इस दिग्गज CEO को उम्मीद, तेजी से होगी देश की अर्थव्यवस्था में रिकवरी

एचडीएफसी लिमिटेड के CEO  केकी मिस्त्री (File Photo)
एचडीएफसी लिमिटेड के CEO केकी मिस्त्री (File Photo)

केकी मिस्त्री (Keki Mistry) ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) अपने बुरे दौर से निकल चुकी है. बहुत जल्द यह कोरोना काल के पहले के स्तर पर पहुंच जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 11, 2020, 8:11 AM IST
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नई दिल्ली. एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC Ltd.) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केकी मिस्त्री (Keki Mistry) ने बीते शनिवार को कहा कि अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की सबसे खराब स्थिति से हम आगे निकल चुके है. आर्थिक रिकवरी (Economic Recovery) उम्मीद से बेहतर रही है. उन्होंने कहा कि दिसंबर तिमाही में हमें बेहतर ग्रोथ देखने को मिल सकता है और पिछले साल की सामान अवधि की तुलना में यह ज्यादा होगा. मिस्त्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपने लचीलेपन को दर्शाया है.

आगे भी कम ब्याज दर का दौर
ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) के एक ऑनलाइन इवेंट में बात करते हुए एचडीएफसी लिमिटेड के CEO ने कहा कि आगे भी कम ब्याज दर का दौर जारी रहेगा. ब्याज दरों में इजाफा तभी होगा, जब आर्थिक गति​विधियां पूरी तरह से रफ्तार पकड़ लेंगी और महंगाई का दबाव बढ़ेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ब्याज दरें अपने निम्नतम बिंदु पर पहुंच चुकी हैं.

रोजगार देने वाले सेक्टर्स पर ध्यान दे सरकार
AIMA द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में उनकी तरफ से कहा गया कि सरकार को नौकरी देने वाले सेक्टर्स की पहचान करनी चाहिए और इस मसले को वरीयता देनी चाहिए. मिस्त्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था में कृषि के अलावा सबसे ज्यादा रोजगार के मौके हाउसिंग और रियल एस्टेट सेक्टर में होता है. इन सेक्टर्स में काम करने वाले 80 फीसदी वर्कफोर्स को न्यूनतम स्किल की जरूरत होती है.



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रियल एस्टेट सेक्टर में डिफॉल्ट के आंकड़े कम रहने की उम्मीद
इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी उन्होंने सपोर्ट की मांग की. हाउसिंग व रियल एस्टेट सेक्टर के लिए लोन रि​पेमेंट मामले पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि फंसे कर्ज का आंकड़ा सिंगल डिजिट में ही होगा. उन्होंने उम्मीद जताया कि इस क्षेत्र में लोन डिफॉल्ट का आंकड़ा बहुत कम होगा.

​देश के वित्तीय सेक्टर में लंबे समय से काम कर रहे मिस्त्री ने कहा कि कोविड-19 में कम कमाई करने वाले लोगों की सबसे ज्यादा नौकरी गई है. आमतौर पर उधार लेने वाले लोगों की छंटनी कम हुई है. ऐसे में उम्मीद है कि व्यक्ति लोन के डिफॉल्ट का आंकड़ा 2.5 से 4 फीसदी के आसपास रह सकता है. दूसरी तरफ आरबीआई ने लोन रिस्ट्रक्चरिंग का विकल्प भी दिया है.

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अर्थव्यवस्था पर क्या कहा?
अर्थव्यवस्था की स्थिति पर बात करते हुए मिस्त्री ने कहा कि भारतीय ​अर्थव्यवस्था ने साबित कर दिया कि यह अधिक लचीला है. अर्थव्यवस्था का सबसे खराब दौर बीत चुका है और हमने उम्मीद से बेहतर रिकवरी दर्ज की है. दिसंबर के अंत तक, अधिकतर सेक्टर्स में अर्थव्यवस्था का हाल कोरोना काल से पहले के स्तर तक पहुंच जाएगा. इस साल दिसंबर तिमाही की ग्रोथ पिछले साल की दिसंबर तिमाही की तुलना में बेहतर होगा.
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