पढ़िए, Khadi आयोग ने क्यों और किसे भेजे 500 करोड़ से ज़्यादा के एक हज़ार कानूनी नोटिस

खादी और ग्रामोद्योग आयोग का लोगो इस्तेमाल कर नकली खादी बेची जा रही थी.

खादी और ग्रामोद्योग आयोग का लोगो इस्तेमाल कर नकली खादी बेची जा रही थी.

केवीआईसी ने अकेले फैबइंडिया जैसी बड़ी कंपनी से 500 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है. हर्जाने से जुड़ा यह केस मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) में चल रहा है. खादी एसेंशियल और खादी ग्लोबल को भी नोटिस भेजे गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 25, 2020, 6:50 PM IST
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नई दिल्ली. खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने हाल ही में एक हज़ार से ज़्यादा कानूनी नोटिस जारी किए हैं. यह नोटिस 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा के हैं. मामला केवीआईसी के नाम पर नकली खादी बेचने से जुड़ा है. नकली खादी से बने मास्क और पीपीई किट (PPE Kit) बाज़ार में बेची जा रही थी. इतना ही नहीं खादी से जुड़े और भी आइटम ऑनलाइन ट्विटर (Twitter), फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम और पिंटरेस्ट जैसे प्लेटफॉर्म से बेचे जा रहे थे.

इसके चलते केवीआईसी ने अकेले फैबइंडिया जैसी बड़ी कंपनी से 500 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है. हर्जाने से जुड़ा यह केस मुंबई हाईकोर्ट (Mumbai High Court) में चल रहा है. खादी एसेंशियल और खादी ग्लोबल को भी नोटिस भेजे गए हैं.

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पीएम का फोटो लगाकर बेचे जा रहे मास्क
केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना का कहना है 27 जुलाई, 2020 को चंडीगढ़ के एक व्यक्ति के खिलाफ अनधिकृत रूप से खादी फेस मास्क बताकर अपने फेस मास्क बेचने और मास्क के पैकेट पर प्रधानमंत्री के फोटो का इस्तेमाल करने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. इससे पहले केवीआईसी ने इस साल मई में दिल्ली की तीन कंपनियों को खादी के ब्रांड नाम से नकली पीपीई किट बेचने के लिए कानूनी नोटिस जारी किए थे.

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ब्रांड इस्तेमाल करने पर केवीआईसी ने दी यह चेतावनी

केवीआईसी के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने दोनों कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे "खादी" के ब्रांड नाम का उपयोग वाले उत्पादों की बिक्री पर तुरंत रोक लगाएं. सभी उत्पाद पैकेजिंग, लेबल, प्रचार सामग्री, साइनबोर्ड और कंपनियों के नाम से जुड़ी किसी भी अन्य व्यावसायिक स्टेशनरी को नष्ट कर दें. केवीआईसी ने कहा है कि सात दिनों में निर्देशों का पालन नहीं करने पर कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.

अध्यक्ष का कहना है कि "खादी" ब्रांड नाम का कोई भी दुरुपयोग हमारे कारीगरों की आजीविका पर सीधा असर डालता है, जो भारत के दूरदराज के इलाकों में वास्तविक दस्तकारी उत्पाद बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि केवीआईसी ब्रांड नाम “खादी” का दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा.
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