vidhan sabha election 2017

जेपी 2500 करोड़ रु. में यमुना एक्‍सप्रेस-वे बेचकर चुकाएगा होम बायर्स के पैसे!

News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 1:11 PM IST
जेपी 2500 करोड़ रु. में यमुना एक्‍सप्रेस-वे बेचकर चुकाएगा होम बायर्स के पैसे!
पहले से भारी वित्तीय समस्‍याओं से घिरी रियल एस्‍टेट कंपनी जयप्रकाश (जेपी) एसोसिएट्स की कठिनाइयां और बढ़ गई हैं. अब कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट से यमुना एक्सप्रेस-वे को बेचने की इजाजत मांगी है, ताकि वह होम बायर्स के पैसे दे सके.
News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 1:11 PM IST
पहले से भारी वित्तीय समस्‍याओं से घिरी रियल एस्‍टेट कंपनी जयप्रकाश (जेपी) एसोसिएट्स की कठिनाइयां और बढ़ गई हैं. अब कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट से यमुना एक्सप्रेस-वे को बेचने की इजाजत मांगी है, ताकि वह होम बायर्स के पैसे दे सके. अगर ऐसा होता है तो यमुना एक्सप्रेस वे जल्द किसी अन्य कंपनी के हाथों चला जाएगा. यह सौदा 2500 करोड़ रुपए का हो सकता है. हालांकि इससे होम बायर्स को बड़ी राहत मिल सकती है.

अगली सुनवाई 23 अक्‍टूबर को
जेपी ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उसके पास इसके लिए 2500 करोड़ रुपए का ऑफर है. कंपनी ने अदालत से इस प्रोजेक्‍ट को किसी दूसरी पार्टी को देने की अनुमति मांगी है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को करेगा.

बिल्‍डर की नहीं, होम बायर्स की चिंता

मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविल्‍कर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि हमें कंपनी के हितों की चिंता नहीं, होम बायर्स की चिंता है.

फंसे हैं 32 हजार से अधिक निवेशक
जेपी के प्रोजेक्‍ट में 32000 से अधिक होम बायर्स और क्रेडिटर्स फंसे हुए हैं.

2000 करोड़ रुपए जमा करने का दिया था आदेश
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए जेपी इन्‍फ्रा की पैरेंट कंपनी जेपी एसोसिएट्स को 2000 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 27 अक्‍टूबर तक जमा कराने का आदेश दिया था, ताकि उस पैसे को परेशान होम बायर्स को दिया जा सके. कोर्ट ने कहा था कि कंपनी बंगाल की खाड़ी में डूबती है तो डूब जाए, हमें घर खरीदारों की फिक्र है. इन खरीदारों में ज्यादातर निम्न और मध्यम वर्ग के हैं. उन्हें या तो फ्लैट दिया जाना चाहिए या उनका पैसा वापस मिलना चाहिए.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर