एक्सपर्ट्स की राय में नोटबंदी से हुए ये फायदे...

नोटबंदी को दो साल पूरे होने के मौके पर एक्सपर्ट्स बता रहे हैं मोदी सरकार के इस कदम से हुए फायदों के बारे में...

News18Hindi
Updated: November 8, 2018, 3:02 PM IST
एक्सपर्ट्स की राय में नोटबंदी से हुए ये फायदे...
नोटबंदी को दो साल पूरे होने के मौके पर एक्सपर्ट्स बता रहे हैं मोदी सरकार के इस कदम से हुए फायदों के बारे में...
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Updated: November 8, 2018, 3:02 PM IST
नोटबंदी को आज दो साल पूरे हो चुके हैं और अब भी इस बात पर चर्चा हो रही है कि आखिर देश को इससे क्या हासिल हुआ. सरकार ने नोटबंदी के पीछे कालेधन, नकली करंसी और आतंकवाद पर नकेल कसने के अलावा कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने को बड़ी वजह बताया था. हम आपको बताते हैं नोटबंदी से हुए फायदों के बारे में..

होम लोन सस्ता हुआ
होम लोन की ब्याज दरों में 3% तक की गिरावट आई. कैपिटल सिंडिकेट के मैनेजिंग पार्टनर सुब्रमण्यम पशुपति ने न्यूज18इंडिया को बताया कि नोटबंदी से होम लोन सस्‍ता करने में बड़ी मदद मिली है. नोटबंदी की वजह से बैंकों में काफी बड़ी मात्रा में डिपॉजिट आया है. इसका फायदा बैंकों ने आम आदमी को सस्‍ते कर्ज के तौर पर दिया. ये इसी से साबित होता है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल हाउसिंग दरों में 3 फीसदी तक कमी आई है. पिछले साल ये दरें जहां 10.5 फीसदी से लेकर 12 फीसदी तक थीं, अब ये 8 से 9 फीसदी पर आ गई हैं.

कैशलेस ट्रांजैक्शन बढ़ा

नोटबंदी के चलते कैशलेश ट्रांजैक्‍शन बढ़ने में काफी मदद मिली है. नोटबंदी के दौरान कैश की किल्‍लत होने से न सिर्फ लोगों ने ज्‍यादा डिजिटल ट्रांजैक्‍शन किए, बल्कि सरकार की तरफ से भी इसके प्रोत्‍साहन के लिए काफी कदम उठाए गए. अक्टूबर में देश में कैशलेस ट्रांजैक्शन ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह इस बार दिवाली सीजन में लोगों द्वारा डेबिट, क्रेडिट, मोबाइल बैंकिंग से लेकर दूसरे कैशलेस ट्रांजैक्शन के जरिए खरीदारी करना है.

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मोबाइल बैंकिंग के जरिए पैसे के लेनदेन में भी जबर्दस्त उछाल आया है. अगस्त 2018 में मोबाइल बैंकिंग के जरिए 2.06 लाख करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ जोकि अक्टूबर 2016 के 1.13 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 82 प्रतिशत ज्यादा है.
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99.30 फीसदी नोट वापस
नोटबंदी को लागू करते वक्त सबसे बड़ा तर्क दिया गया था कि देश में जिन लोगों के पास काला धन है वे लोग उन पैसो को बैंकों में जमा नहीं करेंगे और वे पैसे बेकार हो जाएंगे. हालांकि हुआ उसका ठीक उल्टा. दो महीने पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि नोटबंदी के दौरान बंद हुए लगभग सभी पुराने नोट वापस आ चुके हैं. आरबीआई ने अपनी एनुअल जनरल रिपोर्ट में कहा कि कुल 99.30 फीसदी 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट वापस आ चुके हैं. यानी कालेधन को लेकर जो दावा किया था वह भी कही नहीं टिका.

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टैक्स भरनेवालों में इजाफा
वित्त वर्ष 2017-18 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त की समाप्ति पर प्राप्त कुल रिटर्न की संख्या 71% बढ़कर 5.42 करोड़ रही. अगस्त 2018 तक दाखिल आयकर रिटर्न की संख्या 5.42 करोड़ है जो 31 अगस्त 2017 में 3.17 करोड़ थी. यह दाखिल रिटर्न की संख्या में 70.86% वृद्धि को दर्शाता है.
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