ट्रेनी से बनी थीं ICICI बैंक की CEO, चंदा कोचर की ये गलती उन पर पड़ी भारी

चंदा कोचर मैनेजमेंट ट्रेनी के पद से अपने करियर की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे तरक्की कर वो आईसीआईसीआई बैंक (ICICI BANK) की सीईओ बनी थी.

News18Hindi
Updated: January 31, 2019, 12:44 PM IST
ट्रेनी से बनी थीं ICICI बैंक की CEO, चंदा कोचर की ये गलती उन पर पड़ी भारी
चंदा कोचर
News18Hindi
Updated: January 31, 2019, 12:44 PM IST
CBI ने ICICI बैंक की पूर्व एमडी व सीईओ चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर और वीडियोकॉन के औरंगाबाद और मुंबई स्थित कई ठिकानों पर छापा मारा है. चंदा कोचर वो नाम है जिन्होंने न सिर्फ भारतीय बैंकिंग सेक्टर में पुरुषों के वर्चस्व को तोड़ा, बल्कि पूरी दुनिया में बैंकिंग के सेक्टर में अपनी एक अलग पहचान बनाई. उन्होंने एक मैनेजमेंट ट्रेनी के पद से अपने करियर की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे तरक्की कर वो आईसीआईसीआई बैंक (ICICI BANK) की सीईओ बनी. फोर्ब्स मैग्जीन की 'दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं' की सूची में शुमार होने वाली चंदा कोचर ने लोन विवाद मामले में इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था. आइए जानें आखिर ऐसा क्या हुआ...

ये भी पढ़ें: ICICI बैंक की पूर्व-CEO चंदा कोचर मामले में FIR दर्ज, महाराष्ट्र में चार ठिकानों पर CBI छापेमारी

ऐसे हुई थी शुरुआत-1982 में चंदा कोचर ने ग्रैजुएशन करने के बाद जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट स्टडीज़ से मास्टर्स डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने 1984 में बतौर मैनेजमेंट ट्रेनी चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई ज्वाइन किया.जब 1994 में आईसीआईसीआई संपूर्ण स्वामित्व वाली बैंकिंग कंपनी बन गई तो चंदा कोचर को असिस्टेंट जनरल मैनेजर बनाया गया. इसके बाद चंदा कोचर लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गईं. डिप्टी जनरल मैनेजर, जनरल मैनेजर के पदों से होती हुई 2001 में बैंक ने उन्हें एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बना दिया. इसके बाद उन्हें कॉरपोरेट बिज़नेस देखने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई. फिर वो चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर बनाई गईं. (ये भी पढ़ें: कौन हैं ICICI बैंक की पूर्व CEO चंदा कोचर के पति दीपक कोचर, क्यों है चर्चा में!)

चंदा कोचर ने ICICI Bank से दिया इस्तीफा, संदीप बख्शी बने MD और CEO



 2009 में चंदा कोचर को सीईओ और एमडी बनाया गया. चंदा कोचर के ही नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक ने रिटेल बिज़नेस में क़दम रखा जिसमें उसे अपार सफलता मिली. यह उनकी योग्यता और बैंकिंग सेक्टर में उनके योगदान का ही प्रमाण है कि भारत सरकार ने चंदा कोचर को अपने तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से (2011 में) नवाजा. (ये भी पढ़ें: खुशखबरी! SBI के ग्राहकों को पहली बार मिला ये अधिकार, खुद बनाएं अपने ATM के नियम)

इस वजह से देना पड़ा इस्तीफा- चंदा कोचर पर मार्च 2018 में अपने पति को आर्थिक फ़ायदा पहुंचाने के लिए अपने पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकोन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का लोन दिया था. वीडियोकॉन ग्रुप ने इस लोन में से 86 फीसदी (करीब 2810 करोड़ रुपये) नहीं चुकाए. 2017 में इस लोन को एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग असेट्स) में डाल दिया गया.
Loading...



लेकिन तभी एक खबर के जरिए पता चला कि वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत के कोचर के पति दीपक कोचर के साथ बिजनेस संबंध है. वीडियोकॉन ग्रुप की मदद से बनी एक कंपनी बाद में चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की अगुवाई वाली पिनैकल एनर्जी ट्रस्ट के नाम कर दी गई. (ये भी पढ़ें: पोस्ट ऑफिस की इस खास स्कीम में मिलेगा बैंक के मुकाबले डबल रिटर्न, होंगे ये फायदे..)

यह आरोप लगाया गया कि धूत ने दीपक कोचर की सह स्वामित्व वाली इसी कंपनी के ज़रिए लोन का एक बड़ा हिस्सा स्थानांतरित किया था. आरोप है कि 94.99 फ़ीसदी होल्डिंग वाले ये शेयर्स महज 9 लाख रुपये में ट्रांसफ़र कर दिए गए.



बैंक ने शुरू की जांच- बैंक ने शुरुआत में कोचर के ख़िलाफ़ मामले को आनन-फानन में रफा-दफ़ा करने की कोशिश की, लेकिन बाद में लोगों और नियामक के लगातार दबाव के चलते पूरे मामले की जांच के आदेश देने पड़े.आईसीआईसीआई बैंक ने स्वतंत्र जांच कराने का फ़ैसला लिया. बैंक ने 30 मई को घोषणा की थी कि बोर्ड आरोपों की 'विस्तृत जांच' करेगा.फिर इस मामले की स्वतंत्र जांच की ज़िम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. एन. श्रीकृष्णा को सौंपी गई. सीबीआई, ईडी और एसएफ़आईओ भी इसकी जांच कर रही हैं. 

(ये भी पढ़ें: आम चुनाव से पहले रेलवे में मेगा भर्ती, 10% सवर्ण आरक्षण भी लागू)

चंदा कोचर को देना पड़ा इस्तीफा- जून में, चंदा कोचर ने छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया था. उसके बाद संदीप बख्शी को 19 जून को बैंक का सीओओ बनाया गया था. इसके बाद वो काम पर नहीं लौटी और अपना इस्तीफा दे दिया.
First published: January 31, 2019, 12:44 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...