H-1B वीजा को लेकर नई नीतियां लागू करेंगे जो बाइडन, ग्रीन कार्ड पर भी लेंगे बड़ा फैसला

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन

जो बाइडन (Joe Biden) का अमेरिका का 46वां राष्ट्रपति चुना जाना भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. बाइडन के पॉलिसी डॉक्युमेंट में इमिग्रेशन रिफॉर्म (USA Immigration Reform) का जिक्र है, जिसके तहत H-1B वीजा को लेकर कई बड़े फैसले की उम्मीद की जा सकती है.

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नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन (Joe Biden) का चुना जाना H-1B वीजा धारकों के लिए अच्छी खबर हो सकती है. दरअसल, बाइडन की योजना है कि अमेरिका में H-1B वीजा धारक समेत उच्च-कौशल वाले वीजा (High-Skilled Visa) की संख्या को बढ़ाई जाये. बाइडन प्रशासन अगर ऐसा कोई कदम उठाती है तो इससे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स (Indian Professionals in USA) को लाभ मिल सकता है. चूंकि, कमला हैरिस (Kamala Harris) अमेरिका की उप-राष्ट्रपति चुनी गई हैं, ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा H-1B वीजा धारकों के पति/पत्नी के वर्क परमिट (Work Permit in USA) के फैसले को पलटा जाएगा. ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) द्वारा प्रतिबंध के बाद बड़ी संख्या में अमेरिका में रहने वाले भारतीय परिवारों को परेशान होना पड़ा था.

बाइडन के पॉलिसी डॉक्युमेंट में वादा
दरअसल, ये सभी कदम बाइडन प्रशासन (Biden Administration) की इमिग्रेशन रिफॉर्म का हिस्सा होंगे. हालांकि, आने वाले समय में ही यह स्पष्ट होगा कि इन सभी फैसलों को एक साथ लिया जाएगा या एक-एक करके फैसला होगा. बाइडन कैम्पेन की पॉलिसी डॉक्युमेंट (Biden Policy Document) के अनुसार, 'उच्च कौशल अस्थायी वीजा को अमेरिका में पहले से रहकर काम कर रहे लोगों से नहीं छीनना चाहिए. अगर इमिग्रेशन सिस्टम उच्च कौशल वाले वर्कर्स को निकालकर केवल एंट्री-लेवल के कामगारों को बढ़ावा देता है तो इससे अमेरिकी इनोवेशन और प्रतिस्पर्धा को खतरा हो सकता है.'

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भारत और चीन के प्रोफेशनल्स को होगा फायदा


H-1B वीजा, अमेरिका में उच्च कौशल वाले वर्कर्स की संख्या को बढ़ाने में मदद करता है. H-1B वीजा एक नॉन-इमिग्रेंट वीजा है, जिसकी मदद से अमेरिकी कंपनियां विदेशी वर्कर्स (Foeign Workers in USA) को विशेष तरह की तकनीकी काम के लिए नियुक्त करती हैं. हर साल ये अमेरिकी कंपनियां भारत और चीन से हजारों की संख्या में लोगों को नौकरी देती हैं.

बढ़ सकती है ग्रीन कार्ड वीजा की लिमिट
रोजगार आधारित वीजा को ग्रीन कार्ड (Green Card) के नाम से भी जाना जाता है. इसकी मदद से अमेरिका में प्रवासियों को कानूनी रूप से स्थायी नागरिकता मिलती है. वर्तमान में मौजूदा रोजगार आधारित वीजा को प्रति वर्ष 1,40,000 पर कैप किया गया है. बाइडन की पॉलिसी डॉक्युमेंट में कहा गया है कि ​वो कांग्रेस के साथ मिलकर इस संख्या को बढ़ाने का प्रयास करेंगे.

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इसी साल जून में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने H-1B वीजा समेत अन्य सभी विदेशी वीजा को सस्पेंड कर दिया था ताकि अमेरिकी वर्कर्स को काम मिल सके. ट्रंप का यह आदेश इस साल के अंत तक के लिए लागू किया गया था. अक्टूबर में ही ट्रंप प्रशासन ने H-1B नॉन-इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम पर नये प्रतिबंधों को लागू कर दिया. उस वक्त ट्रंप प्रशासन ने कहा कि अमेरिकी वर्कर्स की सुरक्षा के लिये यह कदम उठाया गया है.
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