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Karvy मामला: 83 हजार निवेशकों को मिली राहत, डीमैट खातों में ट्रांसफर हुए शेयर

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Updated: December 2, 2019, 6:59 PM IST
Karvy मामला: 83 हजार निवेशकों को मिली राहत, डीमैट खातों में ट्रांसफर हुए शेयर
सेबी के कदम उठाये जाने से 93 प्रतिशत निवेशकों को शेयर वापस मिली

कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग (Karvy Stock Broking) ने 95,000 ग्राहकों के 2,300 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयरों को कर्जदाताओं के पास गिरवी रखकर 600 करोड़ रुपये का लोन लिया था.

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  • Last Updated: December 2, 2019, 6:59 PM IST
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नई दिल्ली. बाजार नियामक सेबी (SEBI) के कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड (KBCL) के खिलाफ तत्काल कदम उठाये जाने से करीब 83,000 निवेशकों को अपने शेयर वापस मिल गए हैं. ब्रोकर ने अवैध तरीके से इन शेयरों को अपने खाते में हस्तांतरित कर लिया था और बिना किसी अधिकार पत्र के उसे गिरवी भी रख दिया था. नेशनल सिक्योरिटीज डिपोजिटरी लिमिटेड (NSDL) के ताजा अंतरण के साथ करीब 93 प्रतिशत निवेशकों को उनके शेयर मिल गए हैं और बाकी को यह उनके बकाये के निपटान के बाद मिल जाएंगी.

95 हजार ग्राहकों के शेयर गिरवी रख लिया था लोन
कार्वी ने 95,000 ग्राहकों के 2,300 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के शेयरों को कर्जदाताओं के पास गिरवी रखकर 600 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. इन 95,000 ग्राहकों में से करीब 83,000 को शेयर मिल गए हैं. इन प्रतिभूतियों को केएसबीएल ने गलत तरीके से अपने खाते में हस्तातंरित किया था.



एनएसडीएल ने एक परिपत्र में कहा, सेबी के निर्देशों के तहत और एनएसई की निगरानी में कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग के डीमैट खातों से संबंधित उन ग्राहकों के खातों में प्रतिभूतियों का हस्तांतरण किया गया है जिन्होंने इन प्रतिभूतियों का पूरा भुगतान किया है. कुल 82,599 निवेशकों को प्रतिभूतियां मिल गयी हैं.

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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार मामले में समय पर कार्रवाई काफी अहम है. ऐसा नहीं होता तो कर्जदाता गिरवी रखे शेयरों को भुना सकते थे. सेबी के इस कदम से पीएमसी बैंक जैसी स्थिति को टालने में मदद मिली है.BSE और NSE ने कार्वी का लाइसेंस निलंबित किया
प्रमुख शेयर बाजार एनएसई ओर बीएसई ने सोमवार को कार्वी के कारोबार लाइसेंस को निलंबित कर दिया. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को एक आदेश में कहा कि कार्वी ने 95,000 से अधिक ग्राहकों के 2,300 करोड़ रुपये मूल्य की प्रतिभूतियों को गलत तरीके से अपने डीमैट खातों में हस्तांतरित किये. कार्वी ने इसके लिये ग्राहकों की तरीफ से दिये गये अधिकार (पावर ऑफ एटार्नी) का दुरूपयोग किया. कंपनी ने डिमैट खाते का शेयर बाजारों के समक्ष कभी भी खुलासा नहीं किया. सेबी ने कहा कि एनएसई, केएसबीएल के फोरेंसिक आडिट की शुरूआत की है और ग्राहकों की प्रतिभूतियों के दुरूपयोग का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद चलेगा.

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First published: December 2, 2019, 6:59 PM IST
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