राहत: जेट एयरवेज को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने की बड़ी बैठक, जारी किया ये आदेश

एविएशन कंपनी जेट एयरवेज को लेकर PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने समीक्षा बैठक कर इस मामले की पूरी जानकारी हासिल की है. साथ ही, कॉर्पोरेट मामले के मंत्रालय को आदेश दिया है कि इस पर नज़र रखें और तेजी से कदम उठाएं.

News18Hindi
Updated: June 17, 2019, 11:26 AM IST
राहत: जेट एयरवेज को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय ने की बड़ी बैठक, जारी किया ये आदेश
जेट एयरवेज मामले में PMO ने शुरू की कार्रवाई!
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Updated: June 17, 2019, 11:26 AM IST
एविएशन कंपनी जेट एयरवेज को लेकर PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने समीक्षा बैठक कर इस मामले की पूरी जानकारी हासिल की है. साथ ही, कॉर्पोरेट मामले के मंत्रालय को आदेश दिया है कि इस पर नज़र रखें और तेजी से कदम उठाएं. वहीं, जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों की भी आज मीटिंग होने वाली है, जिसमें इस पर गौर किया जाएगा कि क्या स्ट्रेस्ड ऐसेट्स पर आरबीआई के 7 जून के सर्कुलर के मुताबिक कोई समाधान हो सकता है. इस मामले से वाकिफ तीन बैंकरों ने यह जानकारी दी है. आपको बता दें कि जेट एयरवेज पिछले कुछ महीनों से अस्थाई तौर पर बंद है.दिवाला कानून के तहत इस मामले के निपटारे पर फैसला करने से पहले बैंक हिंदुजा ग्रुप और साउदी अरब की कंपनी एतिहाद को आखिरी मौका दे सकते हैं. उधर, जेट के खिलाफ दो कंपनियों ने मुंबई की दिवाला अदालत में याचिका दायर की है, जिस पर 20 जून को सुनवाई होगी.

जेट एयरवेज का शेयर में गिरावट का दौर जारी है. सोमवार को यह 10 फीसदी से ज्यादा गिरकर 70 रुपये के भाव पर आ गया है. जबकि, दो हफ्ते में शेयर के भाव 53 फीसदी, वहीं, तीन महीने में 70 फीसदी और पिछले एक साल में यह 81 फीसदी लुढ़क चुका है.

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जेट एयरवेज को लेकर क्या हैं बैंक का प्लान- बैंक कंपनी को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में जेट को ले जाने से बच रहे है क्योंकि इसे बेचकर अधिक से अधिक रिकवरी की कोशिश में हैं. बैंक ऐसी योजना पर भी काम कर रहे हैं, जिसमें जेट एयरवेज ब्रांड को किसी निवेशक को बेचा जा सके. हालांकि, इसमें उन्हें कंपनी को दिए गए कर्ज के बड़े हिस्से से हाथ धोना पड़ेगा.


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जेट को कर्ज देने वाले बैंक पहले कह चुके हैं कि कंपनी की नेगेटिव नेटवर्थ को बदलना और इसकी सेवाओं को बहाल करना निवेशकों के लिए आसान नहीं होगा. जेट पर 8,500 करोड़ रुपये का कर्ज है और इसकी कुल देनदारी 25 हजार करोड़ रुपये है. देश की सबसे पुरानी प्राइवेट एयरलाइन ने 17 अप्रैल को सारी उड़ानें बंद कर दी थीं क्योंकि उसके पास रोजमर्रा के कामकाज जारी रखने के लिए भी कैश नहीं बचा था. वहीं, बैंकों ने इसके लिए उसे अंतरिम कर्ज देने से मना कर दिया था.
First published: June 17, 2019, 11:20 AM IST
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