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किसान और सरकार में आज नहीं बनी बात तो दिल्ली में महंगे हो जाएंगे दाल-चावल, सातवें आसमान पर पहुंच जाएगी महंगाई

आज किसान और सरकार में नहीं बनी बात, तो महंगे हो जाएंगे आटा दाल-चावल
आज किसान और सरकार में नहीं बनी बात, तो महंगे हो जाएंगे आटा दाल-चावल

अगर किसान आंदोलन लंबा चला तो दिल्ली में आटा, दाल-चावल की किल्लत हो जाएगी. मसाले कम पड़ जाएंगे. अभी दिल्ली (Delhi) में 15 दिन का राशन है, लेकिन कुछ दिन बाद यह भी महंगा होना शुरू हो जाएगा. जानकारों का कहना है कि अभी से माल की आवक पर असर दिखाई देना शुरू हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 10:20 PM IST
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नई दिल्ली. कृषि बिल (Agricultural Bill) के विरोध में किसान आंदोलन (Farmer Protest) का रास्ता आज शाम केन्द्र सरकार और किसानों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी है. लेकिन इसके साथ ही दिल्ली कारोबारियों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं. अगर यह आंदोलन लंबा चला तो आटा, दाल-चावल की किल्लत हो जाएगी. मसाले कम पड़ जाएंगे. अभी दिल्ली (Delhi) में 15 दिन का राशन है, लेकिन कुछ दिन बाद यह भी महंगा होना शुरू हो जाएगा. जानकारों का कहना है कि अभी से माल की आवक पर असर दिखाई देना शुरू हो गया है.

15 दिन का बचा है स्टॉक- खारी बावली मंडी के चेयरमैन राजीव बत्रा ने न्यूज18 हिंदी को बताया कि आटा, दाल-चावल से लेकर मसालों तक का अभी 15 दिन का स्टॉक है, लेकिन अगर यह आंदोलन जल्द ही खत्म नहीं हुआ तो सामान की किल्लत शुरू हो जाएगी, क्योंकि दिल्ली में आटा, दाल-चावल, से लेकर सब्जियों तक किसी का भी उत्पादन नहीं होता है. हर सामान बाहर से आता है. दिल्ली सिर्फ एक डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्म है.

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छौंक के बराबर है दिल्ली में होनी वाली सब्जियां- ओखला मंडी में सब्जियों के आढ़ाती हारून का कहना है कि अगर किसानों ने दिल्ली के बॉर्डर जाम कर दिए तो सब्जियों को लेकर दिल्ली में हाहाकार मच जाएगा. हालांकि होने को तो दिल्ली में भी सब्जी पैदा होती है, लेकिन वो डिमांड की तुलना में छौंक के बराबर है. दिल्ली में कई जगह यमुना के खादरों में में किसान थोड़ी-थोड़ी सब्जी उगाते हैं, लेकिन वो मंडी की जरूरतों के हिसाब से बेहद कम है.

सबसे ज़्यादा रुलाएगा आलू- आलू किसान और थोक कारोबारी आमिर का कहना है कि यह मौसम नए आलू का है. पंजाब से दिल्ली में 200 गाड़ी तक आलू रोज आता था, लेकिन आंदोलन के चलते यह संख्या घटकर 50 रह गई है. बॉर्डर सील होने पर जो नया आलू 40 रुपये किलो और पुराना आलू 45 से 50 रुपये किलो तक बिक रहा था उसे दाम आसमान छूने लगेंगे. आलू के साथ ही टमाटर भी दाम के मामले में और सुर्ख हो जाएगा. अभी तक थोक में 30 से 32 रुपये किलो तक बिक रहा था. लेकिन इसका भी थोक भाव अगले दो-चार दिन में 60 रुपये से भी ऊपर जाने की आशंका है.
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