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    आम आदमी के लिए बड़ी खबर: दशहरा और दिवाली से पहले महंगा होने लगा सरसों का तेल, जानिए क्यों

    सरसों के तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है.
    सरसों के तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है.

    पॉम ऑयल पर पाबंदी (Ban on Palm Oil) के बाद लॉकडाउन के दौरान सप्‍लाई चेन की दिक्‍कतों के कारण पहले ही सरसों के तेल की कीमतों (Mustard Oil Price) में इजाफा हो चुका है. अब 1 अक्‍टूबर 2020 से ब्‍लेंडिंग पर लगाई (Blending Ban) गई रोक के बाद सरसों के तेल के दाम बढ़ना (Price Hike) तय माना जा रहा है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 7, 2020, 9:29 AM IST
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    नई दिल्ली. देश में पाम ऑयल पर लगी पाबंदियों (Palm Oil Ban) के चलते जनवरी 2020 में ही सरसों के तेल के दामों (Mustard Oil Prices) में बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई थी. इसके बाद लॉकडाउन (Lockdown) में सरसों के तेल की की कीमत बढ़नी शुरू हो गई. अब 1 अक्‍टूबर 2020 को सरसों के तेल में ब्‍लेंडिंग पर लगाए गए प्रतिबंध (Blending Ban) के बाद कीमतों में वृद्धि (Price Hike) होना तय माना जा रहा है. अगर ऐसा हुआ तो आपकी रसोई का हर महीने का बजट (Kitchen Budget) बढ़ जाना भी तय है.

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    अक्‍टूबर के आखिर और नवंबर की शुरुआत में बढ़ने लगेगी कीमत
    सरसों के तेल में ब्लेंडिंग बंद होने से एक तरफ उपभोक्‍ताओं को फायदा होगा तो कीमतें बढ़ने से लोगों को अपनी जेब ज्‍यादा ढीली करनी पड़ेगी. कारोबारियों की मानें तो दीपावली और उसके बाद शादियों के सीजन के चलते अक्टूबर 2020 के आखिर और नवंबर की शुरुआत से सरसों के तेल की कीमतों में तेजी दिखाई देनी शुरू हो जाएगी. सरसों के तेल के खुदरा कारोबारी (Retailer) हाजी इलियास का कहना है कि जनवरी 2020 में पाम ऑयल पर लगी पाबंदियों के चलते सरसों के तेल के दाम 120 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए थे. एक साल पहले इसी तेल के दाम 80 से 105 रुपये प्रति लीटर तक थे.
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    कम हुआ है सरसों का उत्‍पादन, 150 रुपये तक हो सकती है दाम
    इलियास के मुताबिक, जनवरी 2020 में लगा कि नई सरसों आने पर तेल के दाम घट जाएंगे. हालांकि, नई सरसों से कीमत घटने की उम्मीद पूरी होने ही वाली थी तो एक अच्छी और एक बुरी खबर के चलते दाम गिरने की कोई आस नहीं बची. बुरी खबर यह है कि सरसों का उत्पादन इस साल कम हुआ है. दूसरा यह कि FASSI ने सरसों के तेल में ब्लेंडिंग पर रोक लगा दी. अब तेल के दाम 130 से 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुके हैं.

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    सरसों के तेल में दूसरे तेलों का तय मात्रा में किया जाता है मिश्रण
    फूड इंस्पेक्टर (रिटायर्ड) केसी गुप्ता ने बताया कि तय मात्रा के तहत सरसों के तेल में मिलाए जाने वाले दूसरे तेलों के मिश्रण को ब्लेंडिंग कहते हैं. अभी तक सरसों के तेल में 20 फीसदी तक ब्लेंडिंग होती थी. अब केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी है. इसके पीछे सरकार का तर्क है कि एक तो बिना दूसरे कीमिलावट वाला तेल इस्तेमाल होने से सरसों की खपत बढ़ेगी. दूसरे, कुछ लोग ब्लेंडिंग की आड़ में मिलावट का धंधा चला रहे थे, लेकिन अब लोगों को प्‍योर सरसों का तेल मिलेगा.
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