'जेट एयरवेज का ऑपरेशन बंद होने से बेरोज़गार हुए 16 हजार परमानेंट कर्मचारी'

जेट एयरवेज के अस्थाई तौर पर ऑपरेशन बंद होने के बाद 16,000 कर्मचारी बेरोजगार हो गए है. जेट कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष किरण पावसकर ने कहा कि कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखी है.

News18Hindi
Updated: April 18, 2019, 3:05 PM IST
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जेट एयरवेज के अस्थाई तौर पर ऑपरेशन बंद होने के बाद 16,000 कर्मचारी बेरोजगार हो गए है. जेट कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष किरण पावसकर ने कहा कि कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने कहा कि 16 हजार कर्मचारी बिना काम के बैठे हैं और नौकरी की कोई सुरक्षा नहीं है. पावसकर ने नरेश गोयल को हटाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है कि कंपनी अच्छी थी तो नरेश गोयल को क्यों निकाला गया. उन्होंने कहा कि 25 साल नरेश गोयल ने कंपनी को चलाया तो उन्हें निकालने का षडयंत्र क्यों रचा गया.

ऑपरेशन बंद करने के खिलाफ जेट के कर्मचारी विरोध में उतर आए हैं. उनका कहना है कि मैनेजमेंट ने उन्हे उड़ाने बंद करने की भी जानकारी भी नहीं दी, ये खबर उन्हे मीडिया से मिली. जेट कर्मचारी अब कंपनी के फैसले के खिलाफ हर तरह की लड़ाई के मूड में हैं.



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अब क्या होगा- प्राइवेट सेक्टर की 25 साल पुरानी एविएशन कंपनी जेट एयरवेज ने बुधवार रात से अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है. वहीं, कंपनी के शेयर में लगा आम लोगों के पैसों पर भी बड़ा संकट मंडरा रहा है. इस माहौल में जेट को बचाने के लिए सिर्फ दो ही ऑप्शन है. पहला, कंपनी में हिस्सा खरीदने वाला खरीदारा मिल जाता है. दूसरा, कंपनी अब एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) में जाएगी, फिर वहां इस पर कार्रवाई होगी. ये भी पढ़ें-जेट एयरवेज संकट: कुछ ही मिनटों में डूब गए करोड़ों रुपये, अब क्या करें निवेशक!

बुधवार को क्या हुआ- जेट एयरवेज की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैंकों के समूह द्वारा 400 करोड़ रुपये का इंस्टेंट लोन नहीं मिलने के बाद  जेट एयरवेज ने अस्थाई तौर पर ऑपरेशन बंद करने का फैसला किया है. कर्जदाताओं और अन्य किसी भी तरीके से एमरजेंसी फंड नहीं मिला है. ऐसे में कंपनी को चलाने कि लिए पैसा खत्म हो गया है. कंपनी ईंधन और दूसरी अहम सेवाओं का भुगतान नहीं कर पा रही है. इस वजह से हम अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने के लिये मजबूर हैं.



कंपनी के साथ आखिर क्या हुआ-नरेश गोयल ने जेट एयरवेज की शुरुआत आज से करीब 25 साल पहले की थी. लेकिन साल 2010 के बाद कंपनी पर कर्ज़ बढ़ने लगा. ऐसे में कंपनी मुनाफे से घाटे में आ गई. इसके बाद कंपनी बैंकों के कर्ज़ का भुगतान नहीं कर पाई. साथ ही, ऑपरेशन चलाने के लिए कंपनी के पास पैसा खत्म हो गया. आपको बता दें कि कंपनी पर करीब 8500 करोड़ रुपये का कर्ज़ है.
जेट एयरवेज के कर्मचारियों का प्रदर्शन


कंपनी के साथ आखिर क्या हुआ-नरेश गोयल ने जेट एयरवेज की शुरुआत आज से करीब 25 साल पहले की थी. लेकिन साल 2010 के बाद कंपनी पर कर्ज़ बढ़ने लगा. ऐसे में कंपनी मुनाफे से घाटे में आ गई. इसके बाद कंपनी बैंकों के कर्ज़ का भुगतान नहीं कर पाई. साथ ही, ऑपरेशन चलाने के लिए कंपनी के पास पैसा खत्म हो गया. आपको बता दें कि कंपनी पर करीब 8500 करोड़ रुपये का कर्ज़ है.
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