आज आ रही 'ईज ऑफ डूइंग रेटिंग' सुधरने से आपको होंगे ये फायदे, जानें!

आज आ रही 'ईज ऑफ डूइंग रेटिंग' सुधरने से आपको होंगे ये फायदे, जानें!
इस बार भारत की रैंक 100 से गिरकर 80 के स्तर पर आने की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे देश की इकोनॉमी को तो सहारा मिलेगा ही, इससे विदेशी निवेश बढ़ने से शेयर बाजार में भी तेजी आएगी.

इस बार भारत की रैंक 100 से गिरकर 80 के स्तर पर आने की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे देश की इकोनॉमी को तो सहारा मिलेगा ही, इससे विदेशी निवेश बढ़ने से शेयर बाजार में भी तेजी आएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2018, 12:07 PM IST
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वर्ल्ड बैंक आज ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रेटिंग जारी करेगा. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत की रैंकिंग और बेहतर हो सकती है. इस बार भारत की रैंक 100 से गिरकर 80 के स्तर पर आने की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे देश की इकोनॉमी को तो सहारा मिलेगा ही, इससे विदेशी निवेश बढ़ने से शेयर बाजार में भी तेजी आएगी. लिहाजा निवेशकों को इन्वेस्टमेंट पर मोटे रिटर्न मिलेंगे. इसके अलावा विदेशी निवेश बढ़ने से देश में रोजगार के नए अवसर बनेंगे.

वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया वीपी (वाइस प्रेसीडेंट) एनेट डिक्‍सन का कहना है कि जब भी किसी देश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में सुधार आता है, तो इसका सीधा फायदा वहां की इकोनॉमी को मिलता है. इससे न सिर्फ SMEs को फायदा मिलता है, बल्‍क‍ि रोजगार भी बढ़ता है.

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बढ़ेगा रोजगार



एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में कारोबारी माहौल बेहतर होने से दुनियाभर की कंपनियां तेजी से भारत में निवेश बढ़ा सकती हैं. ऐसे में देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. वर्ल्ड बैंक की एनेट डिक्‍सन भी कहती हैं कि एसएमई के मजबूत होने का फायदा देश में रोजगार के मौके बढ़ने के तौर पर मिलेगा.

शेयर बाजार में मिलेगा बड़ा रिटर्न
अमेरिका-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी) की नई अध्यक्ष निशा देसाई बिस्वाल का कहना है कि वर्ल्ड बैंक का भारत की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रेटिंग सुधारना बड़ा महत्वपूर्ण है. इससे भारत को और अधिक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित करने में मदद मिलेगी. एफडीआई पानी की तरह है. वह उस रास्ते पर बढ़ता है, जहां कम से कम प्रतिरोध हो. इसलिये जितना आप प्रतिरोधों को कम करेंगे, उतना ही एफडीआई तेज होगा. बिस्वाल अमेरिका के पिछले ओबामा प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया क्षेत्र की सहायक विदेश मंत्री रह चुकीं हैं.

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महंगाई घटेगी
कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर सुब्रमण्यम पशुपति ने न्यूज18इंडिया को बताया कि विदेशी निवेश बढ़ने से भारत के रुपए को मजबूती मिलेगी. इससे इंपोर्ट करना सस्ता हो जाएगा. लिहाजा देशवासियों पर महंगाई बोझ कम हो जाएगा.

छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा
डिस्‍कन के मुताबिक छोटे कारो‍बारियों को रैंकिंग सुधरने का सीधा फायदा मिलता है. दरअसल रैंकिंग सुधरना इस तरफ इशारा करता है कि देश में कारोबार के लिए माहौल सरल हो रहा है. इस माहौल से छोटे कारोबारियों को अपना कारोबार करने में आसानी होती है. इससे उनका व्‍यापार भी बढ़ता है. जिसका फायदा इकोनॉमी को मिलता है.

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