दुनिया को पहला एंटीवायरस देने वाले टेक अरबपति ने खुद को दी मौत! लग्जरी लाइफ जीने वाले आखिर क्यों जिन्दगी से हुए निराश?

जॉन मैकेफी की लाइफस्टाइल बेहद शानदार रही. आखिरी वक्त में जेल में रहकर मैकेफी ने आत्महत्या कर ली. (Photo Credit- Twitter)

71 साल के जॉन मैकेफी ने 34 साल की सेक्स वर्कर से शादी की थीं.

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    नई दिल्ली. दुनिया को पहला एंटीवायरस देन वाले मैकेफी ((McAfee antivirus software) के फाउंडर जॉन मैकेफी (John McAfee) स्पेन के जेल में मृत पाए गए हैं. वह स्पेन की जेल (Spain Jail) में कैद की सजा भुगत रहे थे. जेल में मैकेफी ने आत्महत्या कर ली. दुनिया को एंटीवायरस देने वाले मैकेफी अपनी जिन्दगी के वायरस को दूर नहीं कर पाएं और अपनी जान दे दीं. बता दें कि उनके ऊपर टैक्स चोरी और धोखाधड़ी का आरोप था. उनकी मृत्यु के कुछ ही देर पहले कोर्ट ने अमेरिका में प्रत्यर्पण की मंजूरी दी थी. आइए जानते हैं मैकेफी की जिन्दगी के बारे में कुछ रोचक बातें....

    जिन्दगी से हो गए थे निराश
    जॉन के वकील ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि सुसाइड की वजह से मौत हुई है. वकील जेवियर विलाब्ला ने बताया कि जेल में नौ महीने रहने की वजह से जॉन 'निराश' हो गए थे. 75 वर्षीय जॉन ने दुनिया का पहला कमर्शियल एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर मैकेफी’ बनाया था. उन्हें पिछले साल 3 अक्टूबर को बार्सिलोना एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था जब वो ब्रिटिश पासपोर्ट से इस्तांबुल जा रहे थे.

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    कौन थे जॉन मैकेफी?
    इंग्लैंड के ग्लूसेस्टरशायर में वर्ष 1945 को जन्मे जॉन डेविड मैकफी ने मैकफी एसोसिएट्स की स्थापना 1987 में की थी. 1990 की शुरुआत में कंपनी का नाम उनके नाम पर रखा गया था. एंटीवायरस साफ्टवेयर कंपनी को उन्होंने 2011 में कैलीफोर्निया की चिपमेकर कंपनी इनटेल को 7.68 अरब डालर में बेच दिया था. मैकफी ने इस कंपनी के एक हिस्से को साइबर सुरक्षा कंपनी का रूप दे दिया था.पर्सनल कंप्यूटर का बूम होने के साथ ही मैकेफी एंटीवायरस ने भी बाजार में बादशाहत पा ली थी. 80, 90 के दशक में दर्जनों फॉर्च्यून 100 कंपनियां उनका ही एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती थीं. जॉन ने 1994 में इस्तीफा दे दिया था लेकिन बिजनेस से जुड़े रहे.

    इनकम टैक्स नहीं भरते थे
    मैकेफी खुद को क्रिप्टोकरेंसी एक्सपर्ट मानते थे. 2017 में वो MGT Capital Investments के सीईओ बन गए थे और बिटकॉइन माइनिंग बिजनेस के जरिए इसे एक मुनाफे वाली साइबरसिक्योरिटी कंपनी बनाने का वादा किया था. हालांकि, एक ही साल बाद वो एक और क्रिप्टोकरेंसी कंपनी Luxcore के सीईओ बन गए थे. मैकेफी ने क्रिप्टो करेंसी व कंसल्टिंग वर्क के जरिए लाखों की कमाई की थी लेकिन उन्होंने इनकम टैक्स नहीं भरा. यदि उन्हें दोषी करार दिया जाता तो 30 साल की सजा हो सकती थी. इससे पहले भी मैकेफी डोमिनिकन रिपब्लिक देश में हथियार और गोला बारूद ले जाने को लेकर गिरफ्तार हुए थे. टेनेसी के अभियोजन पक्ष के अनुसार पांच वित्तीय वर्ष 2014 से 2018 तक उनको जुर्माने और ब्याज के रूप में अमेरिकी सरकार को 4,214,105 डालर की रकम चुकानी थी.

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    मौत के बाद वायरल हो रहा उनका टैटू
    मैकेफी की मौत के तुरंत बाद उनका दिसंबर 2019 का ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस टैटू में उन्होंने अपने दाहिने हाथ पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा था, 'अगर मैंने आत्महत्या कर ली, तो मान लीजिए मैंने नहीं किया. मुझे झटका लगा. मेरा दाहिना हाथ चेक करें.'  यह बात उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों का कथित तौर पर यह संदेश मिलने के बाद लिखी थी कि, हम तुम्हें लेने आ रहे हैं.

    सेक्स वर्कर से की थी शादी
    71 साल के जॉन मैकेफी ने 34 साल की जेनिस डायसन (Jenis Dyson) से तीसरी शादी की थी. जो कि एक रेस्टोरेंट में काम करती थी, पेशे से सेक्स वर्कर का काम भी करती थी. उनकी मुलाकात तब हुई, जब मैकेफी ने उन्हें बतौर कॉलगर्ल एक रात गुजारने (Call Girl in Hotel) के लिए बुलाया था. अमेरिका के मियामी बीच कैफे पर एक रात और दिन बिताने के बाद मैकेफी ने डायसन को अपना जीवनसाथी बनाने का फैसला कर लिया. साल 2013 में उनकी शादी हुई और खुद मैकेफी ने एक कार्यक्रम के दौरान ये बात सार्वजनिक की थी.

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