इस राज्य के किसानों के लिए खुशखबरी, गेहूं-धान की तरह अब सब्जियों की भी तय होगी MSP, मिलेगी इतनी कीमत

सब्जियों की कीमत में जोरदार इजाफा
सब्जियों की कीमत में जोरदार इजाफा

झारखंड कृषि विभाग ने राज्य के किसानों के लिए नया प्लान बनाया है. सरकार ने तय किया है कि वह जल्द ही अपने राज्य के किसानों को धान की तरह सब्जियों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price -MSP) देने पर काम कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 12:55 PM IST
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नई दिल्ली: झारखंड कृषि विभाग ने राज्य के किसानों के लिए नया प्लान बनाया है. सरकार ने तय किया है कि वह जल्द ही अपने राज्य के किसानों को धान की तरह सब्जियों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price -MSP) देने पर काम कर रहे हैं. राज्य के कृषि मंत्री बादल पतरालेख (Badal Patralekh) ने इस बारे में जानकारी दी है. किसानों की ओर से किए जा रहे विरोध को देखते हुए सरकार इस योजना पर काम कर रही है. इसका सीधा फायदा राज्य के किसानों को होगा. इसके अलावा किसानों को बेहतर बाजार भी मिलेगा.

सरकार ने किया कमेटी का गठन
राज्य के कृषि मंत्री ने बताया कि इस दिशा में हमने एक कमेटी का गठन किया है, जिसको मंजूरी मिल गई है. विशेष सचिव की अध्यक्षता में गठित होने वाली समिति केरल, कर्नाटक समेत अन्य राज्यों के ड्राफ्ट का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी.

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सब्जियों की फसल के मिले सही पैसे


कृषि विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दीकी (Abu Bakr Siddique) के मुताबिक, झारखंड सरकार सब्जियों की MSP तय करने का प्लान कर रही है. इसको लेकर सरकार की ओर से गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को कम रेट्स में अपनी फसल को न बेचना पड़े. उनको फसल के सही पैसे मिलें.

इस साल लागू होगी सब्जियों की MSP
इसके साथ ही राज्य के कृषि मंत्री ने कहा कि आने वाले 3 महीनों में हम इस योजना को फाइनल रूप देने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि हम इस साल सब्जियों की एमएसपी लागू करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं. महामारी की वजह से इस योजना को लागू करने में देरी हुई है.

कौन सी सब्जियां होंगी MSP के दायरे में
अबु बकर सिद्दीकी ने बताया कि किन सब्जियों को MSP के दायरे रखा जाएगा इसका निर्णय कमेटी के द्वारा लिया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि वे टमाटर, मटर, लौकी, फ्रेंच बीन्स, फूलगोभी, बंद गोभी समेत तमाम उन सब्जियों की MSP तय करेंगे, जिनको इस दायरे में लाया जाना संभव हो.

लगभग सभी राज्यों में भेजी जाती हैं सब्जियां
कृषि विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सालाना 30 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा सब्जियां उगाई जाती हैं. यहां से हरी सब्जियों को सभी पड़ोसी राज्यों में भेजा जाता है. झारखंड में करीह 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर हरी सब्जियों की पैदावार की जाती है.

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बता दें सब्जियों की उत्पादकता 14.21 टन प्रति हेक्टेयर है. इसके अलावा राष्ट्रीय औसत 17.3 टन प्रति हेक्टेयर से कुछ कम है. राज्य में इस आंकड़े को साल 2024 तक 16.57 टन प्रति हेक्टेयर और वर्ष 2030 तक 18.23 टन प्रति हेक्टेयर ले जाने का लक्ष्य है.
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