किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के हैं कई फायदे, बैंक करें अनाकानी तो ऐसे करें शिकायत

किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के कई फायदे हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के कई फायदे हैं.

किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों, पशुपालक और मछलीपालकों को कई तरह के लाभ मिलते हैं. लेकिन, किसानों की शिकायत है कि कुछ बैंक उनका केसीसी बनाने या कृषि लोन देने में आनाकानी करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 8, 2020, 5:49 AM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan Samman Scheme) के तहत केंद्र सरकार 11 करोड़ किसानों को सालाना 6,000 रुपये उनके खाते में ट्रांसफर करती है. इन 11 करोड़ किसानों की जमीन का रिकॉर्ड और उनक बायोमेट्रिक केंद्र सरकार के पास मौजूद है. ऐसे में इनके लिए किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) बनवाना बेहद सरल है. मोदी सरकार भी चाहती है कि पीएम-किसान स्कीम के सभी लाभार्थियों का किसान क्रेडिट कार्ड बन जाए. सरकार ने मार्च 2021 तक देश के किसानों को कुल 15 लाख करोड़ रुपये का कृषि लोन बांटने का लक्ष्य रखा है. वर्तमान में देश में करीब 8 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड धारक ही हैं.

केंद्र सरकार की इस योजना की जमीनी हकीकत कुछ और ही है.  KCC को लेकर कई बैंकों के रवैये से किसान परेशान हो चुके हैं. किसानों का कहना है कि बैंक किसान क्रेडिट कार्ड बनाने में आनाकानी करते हैं. यही नहीं, ​अगर किसी किसान के पास कार्ड है फिर भी उन्हें बैंक की तरफ से लोन नहीं मिलता है. ऐसे किसानों के लिए हम इसका समाधान बता रहे हैं. अगर कोई बैंक किसी योग्य किसान को क्रेडिट कार्ड बनाने या केसीसी धारक को कृषि लोन देने से मना करता है तो सरकार से इसकी शिकायत की जा सकती है.

कैसे करें शिकायत?
भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक, किसान के आवदेन करने के 15 दिन के अंदर बैंक को यह कार्ड जारी करना होता है. अगर 15 दिन भीतर यह कार्ड जारी नहीं होता है तो बैंक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. किसान इसके लिए बैंकिंग लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं. उस बैंकिंग लोकपाल से शिकायत की जा सकती है, जिसके अधिकारी क्षेत्र में बैंक ब्रांच या कार्यालय स्थित है.
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आरबीआई की वेबसाइट https://cms.rbi.org.in/ पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. सरकार ने किसान हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. ये नंबर 0120-6025109 / 155261 है. इसके अलावा ईमेल (pmkisan-ict@gov.in) के माध्यम से हेल्प डेस्क से भी संपर्क किया जा सकता है.

कौन ले सकता है KCC
अब केसीसी सिर्फ खेती-किसानी तक सीमित नहीं है. पशुपालन और मछलीपालन भी इसके तहत 2 लाख रुपये तक का कर्ज मिल सकेगा. खेती-किसानी, मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति, भले ही वो किसी और की जमीन पर खेती करता हो, इसका लाभ ले सकता है. न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 75 साल होनी चाहिए. किसान की उम्र 60 साल से अधिक है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा. जिसकी उम्र 60 से कम हो. किसान के फॉर्म भरने के बाद बैंक कर्मचारी देखेगा कि आप इसके लिए योग्य हैं या नहीं.

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केसीसी के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदक किसान है या नहीं. इसके लिए उसका राजस्व रिकॉर्ड देखा जाएगा. उसकी पहचान के लिए आधार, पैन, फोटो ली जाएगी और तीसरा उसका एफीडेविड लिया जाएगा कि किसी बैंक में आवेदक का कर्ज तो बकाया नहीं है. सरकार ने बैंकिंग एसोसिएशन से केसीसी बनाने के काम में तेजी लाने को कहा है. सरकार की सलाह पर ही बैंकों ने इसकी प्रोसेसिंग फीस खत्म कर दी है. जबकि पहले केसीसी बनवाने के लिए 2 से 5 हजार रुपये तक का खर्च आता था.
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