Jet Airways के कर्मचारियों को बड़ी राहत, मिलेंगे 113 करोड़ रुपये

भारी घाटे और कर्ज के कारण जेट एयरवेज अप्रैल 2019 में बंद हो गई थी.

भारी घाटे और कर्ज के कारण जेट एयरवेज अप्रैल 2019 में बंद हो गई थी.

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (National Company Law Tribunal, NCLT) से रिजॉल्यूशन प्लान की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में 180 दिनों के भीतर 280 करोड़ रुपये की पूंजी झोंकी जाएगी.

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  • Last Updated: February 25, 2021, 5:52 AM IST
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नई दिल्ली. भारी घाटे और कर्ज के कारण अप्रैल 2019 में बंद हो चुकी जेट एयरवेज (Jet Airways ) फिर आसमान में उड़ने काे तैयार है. कंसोर्टियम ने लेनदारों को चुकाने के लिए पहले दो सालों में 600 करोड़ रुपये निवेश करने और कंपनी में 89.79 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने का प्रस्ताव दिया है. डील के मुताबिक, कर्मचारियों और वर्कमेन को पहले छह महीनों में 113 करोड़ रुपये मिलेंगे.

अगले पांच सालों में 1,183 करोड़ रुपये के भुगतान करने का प्रस्ताव
मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंसोर्टियम ने अगले पांच सालों में 1,183 करोड़ रुपये के भुगतान करने का प्रस्ताव रखा है. बता दें कि जेट को लंदन की एसेट मैनेजमेंट कंपनी कैलरॉक कैपिटल (Kalrock Capital) और एंटरप्रेन्योर मुरारी लाल जालान (Murari Lal Jalan) की कंसोर्टियम खरीद रही है.

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कंसोर्टियम की तरफ से 6 महीने में कंपनी में 280 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे


नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी एनसीएलटी (National Company Law Tribunal/NCLT) से रिजॉल्यूशन प्लान की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी में 180 दिनों के भीतर 280 करोड़ रुपये की पूंजी झोंकी जाएगी. इसमें 107 करोड़ रुपये वित्तीय लेनदारों, 43 करोड़ CRIP, 113 करोड़ रुपये कर्मचारियों और वर्कमेन, 9 करोड़ रुपये के लिए अन्य लेनदार और 8 करोड़ रुपये आकस्मिक फंड में जाएगी.

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17 हजार कर्मचारी सड़क पर आ गए थे
भारी घाटे और कर्ज के कारण जेट एयरवेज अप्रैल 2019 में बंद हो गई थी. उस समय कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल को 500 करोड़ रुपए की जरूरत थी, लेकिन वे इसे जुटा नहीं पाए. हालत यह हो गई कि कर्मचारियों की सैलरी और अन्य खर्च भी नहीं निकल पा रहे थे. जेट एयरवेज बंद होने के बाद इसके करीब 17 हजार कर्मचारी सड़क पर आ गए थे. इसके बाद जेट एयरवेज को कर्ज देने वाले बैंकों के कंसोर्टियम ने नरेश गोयल को कंपनी के बोर्ड से हटा दिया था.
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