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स्कूल की कैंटीन में अब नहीं मिलेगा बर्गर पिज्जा समेत ये चीज़े, सरकार के नए नियम जल्द होंगे लागू

किसी भी स्कूल में जंक फूड (Junk Food) नहीं मिलेगा. स्कूल फूड को लेकर फूड रेगुलेटर FSSAI रेगुलेशन तैयार कर चुका है. लेकिन छोटे व्यापारियों ने इस रूल को आर्थिक महामारी बताया है. इनका कहना है कि इस कानून की वजह से देश भर में लगभग 2 करोड़ छोटे दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे. इस वजह से इन व्यापारियों के व्यवसाय का 75% से अधिक व्यापार ख़त्म होगा. कारोबार खत्म होने से उनके हर वर्ष करीब 15 लाख करोड़ रुपये के व्यापार पर ताला लग जाएगा. आइए आपको बताते हैं क्या है ये नियम और लागू होने से व्यपारियों को क्यों होगा नुकसान..

किसी भी स्कूल में जंक फूड (Junk Food) नहीं मिलेगा. स्कूल फूड को लेकर फूड रेगुलेटर FSSAI रेगुलेशन तैयार कर चुका है. लेकिन छोटे व्यापारियों ने इस रूल को आर्थिक महामारी बताया है. इनका कहना है कि इस कानून की वजह से देश भर में लगभग 2 करोड़ छोटे दुकानदार बर्बाद हो जाएंगे. इस वजह से इन व्यापारियों के व्यवसाय का 75% से अधिक व्यापार ख़त्म होगा. कारोबार खत्म होने से उनके हर वर्ष करीब 15 लाख करोड़ रुपये के व्यापार पर ताला लग जाएगा. आइए आपको बताते हैं क्या है ये नियम और लागू होने से व्यपारियों को क्यों होगा नुकसान..

आपको अब अपनी स्कूल की कैंटीन (School Canteen Food New Rules) में बर्गर-पिज्जा खाने के लिए नहीं मिलने वाले है. स्कूल फूड को लेकर फूड रेगुलेटर FSSAI रेगुलेशन तैयार कर चुका है. इन्हें कभी भी लागू किया जा सकता है.

  • News18Hindi
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नई दिल्ली. अगले सत्र से देशभर के किसी भी स्कूल में जंक फूड (Junk Food) नहीं मिलेगा. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, स्कूल फूड को लेकर फूड रेगुलेटर FSSAI रेगुलेशन तैयार कर चुका है. इसे अगले कुछ दिनों के अंदर जारी कर दिया जाएगा. यह जरूरी है कि बच्चों में बचपन से ही सही खाने पीने की आदत डाली जाए. स्वस्थ और संतुलित आहार से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है. स्कूली बच्चों के लिए सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम, 2020 पर एक महत्वपूर्ण नियम को अंतिम रूप दिया है.

 स्कूल में नहीं मिलेगा जंक फूड- स्कूल कैंपस के 50 मीटर तक जंक फूड के एडवरटीजमेंट नहीं लग सकेंगे.  हर स्कूल कैंटीन को लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा.राज्यों से इन एडवायजरी कमेटी बनाने के लिए कहा जाएगा जो स्कूलों के खानपान पर नजर रखेंगे



FSSAI ने स्कूलों में बच्चों को बेचे जाने वाले भोजन के लिए दस-सूत्री चार्टर का प्रस्ताव दिया है:
1. स्कूलों में मिड डे मील या कैंटीन में भोजन देने वाले व्यक्ति या संस्था को  खुद को  FBOs के रूप में रजिस्टर कराना होगा और इसके लिए लाइसेंस लेना होगा.उन्हें खाद्य सुरक्षा मानकों के अंतर्गत सफाई और हाइजिन के नियमों का पालन करना होगा.

2. स्कूल के कैंपस के 50 मीटर के दायरें में जंक फूड, यानी ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें ज्यादा नमक , शुगर या फैट है, की बिक्री पर रोक होगी.

3. स्कूली बच्चों के बीच सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार को बढ़ावा देने के लिए  स्कूल कैंपस को ईट राइट कैंपस में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

4. राष्ट्रीय पोषण संस्थान (एनआईएन) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्कूल में सुरक्षित और संतुलित आहार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा . समय-समय पर बच्चों के लिए मेनू की तैयारी में सहायता करने के लिए स्कूल प्राधिकरण आहार विशेषज्ञों की सहायता ले सकते हैं.

5. स्कूल के प्रवेश द्वार पर कैंपस में और इसके आस पास जंक फूड ना बेचने की चेतावनी लिखी होगी.

6. स्कूल प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि परिसर में तैयार भोजन की आपूर्ति करने वाले FBO, खाद्य सुरक्षा के नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं.

7. स्कूल परिसर और इसके 50 मीटर के दायरे में जंक फूड के विज्ञापन( लोगो, ब्रांड नाम, पोस्टर, पाठ्यपुस्तक कवर आदि के माध्यम से) पर रोक होगी.

8.स्कूलों में हेल्थ औऱ वेलनेस एंबेस्डर बनाए जाएंगे.

9. नगर निगम,स्थानीय निकाय या पंचायत जैसी संस्थाएं और राज्य खाद्य प्राधिकरण इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगी.

10. राज्य स्तरीय सलाहकार समिति इन नियमों के कार्यान्वयन की निगरानी रखेगी.

इन नियमों को लागू करने से पहले सभी स्टेकहोल्डर्स को तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा.  एफएसएसएआई  भी राज्य के खाद्य अधिकारियों / स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश देगा कि इन नियमों  के अनुसार स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित और संतुलित आहार तैयार करें.

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