आपने भी इस सरकारी स्कीम में किया है निवेश तो जान लें ये 10 नियम, वरना हो सकता है नुकसान

आपने भी इस सरकारी स्कीम में किया है निवेश तो जान लें ये 10 नियम, वरना हो सकता है नुकसान
पब्लिक प्रोविडेंट फंड

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) में निवेश पर 7.9 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. हर साल 1.5 लाख रुपये तक के निवेश को इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act.) के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट क्लेम किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2019, 2:20 PM IST
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नई दिल्ली. लंबे समय में निवेश के लिए अभी भी कई लोगों का भरोसा पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) में है. खासतौर पर लोगों की दिलचस्पी इसलिए भी बढ़ती जा रही है क्योंकि हाल ही में सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के ​लिए PPF पर मिलने वाले ब्याज दर (Interest Rate on PPF) में कोई ​बदलाव नहीं किया है. मौजूदा समय में PPF पर 7.9 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है. पीपीएफ के निवेश पर सुरक्षा समेत टैक्स छूट भी मिलता है. अगर आप पीपीएफ में प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक का निवेश करते हैं तो आपको इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act.) के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है. आज हम आपको पीपीएफ निवेश से जुड़ी ऐसी 10 बातें बताने जा रहे हैं, जिसे आप नहीं जानते होंगे.

1. आप ज्वांइट रूप से पब्लिक प्रोविडेंट अकाउंट नहीं खोल सकते हैं.

2. कोई भी माता-पिता या फिर गार्जियन छोटे बच्चों के लिए पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं. लेकिन, इस बात का ध्यान देना होगा कि अगर माता-पिता या गार्जियन के नाम पर भी पीपीएफ अकाउंट है तो वो दोनों खातों को मिलाकर अधिकत 1.5 लाख रुपये तक का ही निवेश कर सकते हैं.



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3. अगर नाबालिग बच्चों के खाते में माता-पिता अपने इनकम से निवेश करते हैं तो उन्हें वे इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act.) के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं.

4. जब नाबालिग बच्चा 18 साल का हो जाता है तो एक एप्लिकेशन जमा कर स्टेटस नाबालिग से बालिग में बदला जा सकता है. इसके लिए बच्चे का सिग्नेचर माता-पिता द्वारा प्रमाणित किया जाना चाहिए. इसके बाद बालिग उस पीपीएफ खाते का ऑपरेशन स्वतंत्र रूप से कर सकता है.

5. अप्रवासी भारतीय (NRI) नया पीपीएफ अकाउंट नहीं खोल सकते हैं. हालांकि, विदेश जाने से पहले उनके पास पहले से ही पीपीएफ खाता है तो वो इस खाते को जारी रख सकते हैं. उन्हें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि विदेश जाने के बाद वे अपने पीपीएफ खाते में नया​ निवेश नहीं कर सकते हैं.

6. पीपीएफ खाते पर ब्याज हर माह की 5 तारीख और महीने के अंत में रखे गए न्यूनतम बैलेंस के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है. ऐसे में सब्सक्राइबर को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वो हर माह के 5वीं तारीख से पहले ही ​निवेश रकम जमा करें.

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7. पीपीएफ खाते में निवेश शुरू करने के सातवें साल से आप इसका कुछ हिस्सा निकाल (Partial Withdrawal) सकते हैं.

8. यह निकासी आप तब भी कर सकते हैं जब आपका की मैच्योरिटी अवधि 15 साल से अधिक बढ़ी हो.

9. पीपीएफ अकाउंट की मैच्योरिटी अवधि को आप 15 साल के आगे तक के लिए भी बढ़ा सकते हैं. पीपीएफ अकाउंट पर आपको तब तक ब्याज मिलता है जबतक की अकाउंट बंद नहीं किया गया हो.

10. अगर पीपीएफ अकाउंट होल्डर 15 साल की अ​वधि के बाद भी इसे जारी रखना चा​हता हे तो इसके लिए उन्हें फॉर्म एच भरना होगा. इस फॉर्म को मैच्योरिटी पूरा होने के एक साल अंदर भरना होगा.
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