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Budget 2022 : ये राहत मिले तो चमक उठेगा ज्‍वैलरी उद्योग, जानें क्‍या मांग रही इंडस्‍ट्री

Budget 2022 : ये राहत मिले तो चमक उठेगा ज्‍वैलरी उद्योग, जानें क्‍या मांग रही इंडस्‍ट्री

रत्‍न एवं आभूषण क्षेत्र की देश के निर्यात में बड़ी हिस्‍सेदारी रहती है.

रत्‍न एवं आभूषण क्षेत्र की देश के निर्यात में बड़ी हिस्‍सेदारी रहती है.

इंडस्‍ट्री ने कस्‍टम ड्यूटी, क्रेडिट कार्ड भुगतान और जीएसटी सहित कई तरह की राहत मांगी है. उसका कहना है कि सरकार ने महामारी के बाद सभी उद्योगों को राहत पैकेज दिया लेकिन हमें कुछ नहीं मिला. अब बजट से आस है.

नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी ने आम आदमी के हाथ से पैसा छीन लिया तो ज्‍वैलरी उद्योग की कमाई पर भी गहरा पड़ा. इंडस्‍ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि महामारी के बाद हॉलमार्क नियम लागू होने से हमारी बिक्री पर बड़ा असर पड़ा. अगर सरकार हमें भी बजट में कुछ राहत दे तो जूलरी उद्योग की चमक दोबारा लौट सकती है.

द बुलियन एंड ज्‍वैलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन योगेश सिंहल ने कहा, आम आदमी को जितनी ज्‍यादा सहूलियत मिलेगी ज्‍वैलरी उद्योग को भी उतना ही फायदा मिलेगा. लिहाजा सरकार को बजट में इनकम टैक्स (Income Tax) के 3 स्लैब रेट ही बनाने चाहिए. यह 10%, 15% और 20% से ऊपर नहीं होना चाहिये. इसके अलावा 10 तोला गोल्ड ज्वैलरी कैश मे खरीदने की छूट दी जाए, क्योंकि बेहद साधारण परिवार भी अपनी बेटी की शादी में उसकी सोशल सुरक्षा के लिए 100 ग्राम जेवर देता है.

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इन 8 बिंदुओं पर सरकार को दिए सुझाव
-पुराने जेवर की खरीद मूल्य को नए जेवर की बिक्री मूल्य से घटाकर ही आभूषण पर सरकार टैक्‍स लगाए.
-बैंक से मिले ब्याज पर टैक्स छूट दें, ताकि बचत को बढ़ावा मिले. अभी यह सीमा 10 हजार और वरिष्‍ठ नागरिक के लिए 50 हजार रुपये है.
-सोना, चांदी, हीरा की खरीद बिक्री के लाभ पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स 20% से घटाकर 10% व शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स 30% से घटाकर 20% होना चाहिए.
-ज्वेलरी की खरीद पर ऑटो इंडस्ट्री की तरह लोन की सुविधा भी मिलनी चाहिए.
-क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर कोई बैंक चार्ज नहीं लगना चाहिए, अभी 2,000 से ज्‍यादा भुगतान पर शुल्‍क लगता है.
-जीएसटी सेल्स टैक्स की तरह 1% होनी चाहिए.
-सोना-चांदी के आयात पर सीमा शुल्‍क महज 4% लिया जाना चाहिए, जिससे आभूषण सस्‍ते होंगे.
-सरकार Taxpayers से ब्याज का लेनदेन बैंक सिस्टम के आधार पर करे.

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हमारे लिए अभी कोई राहत पैकेज नहीं, बजट से है आस
एसोसिएशन ऑफ डायमंड एंड जूलरी इंडस्‍ट्री के जनरल सेक्रेटरी गुरमीत अरोड़ा ने कहा कि महामारी के बाद सरकार ने सभी क्षेत्रों को राहत पैकेज दिया, लेकिन हमारे लिए अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई है. अब बजट से आस है. जीएसटी हमारे लिए बड़ा मुद्दा है. अभी हम 3 फीसदी जीएसटी का भुगतान करते हैं, जबकि वैट (VAT) के समय भी 1 फीसदी टैक्‍स ही वसूला जाता था. इसे दोबारा 1 फीसदी किया जाना चाहिए. सूरत और मुंबई की तर्ज पर दिल्‍ली में भी ज्‍वैलरी उद्योग के लिए स्‍पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) बनाया जाना चाहिए.

Tags: Budget, Jewellery companies

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