देश के इन राज्यों में कड़कनाथ मुर्गे की मांग बढ़ी, धोनी ने शुरू की थी फार्मिंग

धोनी से प्रेरित होकर बिहार-झारखंड के कई पशु किसानों ने कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग शुरू कर दी है.

धोनी से प्रेरित होकर बिहार-झारखंड के कई पशु किसानों ने कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग शुरू कर दी है.

कड़कनाथ (Kadaknath) को महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) जैसा एक बड़ा ब्रांड एंबेसडर मिल गया है, जो मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) से निकाल इसे पूरे देश में फैला रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 10:14 PM IST
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नई दिल्ली. अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में ही नहीं देश के दूसरे राज्यों में भी कड़कनाथ मुर्गे (Kadaknath Murga) की फार्मिंग को लेकर किसानों में उत्साह बढ़ने लगा है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने जब से कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग शुरू की है, उसके बाद से ही देश के अन्य हिस्सों से कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग की खबर आ रही है. वाकई में कड़कनाथ को एक बड़ा ब्रांड एंबेसडर मिल गया है, जो उसे छत्तीसगढ़ से निकाल कर पूरे देश में फैला दिया है. झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और नॉर्थ-ईस्ट के भी कई राज्यों में कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग शुरू हो गई है. इन राज्यों के कई पशु किसान अब कड़कनाथ की फार्मिंग को लेकर खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं.

कड़कनाथ की डिमांड बढ़ने के ये हैं कारण

कुछ महीने पहले तक बिहार-झारखंड में कड़कनाथ मुर्गे के बारे में कोई नही जानता था या अगर जानता भी था तो वह फार्मिंग को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं था, लेकिन अब इस इलाके के लोग भी फार्मिंग करने का प्लान तैयार कर लिया है. महेंद्र सिंह धोनी की कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग स्टार्ट करते ही देश मे इस मुर्गे की मांग और बढ़ गई है.

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कड़कनाथ मुर्गे का सेवन करने से मनुष्य के अंदर कई तरह की बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है.

कई पशु किसानों को यहां से मदद मिल रही है

झारखंड के गढ़वा में भी धोनी से प्रेरित होकर किसानों ने अब कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग शुरू कर दी है. कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग में कृषि विज्ञान केंद्र भी बढ़-चढ़ कर मदद कर रहा है. लोग पौष्टिक, प्रोटीन और कम कॉलेस्ट्रॉल वाले कड़कनाथ मुर्गे की सेवन कर सके इसके लिए वैज्ञानिकों ने जिले में तीन जगहों से इसकी शुरुआत की है.

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बिहार के कई जिलों के किसान हैं उत्साहित

इसी तरह बिहार के भी कई जिलों में खासकर बेगूसराय में कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग शुरू की जा रही है. लोग कड़कनाथ की फार्मिंग को लेकर छत्तीसगढ़ जा रहे हैं. बेगूसराय के किसान राघवेंद्र सिंह कहते हैं, धोनी से प्रेरित होकर हम यहां कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग शुरू कर रहे हैं. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के वैज्ञानिक भी इस काम में मदद कर रहे हैं. फिलहाल हमलोग बिड के लिए छत्तीसगढ़ जा रहे हैं.

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कड़कनाथ की मांग बढ़ने से रोजगार की संभावना भी बढ़ जाएगी.

किसानों का यह कहना है

किसानों का मानना है कि कड़कनाथ मुर्गे का सेवन करने से मनुष्य के अंदर कई तरह की बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि पशु कृषकों को उन्नत किस्म वाली मुर्गे-मुर्गी की बिड मिलना जल्द शुरू हो जाएगा. फार्मिंग शुरू हो जाने के बाद जब ये बड़ा हो जाएगा तो इसे अन्य किसानों के बीच बांटा जाएगा, ताकि इसका प्रोडक्शन ज्यादा से ज्यादा हो. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मनुष्य के शरीर में कई तरह के बीमारियों में लाभदायक होगा और बहुत जल्द बिहार और झारखंड के बाजार में उपलब्ध होगा.

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कुलमिलाकर कड़कनाथ मुर्गा अब बिहार और झारखंड सहित देश के अन्य हिस्सों में मिलनी शुरू हो जाएगी. अब देखना होगा कि प्रतिमाह डेढ़ से दो करोड़ की खपत होने वाले मुर्गे के बाजार में कड़कनाथ कितना अपना बाजार बना पाता है.

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