चीन छोड़ने वाली 57 कंपनियों को जापान सरकार देगी 4 हजार करोड़ की सब्सिडी, जानें क्या है मामला?

चीन छोड़ने वाली 57 कंपनियों को जापान सरकार देगी 4 हजार करोड़ की सब्सिडी, जानें क्या है मामला?
57 जापानी कंपनियों ने चीन में बंद किया काम

कोरोना वायरस (Coronavirus) के वैश्विक महामारी में चीन की भूमिका और उसके रवैये के बाद जापान सरकार ने चीन में काम कर रही अपनी कंपनियों को वहां से शिफ्ट करने के लिए कहा है. जापान के पीएम ने 2.2 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज देने का फैसला किया.

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  • Last Updated: July 19, 2020, 12:38 PM IST
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नई दिल्ली. जापान की सरकार चीन से अपनी फैक्ट्रियों को स्थानांतरित कर अपने देश या दक्षिण एशिया में फैक्ट्री लगाने वाली कंपनियों को भुगतान करना शुरू करेगी. यह आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने और चीन में विनिर्माण पर निर्भरता को कम करने के लिए एक नए कार्यक्रम का हिस्सा होगी. बता दें कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के वैश्विक महामारी में चीन की भूमिका और उसके रवैये के बाद जापान सरकार ने चीन में काम कर रही अपनी कंपनियों को वहां से शिफ्ट करने के लिए कहा है. जापान के पीएम ने 2.2 अरब डॉलर का आर्थिक पैकेज देने का फैसला किया. मतलब ये कि अगर जापान की कोई कंपनी चीन से अपना व्यापार बंद कर दूसरे देश में कारोबार शुरू करती है तो जापान सरकार उन्हें आर्थिक मदद देगी.

व्यापार और उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि फेसमास्क निर्माता Iris Ohyama Inc और शार्प कॉर्प (Sharp Corp) समेत 57 प्राइवेट कंपनियों को सरकार और मिनिस्ट्री ऑफ इकोनॉमी से सब्सिडी में कुल 4002  करोड़ रुपए (53.6 करोड़ डॉलर) प्राप्त होंगे. वहीं, वियतनाम, म्यांमार, थाईलैंड और अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में विनिर्माण को स्थानांतरित करने के लिए 30 और कंपनियों को एक अलग घोषणा के अनुसार रकम प्राप्त होगा.

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निक्केई समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान सरकार चीन से अपना कारोबार समेटने वाली कंपनियों को कुल 4,900 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी. यह भुगतान सरकार के 17,000 करोड़ रुपए (243.5 अरब येन) के फंड से होगा, जो उसने अप्रैल में चीनी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम करने के लिए निर्धारित किया था, जिसका उद्देश्य कंपनियों को घर वापस या अन्य देशों में शिफ्ट करने में मदद करना था.
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चीन सामान्य परिस्थितियों में जापान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और जापानी कंपनियों का वहां बड़े पैमाने पर निवेश है. कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप ने उन आर्थिक संबंधों के साथ-साथ जापान में चीन की छवि को भी नुकसान पहुंचाया है. जापान का निर्णय 2019 में एक ताइवानी नीति के समान है, जिसका उद्देश्य चीन से निवेश वापस लाना था. अब तक, किसी अन्य देश ने कंपनियों को चीन से शिफ्ट प्रोत्साहित करने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई है.
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