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सिर्फ 1 रुपये में बिक रही है Jet Airways की हिस्सेदारी, जानें क्या है वजह!

News18Hindi
Updated: February 19, 2019, 7:17 PM IST
सिर्फ 1 रुपये में बिक रही है Jet Airways की हिस्सेदारी, जानें क्या है वजह!
जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले SBI के नेतृत्व वाले सरकारी बैंकों के समूह ने कंपनी के 50.1 फीसदी शेयरों को 1 रुपये में लेने की बात कही है.

जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले SBI के नेतृत्व वाले सरकारी बैंकों के समूह ने कंपनी के 50.1 फीसदी शेयरों को 1 रुपये में लेने की बात कही है.

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  • Last Updated: February 19, 2019, 7:17 PM IST
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कर्ज में डूबी प्राइवेट एयरलाइन जेट एयरवेज (Jet Airways) की 50 फीसदी हिस्सेदारी सिर्फ 1 रुपये में बिक रही है. जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले देश की सबसे बड़ी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के नेतृत्व वाले सरकारी बैंकों के समूह ने कंपनी के 50.1 फीसदी शेयरों को 1 रुपये में लेने की बात कही है. 21 फरवरी को जेट की किस्मत का फैसला होगा. (ये भी पढ़ें: बैंक खाता बंद करने का सबसे आसान तरीका! जानिए इससे जुड़ी सभी काम की बातें!)

करीब एक दशक से देश की टॉप तीन एयरलाइंस में शुमार रही जेट एयरवेज को कभी ट्रैवल एजेंट रहे नरेश गोयल ने स्थापित किया था. इस कंपनी ने ही 1990 के दशक में एविएशन सेक्टर में सरकारी कंपनियों के एकाधिकार को समाप्त किया था. फिलहाल इस कंपनी में 24 फीसदी हिस्सेदारी अबू धाबी की एतिहाद एयरवेज की है.

कैसे मुश्किल में फंसी जेट एयरवेज
जेट एयरवेज का दबदबा इंडिगो, स्पाइसजेट, गो एयर जैसी एयरलाइंस के आने से कम होता गया. जेट ने जब मुकाबला करने के लिए किराए कम करने शुरू किए तो उसे नुकसान होने लगा. लेकिन जेट फ्यूल महंगा होना शुरू हुआ तो किराए बढ़ने लगे और लोगों ने महंगे के बजाए बजट एयरलाइंस को ही पसंद किया. एयरलाइंस ने लोन पर डिफॉल्ट करना शुरू कर दिया कर्मचारियों की सैलरी देने के लिए रकम कम पड़ने लगी और बहुत सी उड़ानें रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा. यही वजह रही कि कंपनी लगातार कर्ज के चक्र में फंसती चली गई.



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क्या है 1 रुपए की डील
स्टेट बैंक की अगुआई वाले कंसोर्शियम ने रिजर्व बैंक के फ्रेमवर्क के हिसाब से 11.40 करोड़ नए शेयर जारी करके 50.1 फीसदी हिस्सेदारी 1 रुपए में खरीदने का प्रस्ताव दिया है.

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कंपनी डूबी तो छिनेंगे 23,000 रोजगार
जेट एयरवेज का बने रहना सरकार के लिए भी बेहद जरूरी है. वजह यह है कि फिलहाल रोजगार सृजन न कर पाने के आरोपों में घिरी सरकार कंपनी के फेल होने पर घिर सकती है. जेट एयरवेज ने 23,000 लोगों को रोजगार दे रखा है. यदि कंपनी में किसी तरह का बिखराव होता है तो यह रोजगार के लिहाज से भी गहरा संकट होगा.

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जेट एयरवेज को उड़ान भरने के लिए फिलहार करीब 8500 करोड़ रुपये की जरूरत है. इतने रकम नई इक्विटी, कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग और कुछ एसेट बेचने से आएगी. अगर डील को मंजूरी मिल गई तो बैंकों का कर्ज शेयर में बदल जाएगा उससे जेट एयरवेज पर कर्ज सिर्फ 1 रुपए रह जाएगा.

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First published: February 19, 2019, 5:35 PM IST
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