Good News: महामारी से तेजी के साथ उबर रही अर्थव्‍यवस्‍था, जनवरी 2021 में 13 लाख से ज्यादा लाेगाें काे मिलीं Jobs

पेंडेमिक में 5 लाख से ज्यादा लाेगाें ने खाेई थी नाैकरियां.

पेंडेमिक में 5 लाख से ज्यादा लाेगाें ने खाेई थी नाैकरियां.

EPFO की रिपाेर्ट के अनुसार, जनवरी 2021 में विभिन्‍न आयु वर्ग के 13.35 लाख लाेगाें काे नाैकरियां मिली हैं. सितंबर 2017 के बाद से इतनी बड़ी संख्या में पहली बार जॉब क्रिएशन हुआ है. पढ़िए पूरी रिपाेर्ट...

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 4:46 PM IST
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नई दिल्ली. पिछले साल काेविड-19 (Covid-19) महामारी और लॉकडाउन (Lockdown) के चलते लाखों लाेगाें की नाैकरियां (lost jobs) चली गईं. वहीं, अब भारत में फिर जॉब सेक्टर में पहले जैसी स्थिति वापस आ गई है यानि एक बार फिर नाैकरियां ही नाैकरियां हैं. एम्‍प्‍लॉय प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) की रिपाेर्ट के अनुसार, जनवरी 2021 में विभिन्‍न आयु वर्ग के 13.35 लाख लाेगाें काे नाैकरियां मिली हैंं, जाे संगठन में रजिस्टर्ड हैं. सितंबर 2017 के बाद से इतनी बड़ी संख्या में पहली बार जॉब क्रिएशन हुआ है. बता दें कि इसी समय से EPFO ने हर महीने रोजगार के आंकड़े जारी करना शुरू किया है.



किस उम्र के लाेगाें काे कितनी नाैकरियां

रिपाेर्ट में यह भी बताया गया है कि जिन 13.35 लाख लाेगाें काे नई नाैकरियां मिली हैं, उनका आयु वर्ग क्या है. रिपाेर्ट के अनुसार, इसमें 22-25 उम्र के लाेगाें काे करीब 3.48 लाख नाैकरियां मिली हैं, जिन्हें फ्रेशर्स यानि पहली बार काेई नाैकरी करने वाले भी माना जा सकता है. वहीं, 29-35 साल की उम्र में यह संख्या 2.69 लाख रही. यह वह  ग्रुप है, जाे अनुभवी कर्मचारी कहा जा सकता है और उन्हाेंने जॉब बदली या उन्हें दूसरी जगहाें से बेहतर ऑप्शन व ग्राेथ के साथ नई नाैकरियां मिलीं. फिर 18 से 21 साल उम्र में नाैकरियाें की संख्या 2.66 लाख, जबकि 35 की उम्र से अधिक में इनकी संख्या 2.6 लाख थी. 



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5 लाख लाेगाें ने खाेई थींं नाैकरियां


पेंडेमिक के बाद वापस नाैकरियाें के ग्राफ में हुई बढ़ाेतरी से यह ताे साफ है कि जॉब सेक्टर में भारत पुरानी स्थिति में लौट रहा है. पेंडेमिक के दाैरान करीब पांच लाख लाेगाें काे अपनी नाैकरियाें से हाथ धाेना पड़ा था. मार्च और अप्रैल में इसका प्रतिशत 20 से भी ज्यादा था. वही, दिसंबर 2020 में इसमें 24 प्रतिशत नई नाैकरियाें के साथ इजाफा हुआ. जनवरी 2021 में यह और बेहतर हाेते हुए 27.8 प्रतिशत की बढ़ाेतरी पर पहुंच गया.



8 लाख 20 हजार नए मेंबर्स



रिपाेर्ट बताती है कि जनवरी 2021 में EPFO में रजिस्टर्ड कुल 13.35 लाख सदस्याें में से करीब 8.20 हजार नए सदस्य थे जाे पहली बार EPFO की साेशल सिक्याेरिटी स्कीम का फायदा उठाने वाले हैं. इसमें 5.16 लाख ऐसे सदस्य रहे, जिन्हाेंने पुरानी जॉब छाेडकर नई जगहाें पर ज्वाइन किया.



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एक साल में 62.49 लाख नाैकरियां


पूरे वित्त वर्ष की बात की जाए ताे रिपाेर्ट बताती है, इस दाैरान 62.49 लाख नाैकरियाें के अवसर लाेगाें काे मिले. भारत में तुलना की जाए ताे महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक से सभी आयु वर्ग के 32.24 लाख सदस्य जुड़े, जाे सबसे ज्यादा थे.



महिलाओं की जॉब का ग्राफ भी बढ़ा

घर में किसी एक सदस्य का जॉब पर हाेना और पेंडेमिक में उसकी नौकरी चले जाना, शायद यही वजह थी कि महिलाएं भी जॉब के लिए आगे आईं. रिपाेर्ट के अनुसार, जनवरी 2021 में 2.61 लाख महिलाओं ने जॉब ज्वाइन की, जाे दिसंबर 2020 की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा वृद्धि काे दर्शाता है. पेराेल डेटा अनंतिम है और इसे हर महीने अपडेट किया जाता है.


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