Karva Chauth: कोरोना का नहीं दिख रहा असर, इस साल 25 फीसदी ज्‍यादा कारोबार की है उम्‍मीद

इस साल उम्मीद है कि यह 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है.
इस साल उम्मीद है कि यह 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है.

Karva Chauth 2020: साल 2019 में करवा चौथ का बाज़ार करीब 450 करोड़ रुपये का हुआ था. वहीं, इस साल उम्मीद है कि यह 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 5:34 AM IST
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नई दिल्ली. लॉकडाउन के चलते बाज़ार बीते 6 महीने से प्रभावित है. कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के चलते लोग अभी भी बाज़ारों में निकलने से कतरा रहे हैं. बावजूद इसके 4 नवंबर को मनाए जाने वाला करवा चौथ (Karva Chauth 2020) के बाज़ार में बूम आया हुआ है. उम्मीद है कि इस साल तो करवा चौथ का बाज़ार बीते साल से भी अच्छा जाने की उम्मीद है. यह कहना है कारोबारियों का. कारोबारियों की देश की सबसे बड़ी संस्था कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT — The Confederation of All India Traders) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि 2019 में करवा चौथ का बाज़ार करीब 450 करोड़ रुपये का हुआ था.

खंडेलवाल ने बताया कि करवा चौथ पर बाज़ारों में होने वाली बिक्री आधा दर्जन से ज़्यादा कारोबार से जुड़ी हुई है. जैसे इस दिन के लिए खरीदी जाने वाली जो सबसे ज़रूरी सामान खरीद जाता है वो है पूजा की थाली, रोली एवं चावल रखने के लिए छोटी कटोरियां, चन्द्रमा को जल का अर्क देने के लिए लोटा या गिलास और महिलाओं द्वारा चन्द्रमा को देखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली छलनी मुख्य है.

खासतौर पर यह सामान सोने, चांदी, पीतल, स्टेनलेस स्टील अथवा कांसे के रूप में खरीदा जाता है. इसी को देखते हुए बीते दिनों के बाज़ार से उम्मीद जागी है कि इस साल करवा चौथ का बज़ार कम से कम 500 करोड़ रुपये का होगा यानी पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी ज्‍यादा रहेगा.



यह कारोबार भी निभाते हैं अहम रोल-प्रवीन खंडेलवाल बताते हैं कि पूजा में इस्तेमाल होने वाले सामान के अलावा करवा चौथ के साथ और भी बाज़ार हैं जो जुड़े हुए हैं. जैसे कपड़ा बाज़ार, लैदर बाज़ार, कॉस्मेटिक, ज्वैलरी, मोबाइल बाज़ार, चूड़ी कारोबार में तो जैसे करवा चौथ ने एक नई जान फूंक दी है. यह वो बाज़ार है जहां करवा चौथ पर जमकर खरीदारी होती है. इस मौके पर 500 रुपये से लेकर हज़ारों रुपये तक कपड़ों की खरीद होती है.
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व्यापारी बोले- बाज़ार में दिख रहा है चीन बायकाट का असर-दिल्ली के कई कॉस्मेटिक और लेडिज चप्पल व्यापारियों का कहना है कि कोरोना-लॉकडाउन के चलते चीन से पहले ही कारोबार बंद पड़ा है. बीते साल का सामान भी थोड़ा सा ही बचा था.

इसके चलते भारतीय सामान को तवज्जो दी गई. खास बात यह है कि ग्राहक ने भी जागरुकता दिखाते हुए चीन को छोड़ भारतीय सामान की खरीदारी की.



कई बार तो ग्राहक खुद ही कहते नज़र आए कि चीन की मत दिखाईएगा. वहीं कैट के प्रवीन खंडेलवाल का कहना है कि गलवान की घटना के बाद से कैट चीन के बहिष्कार का अभियान चला रहा है. इसके तहत व्यापारियों को भी जागरुक किया जा रहा है. अब इसका असर दिखाई देने लगा है.
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