुपये की बिक्री की
    कोरोना वायरस के कारण देश भर में लगे लॉकडाउन (Lockdown) के कारण खरीद व लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों के बाद भी प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों ने अप्रैल में 52 करोड़ रुपये की बिक्री की है. एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गयी. रसायन और उर्वरक मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) ने बयान में कहा कि इन केंद्रों ने पिछले साल अप्रैल में 17 करोड़ रुपये और मार्च 2020 में 42 करोड़ रुपये की बिक्री की थी.

    जनऔषधि केंद्र में बाजार के औसत मूल्य से 50 से 90% सस्ती मिलती हैं दवाएं
    बयान के अनुसार, इससे लोगों को लगभग 300 करोड़ रुपये की कुल बचत (Savings) हुई है. जनऔषधि केंद्रों (Mass medicine centers) पर दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत सस्ती मिलती हैं. बयान में कहा गया है कि मंत्रालय प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के माध्यम से देश के लोगों को सस्ती दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

    यह भी पढ़ें:- कोरोना- HCQ और Remdesivir में से कौन ज्यादा असरदार, CSIR डायरेक्टर ने दिया जवाब

    Tags: Coronavirus, Coronavirus pandemic, COVID 19, COVID-19 pandemic, Covid19, Department of Health and Medicine, Generic medicines, India post, Lockdown, Lockdown-3, Whatsapp

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